चौथी बार नेशनल अवॉर्ड जीतकर भावुक हुए ममूटी, बेटे दुलकर सलमान से में पूछा- 'क्या तुमने कुछ जीता है?'
Mammootty Wins National Film Award: 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के विनर्स का अनाउंसमेंट हो चुका है. इस बार भी मलयालम एक्टर ममूटी (Mammootty) ने इतिहास रच दिया. उन्होंने चौथी बार नेशनल अवॉर्ड जीता है. उन्हें फिल्म'ब्रमायुगम' में उनके शानदार एक्टिंग के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला है. इस अचीवमेंट पर ममूटी ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है. वहीं दूसरी तरफ उनके बेटे और एक्टर दुलकर सलमान ने भी खास अंदाज में पिता को बधाई दी. दुलकर की पोस्ट में पिता-पुत्र के बीच की मजाकिया बातचीत ने फैंस का दिल जीत लिया. ममूटी को चौथी बार नेशनल अवॉर्ड जीतने पर हर तरफ से ढेरों बधाई मिल रही है
चौथी बार नेशनल अवॉर्ड जीतकर जताई खुशी
नेशनल अवॉर्ड की अनाउंसमेंट के बाद ममूटी ने अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर फिल्म 'ब्रमायुगम' से एक तस्वीर शेयर की. इसके साथ उन्होंने फिल्म की पूरी टीम और नेशनल अवॉर्ड्स विनर्स को बधाई दी. उन्होंने पोस्ट में धनुष, वैकोम विजयालक्ष्मी, शहनाद जलाल और राजकुमार केपी को शुभकामनाएं दीं. साथ ही 'फेमिनिची फातिमा' और 'भद्र काली नाटकम' की टीम की भी सराहना की. ममूटी ने लिखा कि सभी विनर्स इस सम्मान के हकदार हैं. उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर राहुल सदाशिवन और पूरी 'ब्रमायुगम' टीम का भी शुक्रिया अदा किया. जिन्होंने उन्हें कोडुमोन पोट्टी जैसा चैलेंजिंग किरदार निभाने का मौका दिया.
'ब्रमायुगम' में निभाया था दमदार किरदार
'ब्रमायुगम' एक ब्लैक-एंड-व्हाइट साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म है, इसका डायरेक्शन राहुल सदाशिवन ने किया था.इसमें ममूटी ने कोडुमोन पोट्टी का किरदार निभाया, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया. उनकी स्क्रीन प्रेजेंस, एक्टिंग और किरदार की गहराई को इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बताया जाता है. इस फिल्म के किरदार के लिए ही उन्हें चौथी बार नेशनल अवॉर्ड दिया गया है.
Heartfelt congratulations to @dhanushkraja , Vaikom Vijayalakshmi, Shehnad Jalal, @Rajkumar_KP , Team Feminichi Fathima, Team Bhadra Kali Natakam, and all the winners of the coveted National Awards. Truly well deserved!
— Mammootty (@mammukka) July 18, 2026
Thanks Team #Bramayugam and Rahul Sadasivan for entrusting… pic.twitter.com/l2ivPHdNgA
दुलकर सलमान की पोस्ट ने जीता दिल
पिता की इस अचीवमेंट पर एक्टर दुलकर सलमान भी बेहद खुश नजर आए. उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने पिता ममूटी की तस्वीर शेयर करते हुए अपने पिता और खुद के बीच एक काल्पनिक बातचीत शेयर कर लिखा, एक और? जी पापा! ये तो आपका चौथा अवॉर्ड है! 'वाह! आपका क्या हाल है? कुछ जीता? नहीं! 'कोई दबाव नहीं बेटा! तुम जो चाहो करो.' दुलकर का यह अंदाज सोशल मीडिया पर लोगों को खूब पसंद आया. फैंस ने इसे पिता-पुत्र के खूबसूरत रिलेशन की झलक बताया.
तीन बार मिल चुका है नेशनल अवॉर्ड
ममूटी को इससे पहले भी तीन बार नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. उन्हें 'मथिलुकल' और 'ओरु वडक्कन वीरगाथा' (1989), 'पोंथन माडा' और 'विधेयन' (1993) और 'डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर' (1998) में शानदार एक्टिंग के लिए यह सम्मान मिला था. अब उन्हें 'ब्रमायुगम' के लिए चौथी बार अवॉर्ड मिला है. इसके साथ ही वह इंडियन सिनेमा के सबसे सम्मानित एक्टर्स में अपनी जगह और मजबूत कर चुके हैं. आपको बता दें कि नेशनल अवॉर्ड के अलावा इसी साल 2026 में ममूटी को देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण मिला था. यह सम्मान उन्हें फिल्मों में उनके लंबे योगदान और इंडियन सिनेमा को नई पहचान देने के लिए दिया गया था.
मानसून सत्र से पहले क्यों शुरू हुई सियासी तकरार? इस पार्टी को आमंत्रित करने पर भड़का विपक्ष
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) को आमंत्रित करके के सरकार के निर्णय का बचाव किया है. दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने अलग होकर एनसीपीआई का गठन किया. इन बागी सांसदों को बैठक में बुलाए जाने के विरोध मे कई विपक्षी दलों ने सांकेतिक वॉकआउट किया. हालांकि, अपना विरोध दर्ज कराने के बाद वे वापस बैठक में वापस लौट आए.
राजनीतिक दल को अपनी बात रखने का अधिकार है: रिजिजू
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में रिजिजू ने जानकारी दी कि सरकार ने पूरी तरह से संसदीय नियमों का पालन किया है. विपक्ष के विरोध को लेकर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि एनसीपीआई ने लोकसभा अध्यक्ष से मान्यता देने की गुजारिश की है. आप इसे किस तरह से नजरअंदाज कर सकेंगे? बैठक में सभी को आमंत्रित करना सरकार का कर्तव्य है. मानसून सत्र के लिए के लिए विपक्ष से सहयोग की अपील की गई है. आपको बता दें कि सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र के लिए आठ बिल सूचीबद्ध किए गए हैं. इसके अलावा यदि कोई अन्य विधायी कार्य होता है, तो उसे संसदीय नियमों के अनुसार ही लिया जाने वाला है. रिजिजू के अनुसार, सभी दलों से सहयोग की अपील की गई है. उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को अपनी बात रखने का अधिकार है.
उन्होंने जानकारी दी कि सरकार ने बैठक में विभिन्न दलों की ओर से रखे गए विचारों और सुझावों को गंभीरता से सुना. विपक्ष के वॉकआउट पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि यह केवल एक सांकेतिक कदम था.
उन्हें यह उम्मीद है कि सभी विपक्षी दल समझदारी से काम करने वाले हैं. सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने देंगे. उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया कि संख्या बल के आधार पर चर्चा होती है, मगर किसी को उसके अधिकारों से वंचित नहीं रखा जा सकता है.
टीएमसी ने उठाए सवाल
इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से एनसीपीआई बनाने वाले 20 बागी टीएमसी सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था की अनुमति दे दी गई है. इसके बाद से विपक्षी दलों ने वॉकआउट किया था. टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सरकार के इस कदम की आलोचना की है. महुआ के अनुसार, स्पीकर ने अब तक इन बागी सांसदों के विलय को मंजूर नहीं किया है. उनके खिलाफ अयोग्यता की याचिकाएं अभी भी लंबित हैं. उन्होंने तर्क दिया कि टेबल ऑफिस की ओर दी गई सूची में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 28 बताई है. 91वें संशोधन के बाद किसी अलग गुट के लिए किसी तरह की जगह नहीं बचती. ऐसे में संसदीय कार्य मंत्री ने इन 20 बागी सांसदों को किस आधार बुलाया. टीएमसी के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने इस निमंत्रण पर आपत्ति दर्ज की है.
एनसीपीआई ने क्या तर्क दिया?
एनसीपीआई नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने बैठक में अपनी पार्टी की भागीदारी का बचाव किया. उन्होंने कहा कि पार्टी सरकार की ओर से आधिकारिक निमंत्रण मिलने के बाद इस बैठक में शामिल हुई है. गौरतलब है कि शनिवार को किरेन रिजिजू ने टीएमसी के बागी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय और एनसीपीआई में शामिल हुए. लोकसभा सांसदों को मानसून सत्र से पहले होने वाली इस पारंपरिक सर्वदलीय बैठक के लिए आमंत्रित किया था.
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