परिसीमन विधेयक पर NDA को मिला डीएमके का साथ? सर्वदलीय बैठक में क्या हुई चर्चा
सर्वदलीय बैठक से विपक्ष ने थोड़े समय के लिए वॉकआउट कर दिया था. इसके बाद वे वापस आए और सत्र में पेश होने वाले विधेयकों पर विस्तृत चर्चा हुई। विपक्ष ने भी राम मंदिर चढ़ावा चोरी और सोनम वांगचुक का मुद्दा उठाया।
12 Jyotirlinga Darshan: क्या आप जानते हैं 12 ज्योतिर्लिंगों का रहस्य? जानें क्यों इन्हें माना जाता है शिव का साक्षात स्वरूप
12 Jyotirlinga: सनातन धर्म में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा को परम सौभाग्य माना गया है। 'ज्योतिर्लिंग' का अर्थ है 'शिव का प्रकाश'। मान्यता है कि जो भक्त इन 12 पवित्र स्थानों के दर्शन करता है, उसके समस्त पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। पुराणों के अनुसार, भगवान शिव यहाँ 'प्रकाश के स्तंभ' के रूप में स्वयं प्रकट हुए थे।
क्या है ज्योतिर्लिंग का रहस्य?
शिव पुराण के अनुसार, एक बार भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु के बीच अपनी श्रेष्ठता को लेकर विवाद हो गया था। तब भगवान शिव एक अनंत अग्नि स्तंभ (ज्योति) के रूप में प्रकट हुए। उस स्तंभ का अंत खोजने के लिए ब्रह्माजी ऊपर की ओर और विष्णुजी नीचे की ओर गए, लेकिन वे इसका आदि-अंत न पा सके। जहाँ-जहाँ शिव की वह ज्योति गिरी, वहां-वहां 'ज्योतिर्लिंग' स्थापित हो गए।
भारत के प्रमुख 12 ज्योतिर्लिंग
ये 12 ज्योतिर्लिंग न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि वास्तु और ऊर्जा के अद्भुत संगम हैं:
- सोमनाथ (गुजरात) - पहला ज्योतिर्लिंग।
- मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश) - श्रीशैलम पर्वत पर स्थित।
- महाकालेश्वर (मध्य प्रदेश) - उज्जैन की पावन नगरी में।
- ओंकारेश्वर (मध्य प्रदेश) - नर्मदा नदी के तट पर।
- केदारनाथ (उत्तराखंड) - हिमालय की गोद में।
- भीमाशंकर (महाराष्ट्र) - सह्याद्रि पर्वत पर।
- काशी विश्वनाथ (उत्तर प्रदेश) - वाराणसी (काशी)।
- त्र्यंबकेश्वर (महाराष्ट्र) - गोदावरी नदी के उद्गम स्थल पर।
- वैद्यनाथ (झारखंड) - मनोकामना लिंग के रूप में प्रसिद्ध।
- नागेश्वर (गुजरात) - द्वारका के निकट।
- रामेश्वरम (तमिलनाडु) - भगवान राम द्वारा प्रतिष्ठित।
- घृष्णेश्वर (महाराष्ट्र) - औरंगाबाद के पास।
क्यों खास है इनकी यात्रा?
ज्योतिर्लिंगों की महिमा केवल मंदिरों तक सीमित नहीं है। प्रत्येक ज्योतिर्लिंग के पीछे एक विशिष्ट पौराणिक कथा है, जो हमें बुराई पर अच्छाई की विजय और भक्ति की शक्ति सिखाती है। कहा जाता है कि इन स्थानों पर ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) का संचार सबसे अधिक होता है, जो ध्यान और तपस्या के लिए उत्तम स्थान माने जाते हैं।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह जानकारी पौराणिक ग्रंथों और लोक मान्यताओं पर आधारित है। ज्योतिर्लिंगों की यात्रा करने से पहले संबंधित मंदिरों की यात्रा गाइडलाइन और दर्शन के समय की जानकारी आधिकारिक वेबसाइटों से अवश्य प्राप्त करें।
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