अमेरिका (US) और ईरान के बीच एक-दूसरे पर हमले जारी हैं। इसी बीच, तेहरान ने कहा कि पिछले महीने वॉशिंगटन के साथ हुआ समझौता (MoU) अब 'खत्म' हो गया है। ईरान ने अमेरिका पर उस शांति समझौते का 'उल्लंघन' करने का आरोप लगाया है, जिसका मकसद मध्य पूर्व में चार महीने से ज़्यादा समय से चल रहे टकराव को सुलझाना था। फार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, ईरान के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने एक बयान में कहा कि अमेरिका ने इस्लामाबाद MoU के तहत किए गए अपने सभी वादों का उल्लंघन किया है और उन्हें रोक दिया है। उन्होंने कहा कि हमने भी अपने वादों को रोक दिया है; हम उन्हें लागू नहीं कर रहे हैं और देश की रक्षा में लगे हुए हैं।
ईरान के इस ऐलान से मध्य पूर्व में हालात और अस्थिर हो सकते हैं, जहाँ 28 फरवरी को टकराव शुरू होने के बाद से ही स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ दिनों बाद हुआ है जिसमें उन्होंने कहा था कि वॉशिंगटन अब ईरान के साथ युद्धविराम में दिलचस्पी नहीं रखता है, क्योंकि इस्लामिक रिपब्लिक ने समझौते का उल्लंघन किया है।
वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने शनिवार को एक नए बयान में चेतावनी दी कि अगर अमेरिका हमले जारी रखता है तो उसे ऐसा सबक सिखाया जाएगा, जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगा। युद्ध शुरू होने के बाद से खामेनेई अभी तक सामने नहीं आए हैं, लेकिन उनके इस बयान को सरकारी टेलीविजन पर पढ़कर सुनाया गया। खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर को भी बेकार और अमान्य बताया। इससे पहले शनिवार को ही ईरान के एक वार्ताकार ने कहा था कि तेहरान करीब एक महीने पहले दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते को अब नहीं मानेगा और अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर रहा है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना था।
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