कंगना के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान पर भड़के बाबा रामदेव:बोले- उनकी जवानी और पहले के कारनामे कैसे रहे हैं?; ये बिगड़े दिमाग की निशानी
योग गुरु बाबा रामदेव ने Gen Z को लेकर कंगना रनोट के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को ‘गटर जेनरेशन’ कहना खराब मानसिकता को दर्शाता है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने Gen Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ओह... उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, Gen Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है।” इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए। जब सवाल पूछा गया कि वो आपके योग की प्रशंसक रही हैं तो बाबा रामदेव ने कहा कि “नहीं, मेरी प्रशंसा करें, योग की प्रशंसा करें तो मैं उनके गुनाहों पर यहां लीपापोती कर दूं?” बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि किसी भी जाति, वर्ग, समुदाय आज युवा कोई जाति नहीं है। युवा में सब हैं। उसमें ब्राह्मणों के भी बालक हैं, क्षत्रियों के भी, वैश्यों के भी, दलित के भी, आदिवासी-वनवासी के, SC-ST के, सबके बालक हैं। आज युवा अपने आप में एक बहुत बड़ी ताकत है, उसको कोई नकार नहीं सकता। और युवाओं ने तो अच्छों-अच्छों की चूलें हिला करके रख दी हैं। कंगना ने क्या कहा था दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, "सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं।" …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कंगना रनोट सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं:गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया; मुंबा देवी के भी दर्शन किए, देखें तस्वीरें बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट मंगलवार को मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं। उन्होंने मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और वहां कुछ समय बिताया। मंदिर दर्शन के दौरान कंगना पीली साड़ी में नजर आईं, जिस पर गोल्डन बॉर्डर था। उन्होंने इसके साथ मैचिंग ब्लाउज और ऑरेंज-गोल्डन दुपट्टा पहना था। लाल बिंदी, सिंपल ज्वेलरी और मिनिमल मेकअप से उन्होंने अपना लुक पूरा किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
DUSU चुनाव 2026 के लिए गाइडलाइन जारी:न्यूनतम अटेंडेंस 75%, पेपरलेस कैंपेन; नियम लगातार तोड़े तो चुनाव रद्द की चेतावनी
दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (DUSU) चुनाव 2026 के लिए मतदान 18 सितंबर को होगा, जबकि वोटों की गिनती 19 सितंबर को की जाएगी। नॉमिनेशन फाइल करने की लास्ट डेट 13 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक है। इसके बाद नॉमिनेशन पेपर्स की जांच तीन बजकर 15 मिनट तक की जाएगी और नॉमिनेटेड कैंडिडेट्स की फाइनल लिस्ट उसी दिन शाम 6 बजे तक जारी कर दी जाएगी। चुनाव से जुड़ी तारीखें जारी करने के साथ ही यूनिवर्सिटी ने आचार संहिता भी जारी कर दी है। डीयू चुनाव कैंपेन को लेकर इस साल के नियम : शिकायतों के लिए बनेगी सेल डूसू चुनाव से संबंधित शिकायतें दूर करने के लिए सेल बनाया जाएगा। इसकी अध्यक्षता डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर करेंगे। सेल में एक सीनियर टीचर, एक सीनियर प्रशासनिक अधिकारी और फाइनल ईयर का एक छात्र और एक छात्रा को शामिल किया जाएगा। चुनाव से जुड़ी आपत्तिजनक घटनाओं की सूचना पुलिस को 12 घंटे के अंदर देने का प्रावधान भी किया गया है। साल 2024 में पोस्टर हटाने का खर्च 1 करोड़ साल 2024 में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में प्रचार के लिए इस्तेमाल पोस्टर को हटाने का खर्चा दिल्ली नगर निगम ने एक करोड़ बताया था। इसकी जानकारी हाई कोर्ट को देते हुए भुगतान की मांग दिल्ली विश्वविद्यालय से की गई। इस विषय पर विवाद इसलिए बढ़ा क्योंकि उम्मीदवारों और छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय परिसर और आसपास की सार्वजनिक संपत्तियों पर बड़े पैमाने पर प्रचार सामग्री लगाई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले दीवारों और सार्वजनिक संपत्ति को साफ किए जाने तक DUSU चुनाव की मतगणना पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि पहले पोस्टर-बैनर हटाकर कचरा साफ किया जाए, उसके बाद मतगणना आगे बढ़े। 2024 DUSU चुनाव के दौरान हुई भारी तोड़फोड़/पोस्टरबाजी की सफाई का खर्च देखते हुए साल 2025 के चुनाव के लिए 1 लाख का एंटी-डिफेसमेंट बॉन्ड लागू किया गया था। यह पोस्टर हटाने का खर्च नहीं, बल्कि उम्मीदवार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए था। ये खबर भी पढ़ें जर्जर स्कूल में पढ़ने को मजबूर स्टूडेंट्स ने धरना दिया:अधिकारियों से पूछा- अगर आपके बच्चे होते, तो क्या आप उन्हें ऐसी ही सुविधा देते अलवर के थानागाजी क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जोधावास में छात्र-छात्राओं ने धरना शुरू कर दिया। 13–14 अगस्त 2026 को जर्जर भवन और स्कूल की दूसरी बुनियादी समस्याओं को लेकर विद्यार्थियों ने विरोध किया। पूरी खबर यहां पढ़ें
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