CBSE Class 10 Result: सीबीएसई 10वीं सेकंड बोर्ड का रिजल्ट जारी, 96.78% छात्र हुए पास, 60% विद्यार्थियों ने सुधारा अपना स्कोर
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने शैक्षणिक इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित करते हुए कक्षा 10वीं की 'सेकंड बोर्ड' परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है। इस बार की परीक्षा में कुल पास प्रतिशत शानदार 96.78 प्रतिशत दर्ज किया गया है। परीक्षा में शामिल हुए लगभग 6.68 लाख छात्र अब सीबीएसई के आधिकारिक रिजल्ट पोर्टल और डिजीलॉकर के माध्यम से अपना प्रोविजनल स्कोरकार्ड देख और डाउनलोड कर सकते हैं।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप शैक्षणिक सत्र 2026 से इस 'सेकंड बोर्ड' परीक्षा की शुरुआत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य कक्षा 10वीं के छात्र-छात्राओं को एक ही वर्ष के भीतर दो बार बोर्ड परीक्षा में बैठने और अपने अंकों को बेहतर करने का अवसर प्रदान करना है।
लगभग 60 फीसदी विद्यार्थियों के अंकों में आया जबर्दस्त सुधार
सीबीएसई द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सेकंड बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 6,64,027 छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 6,63,777 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 5,13,955 छात्रों ने मुख्य परीक्षा के मुकाबले अपने स्कोर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से परीक्षा दी थी, जिसमें से 3,08,095 छात्रों यानी कुल 59.95 प्रतिशत ने अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नियमित छात्रों का अंतिम परिणाम तैयार करते समय दोनों परीक्षाओं में से उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को ही मान्य माना गया है। इस नई व्यवस्था से छात्रों का मानसिक तनाव काफी कम हुआ है। इसके अतिरिक्त, कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत परीक्षा देने वाले 1,49,822 छात्रों में से 78,503 छात्र उत्तीर्ण हुए हैं, जिससे कंपार्टमेंट का पास प्रतिशत सुधरकर 52.40% हो गया है, जो पिछले साल के 48.68% से काफी बेहतर है।
डिजीलॉकर पर उपलब्ध हुए डिजिटल दस्तावेज; प्रिंटेड मार्कशीट को लेकर बोर्ड ने साझा की गाइडलाइंस
सीबीएसई ने परिणाम जारी करने के साथ ही डिजिटल और भौतिक मार्कशीट के वितरण को लेकर विस्तृत जानकारी दी है। बोर्ड के अनुसार, सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों के स्कूल-वार परिणाम उनके पंजीकृत ईमेल एड्रेस पर सीधे साझा किए जाएंगे, साथ ही स्कूल अपने मौजूदा लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करके सीबीएसई रिपोजिटरी से भी छात्रों के डिजिटल शैक्षणिक दस्तावेज हासिल कर सकते हैं। नियमित छात्रों के लिए प्रिंटेड मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट उनके संबंधित स्कूलों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे।
प्राइवेट उम्मीदवारों को उनके डिजिटल दस्तावेज डिजीलॉकर के माध्यम से मिलेंगे, जबकि प्रिंटेड कॉपियां उनके पंजीकृत पते पर डाक द्वारा भेजी जाएंगी। इसके अलावा, दिल्ली ईस्ट और दिल्ली वेस्ट रीजनल ऑफिस के तहत आने वाले छात्रों के लिए अलग से मुद्रित दस्तावेज संबंधित परीक्षा केंद्रों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। परिणाम के बाद की अन्य सेवाओं की जानकारी जल्द ही आधिकारिक सर्कुलर से दी जाएगी। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों को सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करने की सख्त हिदायत दी है।
दो अगस्त को दिल्ली में लगेगा देश का सबसे बड़ा मेगा ब्लड डोनेशन कैंप, वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य
2 अगस्त 2026 को राजधानी दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क में देश का सबसे बड़ा मेगा रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा. इस अभियान का उद्देश्य 'Genius Book of World Records' में नाम दर्ज कराना है. आयोजन के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी.
3,100 यूनिट रक्त एकत्र करने का लक्ष्य
फाउंडेशन के अनुसार, JMD टेंट, जापानी पार्क, सेक्टर-10, रोहिणी में सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाले इस शिविर में करीब 3,100 यूनिट रक्त एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है. इस वर्ष का अभियान भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को समर्पित है. अभियान का संदेश "A Drop for the Army" और "Every Drop Gives Someone a New Life" रखा गया है.
जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मिल सके
आयोजकों के अनुसार, एकत्रित रक्त Armed Forces Transfusion Centre (AFTC), AIIMS, सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, हिंदू राव अस्पताल, लायंस ब्लड सेंटर, रोटरी ब्लड सेंटर समेत अन्य अधिकृत ब्लड बैंकों और अस्पतालों को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मिल सके.
भारतीय सेना के जवानों को मदद मिलेगी
लक्ष्मी तरु फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष विपिन गर्ग ने कहा कि उनका लक्ष्य 3,100 यूनिट रक्त एकत्र कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाना है. उन्होंने कहा कि इससे हजारों मरीजों, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों और भारतीय सेना के जवानों को मदद मिलेगी.
रक्तदान को जनआंदोलन बनाने की पहल
फाउंडेशन के महासचिव अंकित गर्ग ने कहा कि यह सिर्फ रिकॉर्ड बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि देशभर में स्वैच्छिक रक्तदान को जनआंदोलन बनाने की पहल है. उन्होंने युवाओं, कॉलेजों, कॉर्पोरेट संस्थानों और सामाजिक संगठनों से बड़ी संख्या में अभियान से जुड़ने की अपील की.
सड़क सुरक्षा को भी बढ़ावा मिल सके
ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. महेश कुमार ने कहा कि एक यूनिट रक्त से तीन लोगों तक की जान बचाई जा सकती है और नियमित रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित है. वहीं, समाजसेवी आचार्य धर्मबीर ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि शिविर में जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क हेलमेट भी वितरित किए जाएंगे, ताकि सड़क सुरक्षा को भी बढ़ावा मिल सके.
शिविर में रक्तदान के अलावा स्वास्थ्य जांच, स्टेम सेल रजिस्ट्रेशन, थैलेसीमिया जागरूकता, नेत्रदान संकल्प अभियान और रक्तदाताओं के सम्मान की भी व्यवस्था होगी. रक्त संग्रह केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंकों द्वारा किया जाएगा तथा प्रत्येक रक्तदाता की चिकित्सकीय जांच के बाद ही रक्तदान कराया जाएगा.


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