Samsung ने अपने लेटेस्ट One UI 9.0 अपडेट में स्मार्टफोन सुरक्षा को पहले से कहीं अधिक मजबूत बना दिया है। यह नया सिक्योरिटी सिस्टम यूजर्स के निजी डेटा को साइबर अपराधियों और अनधिकृत एक्सेस से बचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। हालांकि, इसका असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है जो अक्सर अपने फोन का लॉक स्क्रीन पासवर्ड, PIN या पैटर्न भूल जाते हैं। ऐसे में अब छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
सिर्फ 13 गलत प्रयास और हमेशा के लिए लॉक होगा डिवाइस
नई सिक्योरिटी पॉलिसी के तहत यूजर को लॉक स्क्रीन अनलॉक करने के लिए सीमित मौके मिलेंगे। यदि लगातार अलग-अलग गलत पासवर्ड या PIN दर्ज किए जाते हैं, तो हर असफल प्रयास के साथ लॉकआउट का समय बढ़ता जाएगा। यदि कुल 13 अलग-अलग गलत प्रयास पूरे हो जाते हैं, तो फोन स्थायी रूप से लॉक हो जाएगा। इसके बाद डिवाइस को दोबारा उपयोग करने का एकमात्र विकल्प फैक्ट्री रीसेट होगा, जिससे फोन में मौजूद पूरा लोकल डेटा मिट जाएगा।
जानिए कितनी देर तक रहेगा फोन लॉक
Samsung ने हर असफल प्रयास के बाद अलग-अलग समय सीमा तय की है, जिससे कोई अनधिकृत व्यक्ति बार-बार पासवर्ड ट्राई न कर सके।
- 5 गलत प्रयास – 1 मिनट लॉक
- 6वां प्रयास – 5 मिनट
- 7वां प्रयास – 15 मिनट
- 8वां प्रयास – 30 मिनट
- 9वां प्रयास – 90 मिनट
- 10वां प्रयास – 4 घंटे
- 11वां प्रयास – 12 घंटे
- 12वां प्रयास – 24 घंटे
- 13वां गलत प्रयास – डिवाइस स्थायी रूप से लॉक
इस व्यवस्था का उद्देश्य ब्रूट-फोर्स अटैक जैसी तकनीकों को रोकना और यूजर की निजी जानकारी को सुरक्षित रखना है।
स्मार्ट मैकेनिज्म से नहीं होगी अनावश्यक परेशानी
Samsung ने इस फीचर में एक समझदारी भरा बदलाव भी किया है। यदि कोई यूजर एक ही गलत PIN या पासवर्ड को बार-बार दर्ज करता है, तो सिस्टम उसे बार-बार अलग प्रयास नहीं मानेगा। यानी एक जैसी गलत एंट्री केवल एक बार ही काउंट होगी। काउंटर तभी आगे बढ़ेगा जब अलग-अलग गलत PIN, पासवर्ड या पैटर्न दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा, जैसे-जैसे असफल प्रयासों की संख्या बढ़ेगी, स्क्रीन पर यह भी दिखाया जाएगा कि अब कितने मौके बाकी हैं।
डेटा सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये उपाय
नई सिक्योरिटी पॉलिसी को देखते हुए यूजर्स के लिए नियमित बैकअप लेना बेहद जरूरी हो गया है। Samsung Cloud या Smart Switch की मदद से फोन का बैकअप सुरक्षित रखा जा सकता है। यदि कभी फैक्ट्री रीसेट की नौबत आती है, तो बैकअप के जरिए फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट और अन्य जरूरी फाइलों को आसानी से दोबारा प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही, ऐसा पासवर्ड चुनें जिसे आप आसानी से याद रख सकें और जरूरत पड़ने पर उसे सुरक्षित स्थान पर नोट करके रखें।
सुरक्षा बढ़ी, लेकिन सावधानी भी जरूरी
Samsung का नया सिक्योरिटी सिस्टम स्मार्टफोन की सुरक्षा को एक नया स्तर देता है। यह फीचर साइबर हमलों और अनधिकृत एक्सेस को रोकने में प्रभावी साबित हो सकता है, लेकिन यूजर्स को अपने पासवर्ड और डेटा बैकअप को लेकर पहले से अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। सही तैयारी और नियमित बैकअप के साथ इस नई व्यवस्था का लाभ बिना किसी परेशानी के उठाया जा सकता है।
- डॉ. अनिमेष शर्मा
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दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलदीप कुमार को दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने को चुनौती देने वाली 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई। सीनियर वकील शादान फरासत ने चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के सामने इस मामले पर तुरंत सुनवाई की मांग रखी, जिस पर वे आज ही याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गए। यह याचिका AAP के उन आरोपों के बीच आई है जिनमें कहा गया है कि मंगलवार तड़के पुलिस कुलदीप कुमार को तब ले गई, जब वह एक सफाई कर्मचारी की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों का समर्थन कर रहे थे।
आप की दिल्ली यूनिट के प्रेसिडेंट सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सुबह करीब 4 बजे सादे कपड़ों में लगभग 20 पुलिसकर्मी आए और पूर्वी दिल्ली के विधायक कुमार को उठा ले गए। भारद्वाज ने दावा किया कि कुमार उन सफाई कर्मचारियों का समर्थन कर रहे थे जो मृतक कर्मचारी के परिवार के लिए मुआवज़े की मांग कर रहे थे और उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से प्रदर्शनकारियों से मिलने का आग्रह किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय कुमार को किसी अज्ञात जगह ले जाया गया।
AAP नेता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस मृतक सफाई कर्मचारी के परिवार पर अंतिम संस्कार करने के लिए दबाव डाल रही थी। भारद्वाज के अनुसार, अनिल नाम के मृतक कर्मचारी की कल्याणपुरी में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि हज़ारों सफाई कर्मचारी पिछले दो दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे और अनिल के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवज़े और परिवार के किसी सदस्य के लिए पक्की सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे। AAP के अनुसार, अनिल की मौत के बाद सैकड़ों सफाई कर्मचारी और ऑटो-टिपर ड्राइवर लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में जमा हो गए थे और अंतिम संस्कार के लिए शव को मुर्दाघर से हटाने का विरोध कर रहे थे।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के विरोध के बावजूद पुलिस शव को अस्पताल से परिवार के घर ले आई। दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
हेबियस कॉर्पस याचिका में विधायक की कथित हिरासत के मामले में अदालत से दखल की मांग की गई है और उम्मीद है कि हाई कोर्ट दिन में इस पर सुनवाई करेगा।
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