सीएम योगी ने राज्य के राशन कार्ड उपभोक्ताओं को बड़ी सौगात, अब घर पर राशन पहुंचाएगी सरकार
UP News: सीएम योगी राज्य में तमाम विकास योजनाएं चला रहे हैं. जिसका पात्र उपभोक्ताओं का लाभ भी हो रहा है. ऐसे में सीएम योगी ने अब राशन कार्ड उपभोक्ताओं को बड़ी सौगात दी है. दरअसल, योगी सरकार अब राशन कार्ड धारकों के घर पर ही उनकी राशन पहुंचाएगी. हालांकि ये योजना सिर्फ दिव्यांग, बुजुर्ग और असहाय लोगों के लिए होगी. यानी अब राशन लेने के लिए दिव्यांग, बुजुर्ग और असहाय लोगों को कोटे की दुकान तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
राशन कार्ड धारकों की सूची तैयार कर रहा विभाग
बताया जा रहा है कि इस योजना को जल्द से जल्द लागू करने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ऐसे लोगों की पहचान कर उनकी सूची तैयार कर रहा है. जैसे ही सूची पूरी होगी ये योजना लागू हो जाएगी और बुजुर्ग, दिव्यांग और असहाय लोगों के घर पर उनका राशन पहुंचने लगेगा. विभाग का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को राहत देना है, जो शारीरिक रूप से इतने सक्षम नहीं हैं कि हर महीने खुद राशन की दुकान पर जाकर राशन लेने में उन्हें परेशानी होती है.
राज्य सरकार ने पहले ही दिए थे निर्देश
बता दें कि योगी सरकार ने इस योजना के लिए करीब एक साल पहले ही सभी जिलों को निर्देश दिए थे कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ऐसे राशन कार्ड धारकों की पहचान की जाए, जो दिव्यांग, बुजुर्ग हैं या किसी वजह से कोटे की दुकान तक नहीं पहुंच पाते या उन्हें वहां पहुंचने में दिक्कत होती है. ऐसे राशन कार्ड धारकों को अब कोटेदार के जरिए घर पर ही राशन दिया जाएगा. सीएम योगी के आदेश के बाद अब तक ये योजना पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो पाई है. लेकिन जल्द ही ये योजना राज्य के सभी जिलों में पूरी तरह से लागू हो जाएगी.
मंत्री ने लगाई फटकार तो जागा विभाग
दरअसल, बीते दिनों खाद्य एवं रसद विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्री मनोज पांडेय ने इस मामले की समीक्षा की. जिसमें उन्हें पता चला कि सरकार के पुराने निर्देशों का ठीक से पालन नहीं किया गया. इस पर मंत्री ने अपनी नाराजगी जताई और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि दिव्यांग, बुजुर्ग और असहाय लोगों को हर हाल में घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था को लागू किया जाए. मंत्री के सख्त रुख और निर्देश के बाद विभाग ने एक बार फिर से अभियान को तेज कर दिया है.
सभी जिलों में की जा रही पात्र राशन कार्ड धारकों की पहचान
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, अब यूपी के सभी जिलों में ऐसे लोगों की तेजी से पहचान की जा रही है. जो उम्र, दिव्यांगता या अन्य कारणों से कोटे की दुकान तक नहीं पहुंच पाते. ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार होने के बाद संबंधित कोटेदार के माध्यम से उनके घर तक राशन पहुंचाने का काम किया जाएगा. राजधानी लखनऊ के जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह का कहना है कि जिले में विशेष अभियान चलाकर ऐसे लोगों की सूची बनाई जा रही है, जो दिव्यांग, बुजुर्ग या असहाय हैं और खुद राशन लेने नहीं पहुंच सकते.
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जल्द सभी जिलों में पात्र राशन कार्ड धारकों के घर पहुंचेगा राशन
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लिस्ट तैयार होने के बाद ऐसे सभी पात्र लोगों को उनके घर पर ही राशन उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं लखनऊ के डीएसओ ने बताया कि घर-घर राशन पहुंचाने की व्यवस्था पहले से विभाग में मौजूद थी. हालांकि, पिछले दिनों मंत्री की ओर से इसे लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. जिसके बाद अभियान को तेज कर दिया गया है. जिससे कोई भी पात्र राशन कार्ड धारक इस सुविधा से वंचित न रहे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश है कि जिन लोगों के लिए घर से निकलना कठिन है, उन्हें राशन के लिए परेशान न होना पड़े. ऐसे लोगों को हर महीने समय पर उनके घर तक राशन पहुंचाने का इंतजाम किया जाएगा.
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इथेनॉल का विरोध मतलब किसानों का विरोध…भारतीय किसान संघ अध्यक्ष के. साईं रेड्डी का बयान
भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साईं रेड्डी ने भारत सरकार की पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की नीति का समर्थन किया है। उनका कहना है कि सरकार के इस कदम से किसानों को फायदा होने वाला है। इसके उपयोग से प्रदूषण कम होगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
रेड्डी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से हुई मुलाकात के दौरान राज्य के बारे में की गई चर्चा का जिक्र किया। उन्होंने यह भी बताया कि मुरैना में शुगर फैक्ट्री का निरीक्षण किया है, जो दो साल में शुरू हो जाएगी। इसके अलावा उन्होंने मध्य प्रदेश में 20 नई फैक्ट्री आने की संभावना भी जताई।
इथेनॉल पेट्रोल की भारतीय किसान संघ का समर्थन
भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा केंद्र सरकार की इथेनॉल मिश्रण पेट्रोल की नीति का समर्थन करने से यह साफ हो गया है कि सरकार को किसानों का साथ मिल सकता है। रेड्डी के मुताबिक पेट्रोल में इथेनॉल मिलने के बाद कार्बन का उत्सर्जन कम होगा जिससे पर्यावरण प्रदूषण भी कम होगा। उन्होंने ब्राजील का जिक्र करते हुए बताया कि वहां के पेट्रोल में 30% तक इथेनॉल का उपयोग किया जाता है। भारत भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
किसानों को कैसे होगा फायदा?
रेड्डी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक शुगर फैक्ट्री में उपयोग होने वाले गन्ने के रस के माध्यम से 100% इथेनॉल तैयार किया जा सकता है। मध्य प्रदेश में 20 नई फैक्ट्री आने की संभावना है। ऐसे में अगर इन फैक्ट्री के माध्यम से इथेनॉल का उत्पादन किया जाता है। तो किसानों को अपनी फसल के लिए बाजार मिलेगा और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
इथेनॉल का विरोध किसान का विरोध
उन्होंने यह भी कहा है कि इसलिए कुछ दिनों से देश में किसान विरोध का नारा चल रहा है, जो बहुत गलत है। गन्ना, चावल, मक्का सभी से इथेनॉल बन सकता है। इससे किसानों को फायदा होगा। ऐसे में इथेनॉल का विरोध करना किसानों के हितों के विरोध करने के बराबर है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भविष्य में 100% इथेनॉल आधारित ईंधन आने की बात बोल चुके हैं। अटल बिहारी वाजपेई ने भी 2005 में 5% इथेनॉल मिलने का निर्णय लिया था।
2 साल में शुरू होगी मुरैना फैक्ट्री
रेड्डी ने बताया कि मुरैना में साल 2008 से शुगर फैक्ट्री बंद पड़ी है। इसका निरीक्षण किया है और अगले 2 साल में इसके दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों का मत है कि शुगर फैक्ट्री को कोऑपरेटिव यानी सहकारी मॉडल पर चलना चाहिए ना कि MSME या प्राइवेट सेक्टर के जरिए।
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