'विक्रम-1' की कामयाबी पर पीएम मोदी बोले- 'आत्मनिर्भर भारत का सबूत सबके सामने', स्काईरूट टीम को दी बधाई
नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विक्रम-1 की सफलता के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को बधाई दी है। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर में मौजूद टीम से फोन पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह मिशन आगमन है। इस आगमन को अभी और आगे बढ़ते जाना है।
पीएम मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों से बात करते हुए कहा, सबसे पहले स्काईरूट एयरोस्पेस को पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई। मुझे इस सफलता के लिए आनंद है। मैं इस पूरे लॉन्चिंग कार्यक्रम को देख रहा था। आपकी पूरी टीम 20-30 साल की उम्र की दिखती है। ये मुझे और खुशी दे रही थी।
उन्होंने कहा, शुरू में आपके चेहरे पर चिंता भी नजर आती थी, लेकिन फिर मैं देख रहा था कि खुशियों का माहौल है। मैं आपको, आपकी पूरी टीम को इस महत्वपूर्ण निर्णय और सफलता के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
पीएम मोदी ने कहा, जब हम स्पेस सेक्टर का निजीकरण करना चाहते थे, तब सामने कई तरह की आशंकाएं थीं। लेकिन मैं इस दिशा में आगे बढ़ता गया। अब आपके कारण मेरे उस निर्णय को ताकत मिल गई है। मेरी टीम भी स्वीकार करेगी कि हां देश के नौजवानों पर भरोसा करना चाहिए। उनको काम देना चाहिए और वो करके दिखाते हैं। आपने काम को करके दिखाया है। यह मिशन आगमन है। इस आगमन को अभी और आगे बढ़ते जाना है।
स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक नागा भरत डाका ने पीएम मोदी से बातचीत में कहा, आपका कार्ड, जो आपने भेजा था, वह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में पहुंच चुका है। जो आपने वंदे मातरम भेजा, इसलिए वंदे मातरम अब ऑर्बिट में है।
पीएम मोदी ने खुशी जताते हुए कहा, पहले मैंने सोचा था कि मैं सिर्फ वंदे मातरम लिखूंगा। इसके दो कारण थे। इस बार हमारा देश वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहा है। मैं चाहता था कि इसको एक नए तरीके से मनाएं। वंदे मातरम ही था, जिसने देश के नौजवानों को हमेशा देश के लिए जीने-मरने की प्रेरणा दी थी। आज वंदे मातरम हमें देश के लिए जीने की ताकत देता है। आप लोगों ने इसे जी कर दिखाया है।
उन्होंने कहा, मैं इसे एक तरीके से वंदे मातरम मिशन ही देखता हूं कि भारत मां की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना, नई पीढ़ी को तकनीक का लाभ देना और नई पीढ़ी को टेक्नोलॉजी में आने के लिए प्रेरित करना। इसलिए मेरे मन में विचार आया कि लंबा कुछ न लिखूं, सिर्फ वंदे मातरम मेरे भाव व्यक्त करूं। मुझे खुशी है कि आज इस सफलता के साथ वंदे मातरम का भाव भी नई ऊंचाइयों को पार कर रहा है।
उन्होंने कहा, जब मैं आत्मनिर्भर भारत की बात करता था, तब नासमझी में कुछ लोग उसका मजाक उड़ाते थे। आज आपने सिद्ध कर दिया कि हम इस क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने में समर्थ हैं। आपने उस सामर्थ को दिखाया भी है। मैं मानता हूं कि आज सबूत हमारे सामने है। यह आपकी टीम ने करके दिखाया है।
इस दौरान, पीएम मोदी ने स्काईरूट की टीम को जल्द मुलाकात के लिए निमंत्रण दिया। दोबारा स्टाईरूट एयरोस्पेस की टीम को बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा, आप आगे बढ़िए। मैं पूरी तरह आपके साथ हूं।
--आईएएनएस
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MP News : कम वर्षा से किसान के माथे पर चिंता की लकीरें, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
अलनीनो के संभावित प्रभाव से इस साल मैसम विभाग ने कम वर्षा की आशंका जताई है, मध्य प्रदेश में ऐसे हालात अभी से दिखाई देने लगे हैं, प्रदेश के क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ जुलाई में सामने से कम वर्षा दर्ज की गई है, खेत सूखे पड़े हैं जिसने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है, कांग्रेस ने किसानों की परेशानी पर सरकार पर निशाना साधा है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया में आई ख़बरों के आधार पर प्रदेश की भाजपा सरकार को निशाना बनाया है, रिपोर्ट्स के मताबिक प्रदेश के कई इलाके इअसे हैं जहाँ फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं कांग्रेस ने ऐसे क्षेत्रों में किसानों के लिए कोई वैकल्पिक नहीं किये जाने पर नाराजगी जताई है।
अल्प वर्षा ने बढ़िया किसानों की परेशानी, फसलें सूख रहीं
सिंधार ने X पर लिखा- मध्य प्रदेश में मानसून पर लगे ब्रेक ने अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 55 में से 28 जिलों में सामान्य से 16% से लेकर 78% तक कम बारिश हुई है। अलीराजपुर (-78%), रीवा (-61%), मैहर (-48%) और नर्मदापुरम (-46%) जैसे जिलों में खेत दरक रहे हैं और फसलें सूखने की कगार पर हैं।
नहरें सूखी ट्यूबवेल के सहारे फसल बचाने को मजबूर है किसान
उन्होंने कहा- विपक्ष ने सरकार को पहले ही चेताया था कि मानसून की बेरुखी और देरी से निपटने के लिए पहले से पुख्ता बैकअप व्यवस्थाएं (सिंचाई, बिजली और नहरों में पानी) की जाएं, लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। नतीजतन आज नहरें सूखी हैं और किसान ट्यूबवेल के सहारे अपनी मेहनत बचाने को मजबूर हैं।
कांग्रेस का आरोप, सरकार को किसानों की बदहाली से कोई सरोकार नहीं
सिंघार ने कहा- दुखद यह है कि मुख्यमंत्री को प्रदेश के किसानों के खेतों की इस बदहाली से कोई सरोकार नहीं है, मुख्यमंत्री जी अपनी इस उदासीनता को छोड़िए, किसान संकट में है, तत्काल प्रभावित जिलों का सर्वे करवाकर किसानों को राहत पैकेज देने और वैकल्पिक सिंचाई की व्यवस्था करने के निर्देश जारी कीजिए।
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