विराट कोहली या जो रूट नहीं.... ये भारतीय है सबसे बड़ा चेज मास्टर, क्रिकेट फैंस को जरूर पता होना चाहिए नाम
Highest Average In Successful ODI Chases: भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे वनडे मैच में जो रूट ने कमाल की बल्लेबाजी की. उन्होंने नाबाद 99 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. इसी के साथ जो रूट ने रन चेज में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है. रूट चेजिंग के दौरान सबसे अधिक औसत से 2000 या उससे अधिक रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं. वह इस मामले में विराट कोहली से आगे निकल गए हैं. मगर, क्या आपको मालूम है कि इस लिस्ट टॉप पर कौन है...
जो रूट का औसत विराट कोहली से बेहतर
भारत के साथ खेले गए दूसरे वनडे मैच में जो रूट ने शानदार प्रदर्शन किया. चेज करते हुए उन्होंने 99 रनों की नाबाद पारी खेली और इंग्लैंड की जीत मे अहम भूमिका निभाई. इसी के साथ सफल रन चेज में सबसे अधिक औसत (कम से कम 2000 रन) रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं. जी हां, रूट ने वनडे क्रिकेट में सफल चेज के दौरान 91.59 के औसत से रन बनाए हैं, तो वहीं विराट कोहली ने सफल रन चेज में 89.07 के औसत से रन बनाए हैं.
एमएस धोनी हैं नंबर-1
अब अगर वनडे क्रिकेट में सफल रन चेज में सबसे अधिक औसत से रन बनाने वाले खिलाड़ियों की बात करें, तो इस लिस्ट में पूर्व भारतीय दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी का नाम नंबर-1 पर आता है. धोनी ने ODI में सफल चेज़ (2000+ रन) में सबसे अधिक औसत
102.71 से रन बनाए हैं. वहीं, इस लिस्ट में एबी डिविलियर्स 82.77 के औसत से और माइकल क्लार्क ने 73.86 के औसत से रन बनाए हैं.
हालांकि, अगर ऑलओवर देखा जाए, तो वनडे फॉर्मेट में चेज करते हुए सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम पर दर्ज है. सचिन ने 8720 रन बनाए हैं. हालांकि, इसमें वो सभी मैचों के रन हैं, जो भारत ने जीते और हारे.
99* रन बनाकर लौटे जो रूट
Everything you need to know about Joe Root, in one sentence ❤️
— England Cricket (@englandcricket) July 16, 2026
कार्डफि में खेले गए दूसरे वनडे मैच में टीम इंडिया के दिए 234 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की ओर से जो रूट ने एक मैच जिताऊ पारी खेली. वह नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए आए, जब उनकी टीम मुश्किल में थी, क्योंकि दोनों ओपनर्स 8/2 के स्कोर पर आउट हो गए थे. वहां, जो रूट ने क्रीज पर टिकने का फैसला किया, एक छोर से विकेट गिरे, लेकिन रूट ने अपना गेम नहीं बदला और वह मैदान पर डटे रहे. आखिर में जो रूट 133 गेंद पर 99 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाकर नाबाद लौटे.
जो रूट की पारी की जमकर की तारीफ
जो रूट ने इतनी अच्छी पारी खेली की मैच खत्म होने के बाद खुद भारतीय कप्तान भी उनकी तारीफ करते नजर आए. इंग्लैंड के कप्तान जो रूट की पारी की तारीफ करते हुए शुभमन गिल ने कहा, "240 रन... हमें हमेशा पता था कि अगर हमारे पास 300 रन होते और रन रेट 5.5-6 के आस-पास होता, तो शायद हम उनसे कोई गलत शॉट लगवा सकते थे. लेकिन 4.5-5 रन प्रति ओवर के हिसाब से, वह ऐसे स्कोर का पीछा करने में माहिर हैं. हम उनसे कोई गलत शॉट नहीं करवा पाए."
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स्काईरूट का विक्रम-1 पीएम मोदी का हाथ से लिखा 'वंदे मातरम' पोस्टकार्ड ले जाएगा
नई दिल्ली, 17 जुलाई (आईएएनएस)। प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने शुक्रवार को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ से लिखा पोस्टकार्ड, जिस पर वंदे मातरम लिखा है, 18 जुलाई को कंपनी की विक्रम-1 टेस्ट फ्लाइट-1 के जरिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने शुक्रवार को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ से लिखा पोस्टकार्ड, जिस पर वंदे मातरम लिखा है, 18 जुलाई को कंपनी की विक्रम-1 टेस्ट फ्लाइट-1 के जरिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में स्काईरूट एयरोस्पेस ने कहा कि इस मिशन में ले जाए जाने वाले खास पेलोड में पीएम मोदी का हाथ से लिखा संदेश भी शामिल होगा। इसके साथ ही, कंपनी की टीम, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और दुनिया भर के शुभचिंतकों के हाथ से लिखे नोट भी इसमें शामिल होंगे।
कंपनी ने कहा, विक्रम-1 टेस्ट फ़्लाइट-1 पर ले जाए जा रहे पेलोड में एक बहुत ही खास चीज है, पीएम मोदी का हाथ से लिखा पोस्टकार्ड, जिस पर वंदे मातरम लिखा है।
स्काईरूट के अनुसार, ये यादगार चीजें मिशन आगमन का हिस्सा हैं, जिसे कंपनी ने कई हाथों से आगे बढ़ाया गया और लाखों लोगों द्वारा साझा किया गया एक उत्सव बताया है।
कंपनी ने कहा कि हाथ से लिखे ये संदेश भारत के बढ़ते प्राइवेट स्पेस इकोसिस्टम के लिए सामूहिक समर्थन का प्रतीक हैं और विक्रम-1 मिशन के साथ अंतरिक्ष में जाएंगे।
यादगार चीजों के अलावा, विक्रम-1 में कॉस्मोसर्व, डी-क्यूब्ड और स्काईरूट के अपने स्कोप से टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन पेलोड ले जाए जाएंगे। साथ ही, इसमें कॉसमॉस डायमंड्स का बनाया आर्टवर्क कॉस्मिक ब्लूम और एक माइक्रो-आर्ट पेलोड भी होगा।
विक्रम-1 स्काईरूट एयरोस्पेस का पहला ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल, भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए एक अहम उपलब्धि साबित हो सकता है। इस मिशन का मकसद देश में बने इस लॉन्च व्हीकल की क्षमताओं को दिखाना और देश के कमर्शियल स्पेस लक्ष्यों को मज़बूत करना है।
गुरुवार को हैदराबाद की स्टार्टअप कंपनी ने घोषणा की कि वह 18 जुलाई को सतीश धवन स्पेस सेंटर (एसडीएससी-एसएचएआर) के पहले लॉन्च पैड से विक्रम-1 की पहली टेस्ट फ्लाइट की कोशिश करेगी। यह लॉन्च भारतीय जमीन से किसी प्राइवेट तौर पर विकसित ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट के उड़ान भरने की पहली कोशिश होगी।
कंपनी के मुताबिक, जरूरी एयरस्पेस और समुद्री मंजूरी मिल गई हैं। अधिकारियों ने रॉकेट के ऊपर जाने और गिरने के रास्ते (एसेंट और इम्पैक्ट कॉरिडोर) के साथ प्रतिबंधित क्षेत्र तय करने के लिए जरूरी नोटिस भी जारी कर दिए हैं।
--आईएएनएस
ओपी/एएस
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