खुशबू का शाही सफर, ऐसे बना परफ्यूम राजघरानों से आम लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा!
आज परफ्यूम सिर्फ खुशबू नहीं, बल्कि लोगों की पर्सनैलिटी और लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुका है। इसकी शुरुआत हजारों साल पहले हुई थी, जब इसका इस्तेमाल शाही परिवारों और खास मौकों तक सीमित था। समय के साथ इसकी दुनिया में कई बदलाव आए और आज हर तरह के परफ्यूम बाजार में उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं परफ्यूम के इतिहास, इसके विकास और इससे जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में।
LPG सिलेंडर में बच जाने वाली गैस का आ गया 'तोड़', यह बचाएगा ₹21900 करोड़
सिलेंडर में लगभग 1 किलोग्राम गैस रह जाती है, जो बर्बाद हो जाती है। यानी रोजाना करीब 4,000 टन एलपीजी का नुकसान हो जाता है। LOT सिलेंडरों में यह खासियत है कि इनमें लगभग कोई गैस नहीं बचती। इसका मतलब है कि यूजर को अपनी खरीदी गई हर बूंद गैस का पूरा लाभ मिलता है।
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