Gardening Tips: अपराजिता एक सुंदर नीले फूलों वाली बेल है, जो घर की शोभा बढ़ाने के साथ धार्मिक और औषधीय महत्व भी रखती है. हिंदू परंपरा में इसके फूल भगवान विष्णु और शिव की पूजा में चढ़ाए जाते हैं. वास्तु के अनुसार, यह पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि लाने वाला माना जाता है. मानसून इसका रोपण करने का सबसे उपयुक्त समय है. इसे 10–12 इंच के अच्छे ड्रेनेज वाले गमले में सामान्य मिट्टी, वर्मी कंपोस्ट और कोकोपीट के मिश्रण में लगाया जाता है. बीजों को 3–4 घंटे गुनगुने पानी में भिगोकर आधा इंच गहराई में बोना चाहिए. पर्याप्त धूप और जरूरत के अनुसार पानी देने से 5–10 दिनों में अंकुर निकल आते हैं. यह बेल होने के कारण इसे सहारे की आवश्यकता होती है. लगभग 60–90 दिनों में इसमें भरपूर फूल आने लगते हैं. नियमित छंटाई और जैविक खाद से इसकी वृद्धि बेहतर होती है. इसके फूलों से बनने वाली ब्लू टी एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती है. यह त्वचा की चमक बढ़ाने, याददाश्त सुधारने, तनाव कम करने, मेटाबॉलिज्म बढ़ाने, वजन नियंत्रित रखने और ब्लड शुगर संतुलित रखने में सहायक मानी जाती है.
आईसीसी ने बुधवार को पुष्टि की कि बराड़ ने आचार संहिता के लेवल-1 का उल्लंघन किया है. इसके चलते उन्हें आधिकारिक चेतावनी दी गई है और एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है हालांकि, उन पर किसी तरह का जुर्माना नहीं लगाया गया है. लेवल-1 का यह अपराध तब माना जाता है जब कोई खिलाड़ी मैच के दौरान गेंद को अनुचित या खतरनाक तरीके से किसी अन्य खिलाड़ी की ओर फेंकता है. Thu, 16 Jul 2026 16:12:41 +0530