Jagannath Rath Yatra 2026: चतुर्भुज जगन्नाथ, कंठ शोभित कौसतुभः... आज जगन्नाथ रथयात्रा पर घर में ही करें महाप्रभु की आरती
Jagannath Rath Yatra 2026: आज है महाप्रभु श्रीजगन्नाथ जी की रथयात्रा. आज प्रभु श्रीमंदिर से बाहर आएंगे और अपने रथ नंदीघोष में बैठकर भक्तों को दर्शन देंगे. महाप्रभु जगन्नाथ अपने साथ-साथ बलभद्र और माता सुभद्रा को भी लेकर आते हैं. पुरी में इसका प्रमुख आयोजन होता है. जगन्नाथ रथयात्रा विश्व की सबसे प्रसिद्ध रथयात्रा मानी जाती है. कहते हैं कि अंग्रेज भी कभी इस यात्रा को रोक नहीं पाए थे. इसलिए, सनातन धर्म में जगन्नाथ रथयात्रा का विशेष महत्व होता है. भगवान जगन्नाथ विष्णु जी के स्वरूप है, जो कलियुग में उत्कल प्रदेश यानी ओडिशा में स्थित है. यहां से वे पूरे विश्व का कल्याण कर रहे हैं. अगर आज के दिन आप भी भगवान जगन्नाथ की पूजा करना चाहते हैं तो पूजा में उनकी आरती भी जरूर करें. पढ़ें जगन्नाथ भगवान की आरती के लिरिक्स.
ये भी पढ़ें- Hindu Dharam: ये हैं हिंदू धर्म की 6 सबसे शक्तिशाली ग्राम देवियां, जिनके आशीर्वाद से सुरक्षित रहता है पूरा गांव
भगवान जगन्नाथ की आरती (Lord Jagannath Aarti Lyrics in Hindi)
चतुर्भुज जगन्नाथ
कंठ शोभित कौसतुभः ॥
पद्मनाभ, बेडगरवहस्य,
चन्द्र सूरज्या बिलोचनः
जगन्नाथ, लोकानाथ,
निलाद्रिह सो पारो हरि
दीनबंधु, दयासिंधु,
कृपालुं च रक्षकः
कम्बु पानि, चक्र पानि,
पद्मनाभो, नरोतमः
जग्दम्पा रथो व्यापी,
सर्वव्यापी सुरेश्वराहा
लोका राजो, देव राजः,
चक्र भूपह स्कभूपतिहि
निलाद्रिह बद्रीनाथशः,
अनन्ता पुरुषोत्तमः
ताकारसोधायोह, कल्पतरु,
बिमला प्रीति बरदन्हा
बलभद्रोह, बासुदेव,
माधवो, मधुसुदना
दैत्यारिः, कुंडरी काक्षोह, बनमाली
बडा प्रियाह, ब्रम्हा बिष्णु, तुषमी
बंगश्यो, मुरारिह कृष्ण केशवः
श्री राम, सच्चिदानंदोह,
गोबिन्द परमेश्वरः
बिष्णुर बिष्णुर, महा बिष्णुपुर,
प्रवर बिशणु महेसरवाहा
लोका कर्ता, जगन्नाथो,
महीह करतह महजतहह॥
महर्षि कपिलाचार व्योह,
लोका चारिह सुरो हरिह
वातमा चा जीबा पालसाचा,
सूरह संगसारह पालकह
एको मीको मम प्रियो॥
ब्रम्ह बादि महेश्वरवरहा
दुइ भुजस्च चतुर बाहू,
सत बाहु सहस्त्रक
पद्म पितर बिशालक्षय
पद्म गरवा परो हरि
पद्म हस्तेहु, देव पालो
दैत्यारी दैत्यनाशनः
चतुर मुरति, चतुर बाहु
शहतुर न न सेवितोह
पद्म हस्तो, चक्र पाणि
संख हसतोह, गदाधरह
महा बैकुंठबासी चो
लक्ष्मी प्रीति करहु सदा।
घर पर कैसे करें भगवान जगन्नाथ की पूजा?
घर पर भगवान की पूजा करने के लिए आपको भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा तीनों की मूर्तियों को स्थापित करना होगा. आप चाहे तो इनका चित्र भी स्थापित कर सकते हैं. भगवान जगन्नाथ को गंगाजल से शुद्ध करें. उन्हें वस्त्र पहनाएं. उन्हें सात्विक भोजन जैसे फल और तुलसी के पत्तों का भोग लगाएं. भगवान जगन्नाथ के सामने देसी घी का दीया जलाएं और धूप जलाएं. इसके बाद आरती करें. जगन्नाथ के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं. भगवान जगन्नाथ को चंदन का लेप तिलक के रूप में लगाया जाता है. उन्हें पीले फूल अर्पण करते हैं.
भगवान जगन्नाथ की पूजा में कीर्तन का खास महत्व होता है. इसलिए, पूजा करते समय दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और नृतद्य के साथ हरी बोल हरी बोल नाम का जाप करें.
ये भी पढ़ें- Jagannath Rath Yatra 2026: रथयात्रा निकलने के बाद किस दिन होगी हेरा पंचमी की रस्म? जानें इस अनुष्ठान की पौराणिक कथा

News Nation