BPSC TRE 4 : खुशखबरी, चौथी बिहार शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन आज, 32834 वैकेंसी, देखें विषयवार पद
BPSC TRE 4.0 Notification : बिहार लोक सेवा आयोग आज 18 अगस्त शाम तक चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी कर देगा। विज्ञापन की तैयारी पूरी कर ली गई है। आज शाम तक 32834 शिक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।
Kalki Jayanti 2026: आज मनाई जा रही है कल्कि जयंती, आखिर क्यों मनाया जाता है यह दिन? जानें
Kalki Jayanti 2026: आज यानी 18 अगस्त 2026 को कल्कि जयंती मनाई जा रही है. कल्कि भगवान विष्णु के अंतिम अवतार माने जाते हैं, जो कलियुग का अंत करेंगे. सनातन धर्म में ग्रंथों के अनुसार, हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन कल्कि जयंती मनाते हैं. द्रिक पचांग के अनुसार. षष्ठी तिथि 17 अगस्त को शाम में शुरू हुई थी और 18 अगस्त की शाम तक रहेगी. भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि को सनातन धर्म में खूब माना जाता है. हालांकि, मान्यता है कि अभी भी कल्कि अवतार का प्रकट होना बाकी है और उनका प्राक्ट्य तभी होगा जब कलियुग का अंत नजदीक होगा. लेकिन इसके बाद भी हर साल कल्कि जयंती क्यों मनाई जा रही हैं? जानें यहां.
क्यों मनाई जाती है कल्कि जयंती?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कल्कि जयंती को उनके जन्मोत्सव की तरह देखा जाता है. यह भगवान विष्णु के भविष्य में होने वाले अवतार है. इसलिए, कल्कि अवतार की स्मृति और प्रतीकात्मक उत्सव के रूप में मनाई जाती है. मान्यता है कि जब कलियुग में पाप चरम सीमा पर होगा तो धर्म की रक्षा करने और अधर्म का अंत करने कल्कि आएंगे. अत: धर्म की पुनः स्थापना होगी. इसी भविष्यवाणी को ध्यान में रखते हुए भक्त कल्कि जयंती के दिन भगवान विष्णु के इस भावी स्वरूप का स्मरण कर उनकी पूजा करते हैं.
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भगवान कल्कि का जन्म कब होगा?
धार्मिक ग्रंथों में कल्कि कलियुग के अंत में अवतार लेंगे. भविष्य पुराण में भगवान कल्कि के जन्म की तारीख पहले से तय है. इसके अनुसार, भगवान कल्कि कलियुग के अंत में सावन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन प्रकट हो सकते हैं.
कल्कि का जन्म भारत में कहां होगा?
श्रीमद्भागवत महापुराण के द्वादश स्कंध में उल्लेखित है कि भगवान कल्कि का जन्म उत्तर प्रदेश में होगा. उत्तर प्रदेश के संभल ग्राम में कल्कि जन्म लेंगे. हालांकि, संभल अब भौगोलिक दृष्टि से काफी अलग हो गया है. इसलिए, इसे किसी मौजूदा शहर या गांव से नहीं जोड़ा जा सकता है.
ब्राह्मण परिवार में होगा जन्म
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान कल्कि का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में होने वाला है. उनके पिता का नाम विष्णुयशा होगा. श्रीमद्भागवत महापुराण द्वारा बताया जाता है कि वे संभल ग्राम के प्रमुख और प्रतिष्ठित ब्राह्मण होंगे. वहीं, कल्कि अवतार की माता का नाम सुमति बताया जाता है.
कल्कि भगवान का स्वरूप कैसा होगा?
श्रीमद्भागवत महापुराण के मुताबिक, भगवाव कल्कि का अवतार एक देवदत्त नाम के तेजस्वी घोड़े पर होगा. वे इस अश्व पर सवार होकर आएंगे और अधर्म तथा बुरी शक्तियों का नाश करेंगे. उनके हाथ में एक तलवार होगी. उनका यह स्वरूप सिर्फ युद्ध करने का प्रतीक नहीं माना जाता है. बल्कि वे अधर्म पर धर्म की विजय और व्यवस्था को पुन: स्थापित भी करने वाले हैं.
कल्कि जयंती की पूजन विधि
कल्कि जयंती के दिन भक्त श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं. आमतौर पर इस अवसर पर भगवान विष्णु का ध्यान और पूजा करन शुभ माना जाता है. आप आज भगवान विष्णु के मंत्रों का बी जाप कर सकते हैं. इस दिन जरूरतमंदों को दान व भोजन करवा सकते हैं.
इन अचूक मंत्रों का जाप करें
आज के दिन आपको ऊं नमो कल्किदेवाय क्लीम नम: या ऊं श्री कल्कि अवतारया नम: मंत्र का जाप करना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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