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Kaju Katli का स्वाद भी होगा फेल, इस Raksha Bandhan ट्राई करें ये Special Coconut Barfi रेसिपी

रक्षाबंधन का त्योहार बेहद नजदीक आ चुका है। ऐसे में घर में फेस्टिवल को लेकर काफी तैयारियां चल रही हैं, शॉपिंग से लेकर खाने में क्या बनाया जाए। इस दौरान मिठाई की डिमांड काफी रहती है। त्योहार के समय मिलावटी स्वीट्स की भरमार ज्यादा देखने को मिलती है। 
कई बार तो आप भी अच्छी और खराब मिठाई की पहचान नहीं कर पाते हैं। इसलिए इन सब समस्याओं से बचने के लिए इस बार आप घर पर ही हलवाई जैसी मिठाई बना सकते हैं। अपने भाई के लिए स्पेशल और स्वादिष्ट मिठाई बनाना चाहते हैं, तो सूखे नारियल को जरुर तैयार करके बर्फी बना सकते हैं। इसका स्वाद इतना टेस्टी होता है कि आप काजू कतली को भूल ही जाएंगे। आइए आपको इसकी रेसिपी बताते हैं।

सामग्री
-छुहारा-1 कटोरी
-सूखा नारियल- 2 गोला
-दूध- 1 लीटर
-ड्राई फ्रूट्स (पिस्ता और बादाम)- कटे हुए घी- 1/2 कप
-सूजी- 3/4 कप
-इलायची पाउडर 1/2 चम्मच
-मिश्री या चीनी-1/2 कप
-मिल्क पाउडर- 5 बड़े चम्मच

सूखे नारियल से बर्फी बनाने की विधि
 - सबसे पहले आप सूखे नारियल की बर्फी बनाने के लिए छुहारों को काटकर उसके बीज निकाल लें। अब नारियल गोला को तोड़े और इसके पतले-पतले टुकड़े करें।

 - अब आप 1 लीटर फुल क्रीम दूध लें और इसे कड़ाही में डालकर मीडियम फ्लेम पर गर्म होने के लिए रख दें।

 - उबाल आने के बाद कटे हुए छुहारों और नारियल को डाल दें। अब गैस की आंच को धीमा कर लें और थाली से ढक्कर पकने दें।

 - अब 10 मिनट बाद ढक्कन हटाकर मिश्रण को चलाएं। दूध जब थोड़ा बच जाए, तो गैस को बंद कर दें। यदि दूध की मात्रा ज्यादा है, तो इसे कुछ देर तक पकाएं।

 - फिर आप गैस बंद करके मिश्रण को ठंडा होने दें। जब यह नॉर्मल हो जाए, तो इसे मिक्सर में डालकर पीसे। इसको अब कटोरे में निकालकर किनारे रखें।

 - अब कड़ाही में घी डालकर गर्म करें। इसके बाद इसमें तय मात्रा के अनुसार सूजी डालकर लगतार चलाते रहे ताकि यह गोल्डन ब्राउन हो जाए। 

 - इसमें इलायची पाउडर डालकर 2-3 बार चलाएं। 2 मिनट बाद मिश्री या फिर चीनी का बूरा, मिल्का पाउडर और ड्राई फ्रटूस् डालकर अच्छे से मिला लें।

 - फिर 3 मिनट बाद गैस को बंद कर दें। अब एक थाली लें और उस पर घी लगाकर चिकना करें। जिसके बाद इस पर मिश्रण डालें। 

 - अब आप इसे अच्छे से फैलाकर कटोरी की मदद से चिकना करें। ऊपर से कटे हुए मेवा डाले। कुछ देर सेट होने दे और फिर मनपसंद आकार में काटें।

 - तैयार है आपकी नारियल बर्फी। इसको त्योहार के समय काफी आनंद के साथ खाएं। 

सूखे नारियल से बर्फी बनाते समय ध्यान रखें ये बातें
 - नारियल से बर्फी बनाते समय गैस की फ्लेम पर जरुर ध्यान दें।

 - जब मिश्रण पीसे तो पानी या दूध न डालें।

 - मिश्रण को भूनते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह चिपचिपा न रहे।

 - इसे चेक करने के लिए कलछी को मिश्रण के बीच में खड़ा करें। यदि पलटा सीधा खड़ा रहे तो इसका मतलब  मिश्रण बनाने के लिए रैडी है।

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दिल्ली-NCR में बुखार के मरीज बढ़े, H1N1 से Covid तक कौन सा संक्रमण दे रहा दस्तक? ऐसे करें पहचान

Delhi-NCR Fever Alert: दिल्ली में इन दिनों सर्दी-जुकाम, स्वाइन फ्लू और अलग-अलग संक्रामक बीमारियां तेजी से फैल रही हैं. ये सभी रोग फेफड़ों से जुड़े हुए जिसमें खांसी-जुकाम होना आम होता है. रिपोर्ट्स की मानें तो इस वक्त दिल्ली में H1N1 के मामले सबसे ज्यादा एक्टिव है. यह इंफ्लूएंजा है जिसके कुल 1,449 मामले दर्ज हुए हैं. बढ़ते मामलों का निपटारा करने के लिए दिल्ली के RML अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल में स्पेशल वॉर्ड्स भी बनवाएं गए हैं. बताया जा रहा है कि जांच के दौरान हर तीन में से एक मरीज का रिजल्ट पॉजिटिव आ रहा है. बच्चों में भी H1N1 फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं. इतना ही नहीं गाजियाबाद और आस-पास में भी सर्दी-खांसी और फ्लू के इतने मरीज है कि इस समय पर्याप्त दवाएं भी नहीं मिल पा रही है. चलिए जानते हैं इन बीमारियों के लक्षण और बचाव के तरीके.

Delhi-NCR में अभी कौन-कौन से Infection चिंता बढ़ा रहे हैं?

H1N1 फ्लू- मानसून के मौसम और तापमान के उतार-चढ़ाव से लगातार H1N1 फ्लू, इंफ्लूएंजा ए और कोल्ड-कफ के मामले ज्यादा देखे जा रहे हैं. हालांकि, स्वाइन फ्लू इनमें सबसे ज्यादा एक्टिव है. साथ ही डेंगी का खतरा भी बढ़ा हुआ है.

वायरल फीवर (Influenza infection)- दिल्ली-NCR में लोगों के बीच बुखार, गले में खराश, खांसी, जुकाम और बदन दर्द जैसे लक्षणों की शिकायतें भी देखने को मिल रही हैं. ये सभी वायरल फीवर के लक्षण है.

कोविड-19- हालांकि, दिल्ली में फिलहाल कोरोना को लेकर अभी कोई लेटेस्ट रिपोर्ट नहीं आई है. मगर इस मौसम में कोरोना के भी मामले देखने को मिलते हैं. इस इंफेक्शन में भी सर्दी-खांसी और बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.

कोल्ड- कॉमन कोल्ड मुख्य रूप से राइनोवायरस समेत 200 से ज्यादा अलग-अलग प्रकार के रेस्पिरेटरी इंफेक्शन का कारण बनता है. इसमें संक्रमण हवान में मौजूद बूंदों और संक्रमित सतहों को छूने से हो सकता है. सर्दी-जुकाम के आधे से ज्यादा मामलों में इस वायरस को ही जिम्मेदार माना जाता है. हालांकि, जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, उन्हें भी जल्दी सर्दी-जुकाम होता है.

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Cold, फ्लू, H1N1 और कोविड में क्या अंतर है?

कॉमन कोल्ड में ज्यादातर मरीजों को नाक और गले से जुड़े संक्रमण होते हैं जिसमें छींक आना, नाक बहना और गले में खराश महसूस करना शामिल है. वहीं. फ्लू अक्सर मौसमी बदलाव से होता है जिसमें मरीज के शरीर में दर्द होता है, बुखार और सिरदर्द होता है. H1N1 इन सभी से अलग होता है. इसके लक्षण सीजनल फ्लू जैसे हो सकते हैं लेकिन उससे ज्यादा गंभीर महसूस होते हैं. कोविड में बुखार, खांसी, गले में खराश और थकान महसूस होती है लेकिन बिना टेस्ट किए इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती है.

H1N1 के लक्षण क्या हैं?

H1N1 यानी कि स्वाइन फ्लू. इसके लक्षण कॉमन फ्लू से मैच होते हैं. वायरस के संपर्क में आने के 1 से 4 दिन बाद इसके लक्षण दिखाई देते हैं. इसके प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं-

  • बुखार या ठंड लगना
  • सूखी खांसी
  • गले में खराश
  • शरीर में दर्द
  • मांसपेशियों में ऐंठन
  • सिरदर्द
  • नाक बहना या बंद होना
  • कमजोरी महसूस करना

COVID-19 के लक्षण कैसे पहचानें?

कोविड-19 के लक्षणों में मुख्य रूप से मरीज को ऐसे संकेत मिलते हैं-

  1. बुखार या ठंड लगना
  2. लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी होना
  3. बहुत ज्यादा थकान या कमजोर महसूस करना
  4. स्वाद या गंध का पता न लगना
  5. गले में खराश
  6. सिर और बदन दर्द
  7. उठने-बैठने या बातचीत करने में असमर्थता 

सामान्य Cold और फ्लू में कैसे अंतर करें?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह दोनों ही वायरल इंफेक्शन्स है. मगर फ्लू ज्यादा तेजी से फैलने वाला रोग है. कोल्ड में नाक बहन और छींक आना आम होता है. इसमें लक्षण धीरे-धीरे और हल्के होते हैं. कोल्ड में बुखार नहीं होता है जबकि फ्लू में तेज बुखार आता है.

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?

दिल्ली-NCR में फैल रहे इन सभी रोगों का खतरा बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा रहता है. खासतौर पर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे क्योंकि अधिकांश बच्चों को एक-दूसरे से ही ऐसे संक्रमण फैलते हैं. इसलिए, इन्हें ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. इन बच्चों का इम्युन सिस्टम पूरी तरह से डेवलप नहीं होता है, जिस कारण इन्हें डिहाइड्रेशन भी जल्दी हो जाती है. इसके अलावा, अस्थमा और COPD जैसे मरीजों को भी फ्लू के संक्रमण से बचने की जरूरत होती है.

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Disclaimer: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.

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