Explainer: क्या सोने की बनी होती है फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी? जानिए इसे बनाने की पूरी प्रकिया
FIFA World Cup trophy : फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 11 जून 2026 से हुई थी. इस बार फीफा वर्ल्ड कप का आयोजन कनाडा, मैक्सिको और संयुक्त राज्य अमेरिका ने मिलकर किया. ये पहली बार था कि जब किन्हीं तीन देशों ने मिलकर इस टूर्नामेंट का आयोजन किया होगा. इस बार फीफा वर्ल्ड कप 2026 में कुल 48 टीमों ने हिस्ला लिया था, जिसमें अब सिर्फ तीन टीमें बची हैं. स्पेन की टीम फ्रांस को पहले सेमीफाइनल में हराकर फाइनल में पहुंच चुकी है.
Spain are one step closer to glory ????????#FIFAWorldCup
— FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 14, 2026
आज अर्जेटीना और इंग्लैंड के बीच फीफा वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा मुकाबला खेला जाने वाला है. इस मैच को जीतने वाली टीम फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंच जाएगी, जिसका सामना स्पेन के साथ होगा. ऐसे में इस टूर्नामेंट का अंत चैंपियन टीम के साथ 19 जुलाई को होगा. फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को रात 2:30 बजे से फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स में होगा. इस खिताबी मुकाबले के बाद फीफा वर्ल्ड कप 2026 की चैंपियन टीम आपको मिल जाएगी.
Going head-to-head for a place in the #FIFAWorldCup Final. ????????
— FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 15, 2026
इसके बाद फीफा वर्ल्ड कप 2026 की विजेता टीम को ट्रॉफी दी जाएगी. वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को चमचमाती और सभी का ध्यान अपनी ओर खींचने वाली ट्रॉफी मिलने वाली है. इस ट्रॉफी को देखकर फैंस के मन में तमाम सवाल आते हैं. वो जानना चाहते हैं कि क्या, फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी सोने से बनी होती है. इसे कैसे बनाया जाता है. इसको बनाने की पूरी प्रकिया क्या होती है. तो आज हम आपको इस बारे में विस्तार से बताने वाले हैं.
किस धातु से बनी है फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी?
फीफा विश्व कप की ट्रॉफी 18 कैरेट सोने (18-carat gold) से बनी होती है. इसमें 18 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं इस ट्रॉफी में 75% शुद्ध सोना और 25% अन्य धातुओं का मिश्रण होता है. इन अन्य धातुओं में तांबा या चांदी जैसी धातुएं शामिल होती है. ऐसे में जो फैंस पूछते हैं कि क्या फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी सोने से बनी होती है. उनके लिए जवाब है कि, हां फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी सोने की मनी होती है.
फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी के आधार (Base) में मैलाकाइट (Malachite) नामक हरे रंग का अर्ध-कीमती पत्थर लगाया जाता है. इस हरे रंग से फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी की सुंदरता और बढ़ जाती है. गोल्डन कलर की ट्रॉफी हरे रंग के बेस के साथ और ज्यादा आकर्षक लगने लगती है. इसके नीचे फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाले देशों का नाम अंकित होता है. फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी में लगभग 6.175 किलोग्राम वजन होता है. इस ट्रॉफी की ऊंचाई लगभग 36.8 सेंटीमीटर होती है.
फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी के रोचक तथ्य
- ऊंचाई - 36.8 सेमी
- वजन - 6.175 किलोग्राम
- सोने की मात्रा - लगभग 4.9 किलोग्राम
- धातु -18 कैरेट सोना
- आधार - मैलाकाइट पत्थर
- निर्माता - GDE Bertoni (इटली)
Not all glory is measured in goals.
— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) July 14, 2026
The FIFA World Cup Trophy weighs 6.142 kg, with 5.092 kg of pure gold—making it one of sport's most iconic prizes. #FIFAWorldCup #FootballTrivia #WorldCup pic.twitter.com/h9HuCwhJOx
क्या दर्शाता है फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी का डिजाइन?
फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी को इटली के मूर्तिकार सिल्वियो गजानिगा (Silvio Gazzaniga) के द्वारा डिजाइन किया गया है. इस ट्रॉफी में दो मानव आकृतियां दिखाई गई हैं, फाफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी में दिखने वाली ये दोनों आकृतियां अपने हाथों पर पृथ्वी (ग्लोब) को उठाए हुए नजर आती हैं. ये विश्व फुटबॉल में सफलता, एकता और वैश्विक गौरव का प्रतीक मानी जाती हैं. इस फीफा वर्ल्ड कप की वर्तमान ट्रॉफी का उपयोग पहली बार 1974 विश्व कप में किया गया था और ये ट्रॉफी (जूल्स रिमेट ट्रॉफी) Jules Rimet Trophy की जगह आई थी.
Did you know these facts about the @FIFAWorldCup trophy? ???????? pic.twitter.com/OkENO68W2G
— FIFA (@FIFAcom) July 13, 2026
फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी बनाने की प्रक्रिया?
फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी बनाने की प्रक्रिया बिल्कुल भी आसान नहीं है. इसको बनाने की पूरी प्रक्रिया काफी ज्यादा जटिल है. ये ट्रॉफी कई चरणों में बनाई जाती है. इसमें डिजायन तैयार करने से लेकर ट्रॉफी को आकार में तराशना और अंत में उसे फिनिशिंग देना शामिल होता है.
डिजाइन तैयार करना
फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी बनाने की प्रक्रिया में सबसे पहले ट्रॉफी का मॉडल यानी की उसकी डिजायन तैयार की जाती है. वर्तमान फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी का डिजाइन इतालवी मूर्तिकार सिल्वियो गजानिगा ने 1971 में बनाया था. उनके डिजायन द्वारा तैयार की गई ट्रॉफ्री आपको नजर आती है.
सांचा बनाना
फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी की डिजायन तैयार करने के बाद इसी डिजायन के आधार पर पहले मोम (wax) का मॉडल बनाया जाता है. उसके बाद फिर उससे एक मजबूत सांचा तैयार किया जाता है, जिसके बाद ट्रॉफी को बनाने के आगे के चरण को फोलो किया जाता है.
सोना ढालना
मोम का सांचा बनाने के बाद फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी बनाने के लिए 18 कैरेट सोने को पिघलाकर सांचे में डाला जाता है, ये इस ट्रॉफी को बनाने की प्रक्रिया का सबसे अहम पहलू है. ये प्रक्रिया में बहुत सावधानी बरती जाती है, जिससे बारीक आकृतियाँ सही बनाई जा सकें.
तराशना और चमकाना
फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को इसके बाद हाथ से तराशा जाता है. उनसे तराशने के बाद उस पर पॉलिश की जाती है और ट्रॉफी को चमकदार बनाया जाता है. इसके बाद अंत में नीचे हरे रंग का मैलाकाइट पत्थर लगाया जाता है और उस पर विजेता देशों के नाम उकेरे जाते हैं.
Louis Vuitton to present bespoke trophy trunk at @FIFAWorldCup final!
— FIFA (@FIFAcom) July 14, 2026
Louis Vuitton has been named Official Supplier and Branded Licensee of the FIFA World Cup 2026, presenting the official bespoke trophy trunk designed to transport and showcase the most iconic trophy in sports:
क्या विजेता टीम असली ट्रॉफी अपने पास रखती है?
फैंस के मन में अक्सर ये सवाल आता है कि, क्या फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम और वो देश असली फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने पास रखता है, तो इसका जवाब है, नहीं... असली सोने की ट्रॉफी फीफा की संपत्ति होती है. ऐसे में फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को सर्फ समारोह के दौरान असली ट्रॉफी दी जाती है, उसके बाद असली ट्रॉफी उनसे वापस ले ली जाती है. वहीं जीतने वाली टीम को असली ट्रॉफी की जगह पर सोने की परत चढ़ी हुई प्रतिकृति (gold-plated replica) ट्रॉफी दी जाती है, जिसे वो अपने पास रख सकते हैं.
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लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर कहने पर आमिर की सफाई:कहा- तीनों में से किसी पत्नी का धर्म नहीं बदला; बेटी और बहनों के पति हिंदू
तीसरी शादी करने के बाद एक्टर आमिर खान को सोशल मीडिया पर लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर कहा जा रहा है। आमिर ने इन आरोपों पर सफाई दी है। वेबसाइट रेडिफ के साथ बातचीत में आमिर ने कहा- मेरी तीनों शादियों में किसी भी पत्नी ने धर्म परिवर्तन नहीं किया, क्योंकि शादियां सिविल मैरिज थीं। तीसरी पत्नी गौरी हिंदू नहीं बल्कि ईसाई हैं। आमिर ने कहा- मेरी बेटी इरा की शादी एक हिंदू से हुई है। मेरी दोनों बहनों निखत खान और फरहत खान के पति भी हिंदू हैं। कजिन मंसूर की शादी एक ईसाई से हुई है। आमिर ने 5 जुलाई को की थी तीसरी शादी एक्टर आमिर खान और उनकी पार्टनर गौरी स्प्रैट ने 5 जुलाई को शादी की। दोनों ने मुंबई के पाली हिल (बांद्रा) स्थित आमिर के घर पर शादी के कागजात पर साइन किए। यह एक प्राइवेट मैरिज सेरेमनी थी, जिसमें दोनों परिवारों के लोग और कुछ बेहद करीबी दोस्त ही शामिल हुए। शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत कोर्ट मैरिज के रूप में रजिस्टर की गई। पूरी खबर यहां पढ़ें… आमिर की शादी की तस्वीरें … नेताओं ने लव जिहाद कहा, पुतला फूंका, मुफ्ती ने शादी को नाजायज बताया आमिर खान की तीसरी शादी पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने सवाल उठाया था- क्या आमिर खान लव जिहाद के ब्रांड एंबेसडर बन रहे हैं। महाराष्ट्र के ही मंत्री संजय शिरसाट ने कहा- यह आमिर का निजी जीवन है, लेकिन ऐसी चीजें समाज पर गलत असर डाल सकती हैं। बजरंग दल समेत कुछ संगठनों ने आमिर खान के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनका पुतला भी फूंका। उनका आरोप था कि आमिर जानबूझकर गैर-मुस्लिम महिलाओं से शादी करते हैं। वहीं, आमिर की तीसरी शादी को लेकर यूपी में फतवा जारी हुआ है। अलीगढ़ में यूपी के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने कहा कि शरीयत के मुताबिक किसी भी मुस्लिम पुरुष के लिए ऐसी गैर-मुस्लिम महिला से शादी करना पूरी तरह गलत और नाजायज है, जो अपने पुराने धर्म पर कायम हो। जिसने मुस्लिम धर्म स्वीकार न किया हो। ऐसी महिला से शादी इस्लाम के नियमों में अवैध है। ऐसा करने वाला मुस्लिम पुरुष भी धार्मिक रूप से गुनहगार है। पूरी खबर यहां पढ़ें… सैलून एंटरप्रेन्योर और फैशन प्रोफेशनल हैं गौरी स्प्रैट आमिर ने साल 2025 में अपने 60वें जन्मदिन पर गौरी के साथ अपने रिलेशनशिप को पब्लिक किया था। आमिर की तरह गौरी भी शादीशुदा थीं और उनका 7 साल का एक बच्चा है। आमिर और गौरी एक-दूसरे को पिछले 25 सालों से जानते हैं। दोनों पहले काफी अच्छे दोस्त थे, जिसके बाद उन्होंने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। 2002 में हुआ था आमिर का पहला तलाक आमिर ने अपनी पहली शादी साल 1986 में रीना दत्ता से की थी। यह लव मैरिज थी जो करीब 16 सालों तक चली। दोनों के दो बच्चे, जुनैद खान और इरा खान हैं। साल 2002 में आमिर-रीना का तलाक हो गया था। किरण राव से दूसरी शादी फिर तलाक रीना दत्ता से तलाक के बाद आमिर खान की जिंदगी में डायरेक्टर किरण राव आईं। साल 2005 में दोनों की शादी हुई। इस शादी से उनका एक बेटा आजाद है, जिसका जन्म IVF से हुआ। शादी के 16 साल बाद जुलाई 2021 में आमिर और किरण का ऐलान किया था। तीसरी शादी पर भारत का कानून क्या कहता है? भारत में तीसरी शादी करना गैरकानूनी नहीं है। कानून सिर्फ यह देखता है कि शादी के समय व्यक्ति की पिछली शादी कानूनी रूप से खत्म हुई है या नहीं। अगर पहली और दूसरी शादी का कानूनी तलाक हो चुका है या जीवनसाथी का निधन हो गया है, तो तीसरी शादी पूरी तरह वैध होती है। लेकिन बिना तलाक के दोबारा शादी करना द्विविवाह माना जा सकता है और यह कानूनन अपराध है। ऐसे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 82 के तहत शादी अमान्य होगी और 7 साल की जेल हो सकती है। केवल मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत एक मुस्लिम पुरुष को एक समय में अधिकतम 4 शादियां करने की परमिशन है। अगर शादी 'स्पेशल मैरिज एक्ट' के तहत रजिस्टर्ड की जा रही हो, तो यह छूट खत्म हो जाती है और वहां भी एक विवाह का नियम लागू होता है। आमिर खान के मामले में उनकी पहली पत्नी रीना दत्ता से 2002 और दूसरी पत्नी किरण राव से 2021 में कानूनी तलाक हो चुका है। ऐसे में गौरी स्प्रैट से उनकी शादी वैध मानी जाएगी। ------------------------------------- आमिर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें आमिर खान ने 20 की उम्र में घरवालों से छिपकर पड़ोसी से पहली कोर्ट मैरिज की, जानिए 3 अहम रिश्तों की कहानी मशहूर कहावत है कि ‘दूसरा मौका सिर्फ कहानियां देती हैं, जिंदगी नहीं’, लेकिन बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने ये कहावत गलत साबित कर दी। दो नाकाम शादियों के बाद आमिर ने जिंदगी को नया मौका दिया और उन्होंने 61 की उम्र में गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी की। पूरी खबर पढ़ें….
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