क्या है गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर, जिसे कैबिनेट से मिली मंजूरी, किन शहरों को होगा फायदा?
वाराणसी के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय कैबिनेट ने गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद इन परियोजनाओं की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इनका उद्देश्य वाराणसी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और आसपास के शहरों से बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है.
करीब 25 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इन परियोजनाओं को काशी के भविष्य के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है.
#WATCH | Union Minister Ashwini Vaishnaw says, "If we consider the most complex manufacturing process in human civilisation, it is semiconductor manufacturing... Then comes the ATMP: extracting the tiny chip... Following that, we have the integration of bare components—passive… pic.twitter.com/cyZotcLT4o
— ANI (@ANI) July 15, 2026
क्या है गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर?
गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर गंगा नदी के समानांतर बनने वाली छह लेन की एलिवेटेड सड़क होगी. इसकी कुल लंबाई लगभग 46 किलोमीटर प्रस्तावित है. यह कॉरिडोर नेशनल हाईवे-19 (NH-19) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा, जिससे शहर के भीतर और बाहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगा.
इस परियोजना के पूरा होने के बाद वाराणसी के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम होने की उम्मीद है.
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