पाकिस्तान: कराची के सरकारी अस्पताल फैला रहे एचआईवी, 6 मासूमों की मौत और 120 नए मामले आए सामने
कराची, 15 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के कराची स्थित दो सरकारी अस्पतालों ने कई मासूमों को जानलेवा एचआईवी-पॉजिटिव के जाल में फंसा दिया। स्वास्थ्य महकमे के ढुलमुल रवैये ने एक-एक करके 120 को संक्रमित कर दिया। अब तक 6 बच्चे जान गंवा चुके हैं और इसकी पुष्टि प्रांतीय सरकार ने की है।
MP में टेक होम राशन व्यवस्था में बदलाव पर कांग्रेस के आरोप, उमंग सिंघार बोले “बच्चों के पोषण पर भी भाजपा का कमीशन मॉडल”
मध्यप्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित किए जाने वाले टेक होम राशन (THR) की व्यवस्था में हुए बदलाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर बच्चों के पोषण कार्यक्रम में “कमीशन मॉडल” अपनाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में टेक होम राशन व्यवस्था को पांचवीं बार बदला गया है। उनके मुताबिक, सरकार स्वयं स्वीकार कर चुकी है कि पिछले चार से पांच महीनों के दौरान कई क्षेत्रों में पोषण आहार की आपूर्ति बाधित रही, सप्लाई चेन प्रभावित हुई और करीब 250 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने सवाल किया कि बार-बार व्यवस्था बदलने की जरूरत क्यों पड़ रही है और इससे आखिर किसे फायदा पहुंच रहा है।
उमंग सिंघार ने सरकार पर लगाए आरोप
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कुप्रबंधन का खामियाजा 85 लाख बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों हितग्राहियों के पोषण से जुड़े कार्यक्रम में लगातार बदलाव और अव्यवस्था गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस नेता ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा कि बच्चों के पोषण जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति और कथित मुनाफाखोरी कब तक जारी रहेगी। उन्होंने पूछा कि इस अव्यवस्था का ज़िम्मेदार कौन है और बार बार व्यवस्था बदलने से किसे फायदा हो रहा है।
सरकार ने बदली है व्यवस्था
बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने टेक होम राशन की व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला लिया गया है। इसके तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से टेक होम राशन के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी वापस लेकर इसे महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) को सौंप दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य पोषण आहार की गुणवत्ता में सुधार, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना और वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना है। छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों के लिए तैयार होने वाले पोषण आहार की तैयारी, पैकेजिंग और आपूर्ति अब महिला एवं बाल विकास विभाग की निगरानी में होगी। हालांकि, पात्र स्व-सहायता समूह उत्पादन कार्य से जुड़े रहेंगे, लेकिन उन्हें नए गुणवत्ता मानकों का पालन करना होगा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
Samacharnama
Mp Breaking News