KVS NVS Tier 2 Result 2026: जारी हुआ टियर-2 रिजल्ट, फाइनल आंसर की भी आउट; यहां से करें चेक
केंद्रीय विद्यालय संगठन ने KVS और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की भर्ती प्रक्रिया के तहत आयोजित टियर-2 परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। रिजल्ट के साथ उम्मीदवारों के लिए अंतिम उत्तर कुंजी भी प्रकाशित की गई है। ऐसे में परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी अब अपने प्रदर्शन और चयन की स्थिति देख सकते हैं।
इस भर्ती अभियान के जरिए KVS और NVS में कई शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। टियर-2 परीक्षा 27 मार्च से 31 मार्च 2026 तक आयोजित हुई थी। परीक्षा के बाद 13 मई को KVS ने उम्मीदवारों की स्कैन की गई OMR शीट और उत्तर कुंजी भी उपलब्ध कराई थी।
किन पदों के लिए हुई भर्ती?
भर्ती प्रक्रिया में शिक्षण और गैर-शिक्षण दोनों तरह के पद शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से
प्रिंसिपल
वाइस प्रिंसिपल
PGT
TGT
PRT
लाइब्रेरियन
कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर
स्टाफ नर्स
जूनियर सचिवालय सहायक (JSA)
स्टेनोग्राफर सहित अन्य पद शामिल हैं।
टियर-2 रिजल्ट कैसे चेक करें?
उम्मीदवार नीचे दिए आसान स्टेप्स के जरिए अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं
- सबसे पहले KVS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- वेबसाइट के Updates/Recruitment सेक्शन में जाएं।
- KVS NVS Tier-2 Result 2026 से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
- मांगी गई जानकारी दर्ज करें।
- रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।
- रिजल्ट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।
टियर-2 के बाद क्या होगा?
टियर-2 में सफल उम्मीदवारों को उनके संबंधित पद के अनुसार चयन प्रक्रिया के अगले चरण में बुलाया जाएगा। सभी पदों के लिए अगला चरण एक जैसा नहीं है। कुछ पदों पर इंटरव्यू, जबकि शिक्षण पदों के लिए डेमो टीचिंग जैसी प्रक्रिया हो सकती है।
वहीं कुछ गैर-शिक्षण पदों में स्किल टेस्ट भी चयन प्रक्रिया का हिस्सा है। उदाहरण के तौर पर जूनियर सचिवालय सहायक (JSA) और स्टेनोग्राफर पदों के लिए संबंधित कौशल परीक्षा आयोजित की जा सकती है।
इसलिए उम्मीदवारों को सलाह है कि वे अपने पद से संबंधित भर्ती नियमों को ध्यान से पढ़ें और KVS तथा NVS की आगे जारी होने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।
उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह
टियर-2 रिजल्ट जारी होने के बाद चयन प्रक्रिया का अगला चरण महत्वपूर्ण है। इसलिए सफल अभ्यर्थी अपने दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र और अन्य जरूरी कागजात तैयार रखें। साथ ही इंटरव्यू, डेमो या स्किल टेस्ट की तारीख और निर्देशों के लिए संबंधित आधिकारिक नोटिस जरूर पढ़ें।
भोपाल में आज से दौड़ेंगी 10 और ई-बसें, अब कुल 20 हुई संख्या, बैरागढ़-कोलार से MP नगर तक कनेक्टिविटी होगी बेहतर
भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने की दिशा में मंगलवार से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब शहर में 10 और ई-बसें चलेंगी। इसके बाद भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) के पास कुल 20 इलेक्ट्रिक बसें हो जाएंगी। नई बसों से बैरागढ़, कोलार, बावड़ियाकलां, सलैया और शहर के कई प्रमुख इलाकों के बीच आने-जाने में लोगों को पहले से ज्यादा विकल्प मिलेंगे।
दरअसल इन बसों का सबसे ज्यादा फायदा नौकरीपेशा लोगों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट्स और रोजाना शहर के अलग-अलग हिस्सों में सफर करने वाले यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। अभी 10 ई-बसों में रोजाना औसतन करीब 4,500 यात्री सफर कर रहे हैं। नई बसें शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़कर रोजाना 10 से 12 हजार तक पहुंचने का अनुमान है। यानी शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ई-बसों की भूमिका तेजी से बढ़ने वाली है।
भोपाल ई-बस का रूट जानें
नई ई-बसों को तीन प्रमुख रूट पर चलाया जाएगा। B35 रूट चिरायु अस्पताल, बैरागढ़ से शुरू होकर आकृति ईको सिटी और सलैया तक जाएगा। इस रास्ते में लालघाटी, कलेक्ट्रेट, हमीदिया अस्पताल, रॉयल मार्केट, पीर गेट, कमला पार्क, रोशनपुरा, बोर्ड ऑफिस, MP नगर मेट्रो स्टेशन, विट्ठन मार्केट, 1100 क्वार्टर, रोहित नगर और बावड़िया चौराहा जैसे इलाके आएंगे। B36 रूट कोच फैक्ट्री से कोलार रोड तक रहेगा। इस रूट पर भोपाल रेलवे स्टेशन, अशोका गार्डन, सुभाष नगर, चेतक ब्रिज, बोर्ड ऑफिस, MP नगर मेट्रो स्टेशन, 1100 क्वार्टर, मनीषा मार्केट, बंसल अस्पताल, चूनाभट्टी, मंदाकिनी चौराहा और नयापुरा जैसे प्रमुख इलाके जुड़ेंगे।
ये रुट भी रहेंगे
वहीं B37 रूट बैरागढ़ ई-बस डिपो से ISBT तक चलेगा। इसमें लालघाटी, हमीदिया अस्पताल, शाहजहांनाबाद, नादरा बस स्टैंड, भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6, जहांगीराबाद, मालवीय नगर, मिंटो हॉल, वल्लभ भवन, जिला न्यायालय, DB मॉल और चेतक ब्रिज जैसे क्षेत्र शामिल हैं। तीनों रूट में MP नगर का जुड़ना नौकरी और पढ़ाई के लिए रोजाना आने-जाने वालों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
दिव्यांग यात्रियों के लिए हाइड्रोलिक डोर की सुविधा
बता दें कि भोपाल की नई ई-बसों में यात्रियों की सुविधा के साथ दिव्यांगजनों की जरूरत का भी ध्यान रखा गया है। बस में हाइड्रोलिक डोर दिए गए हैं, जिनकी मदद से व्हीलचेयर और ट्राइसिकल के साथ बस में चढ़ना और उतरना आसान होगा। डोर के सामने पर्याप्त जगह रखी गई है, जहां एक साथ दो व्हीलचेयर या ट्राइसिकल खड़ी की जा सकती हैं।
इन बसों की लंबाई करीब 9 मीटर और चौड़ाई लगभग साढ़े 3 मीटर है। शहर की कई सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को देखते हुए इनका छोटा आकार भी उपयोगी माना जा रहा है। मौजूदा कई सिटी बसों की लंबाई करीब 12 मीटर तक है, ऐसे में संकरी सड़कों पर उन्हें मोड़ने और निकालने में ज्यादा परेशानी हो सकती है। ई-बसों का आकार छोटा होने से शहर के कई हिस्सों में संचालन आसान रहने की उम्मीद है।
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