चरित्र पर शक में पत्नी को चाकू से गोदा, फिर 2 बच्चों को तालाब में फेंका, इंदौर में सनसनीखेज वारदात
इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र के झलारिया गांव में सोमवार देर रात एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति ने चरित्र पर शक के चलते अपनी पत्नी पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद वह अपने दो बच्चों को लेकर हिंगोनिया तालाब पहुंचा और दोनों को पानी में फेंक दिया। इस घटना में 11 साल की बेटी की जान चली गई, जबकि 8 साल का बेटा किसी तरह पानी से बाहर निकलकर बच गया।
पत्नी की हत्या के बाद बच्चों को लेकर तालाब पहुंचा आरोपी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक घटना की शुरुआत घर से हुई। आरोपी पति ने अपनी पत्नी के चरित्र पर शक किया और इसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसी दौरान उसने पत्नी पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
पत्नी की हत्या के बाद भी आरोपी रुका नहीं। वह अपने दोनों बच्चों को लेकर हिंगोनिया तालाब की तरफ चला गया। वहां पहुंचने के बाद उसने दोनों बच्चों को तालाब के पानी में फेंक दिया।
11 साल की बेटी की तालाब में डूबने से मौत
आरोपी ने दोनों बच्चों को तालाब में फेंक दिया था। इसके बाद 11 वर्षीय बेटी पानी में लापता हो गई। वहीं 8 वर्षीय बेटा किसी तरह खुद को बचाने में सफल रहा।
बच्ची के तालाब में डूबने की सूचना मिलने के बाद कनाड़िया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया गया। इसके बाद तालाब में बच्ची की तलाश शुरू की गई।
रेस्क्यू टीम ने काफी देर तक पानी में खोजबीन की। अंधेरे और पानी की स्थिति के बीच बच्ची को तलाशना आसान नहीं था। कई घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने 11 वर्षीय बच्ची को पानी से बाहर निकाला। हालांकि, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
8 साल के बेटे ने दिखाई सूझबूझ, ऐसे बचाई जान
इस दर्दनाक घटना में 8 वर्षीय बेटे का बच जाना पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी बन गया है। जानकारी के मुताबिक, बच्चे ने पिता के सामने खुद के मरने का नाटक किया। इसके बाद जब उसे मौका मिला तो वह पानी से बाहर निकल आया और अपनी जान बचा ली। बच्चे के सुरक्षित बचने के बाद ही पुलिस को घटना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकी।
पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लिया
कनाड़िया थाना पुलिस ने मामले में आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है। उससे पत्नी की हत्या और दोनों बच्चों को तालाब में फेंकने के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
पुलिस की शुरुआती जांच में पत्नी की हत्या के पीछे चरित्र पर शक की बात सामने आई है। लेकिन केवल शुरुआती जानकारी के आधार पर घटना की पूरी वजह तय नहीं की जा सकती। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और हत्या तक मामला किस तरह पहुंचा।
सड़क पर बैठा गौवंश बना आठ लोगों की मौत की वजह, बचाने के चक्कर में ट्रक-पिकअप की हुई भिड़ंत, कौन है इन मौतों का जिम्मेदार?
भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार देर रात दर्दनाक सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल हुए हैं। हादसा गोहद के छीमका गांव के पास हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हाईवे पर बैठे गौवंश को बचाने की कोशिश में पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे ने एक बार फिर सड़कों पर बैठे बेसहारा गौवंश और उससे होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिकअप में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के कुल 31 मजदूरों के सवार होने की बात सामने आई है। ये सभी ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई का काम पूरा कर अपने गांव लौट रहे थे। हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल हुए हैं।
गौवंश को बचाने के लिए मोड़ी पिकअप, सामने से आ गया ट्रक
गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव के मुताबिक, पिकअप की रफ्तार करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है। छीमका गांव के पास हाईवे पर गौवंश बैठा हुआ था। चालक ने उसे बचाने के लिए पिकअप मोड़ी और इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक से उसकी भिड़ंत हो गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। पांच शव गोहद और तीन शव ग्वालियर में रखे जाने की जानकारी सामने आई है।
सड़क पर गौवंश और आठ मौतें, जिम्मेदारी किसकी?
इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल सड़क पर बेसहारा गौवंश की मौजूदगी को लेकर है। प्रदेश के हाईवे और दूसरी व्यस्त सड़कों पर बैठे मवेशी वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब अचानक सामने आए मवेशी को बचाने की कोशिश में वाहन चालक खुद हादसे का शिकार हो जाते हैं।
भिंड के इस हादसे में पिकअप की रफ्तार सहित दुर्घटना के दूसरे पहलुओं की जांच पुलिस करेगी, लेकिन सड़क पर बैठे गौवंश की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आखिर हाईवे से बेसहारा गौवंश को हटाने, उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी किसकी है? आठ लोगों की जान जाने के बाद यह सवाल एक बार फिर व्यवस्था के सामने खड़ा है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News









.jpg)

