आज का पंचांग 18 अगस्त 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, सूर्योदय-सूर्यास्त
आज की तिथि क्या है?: आज श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, जो शाम 05:51 बजे तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
- वार: मंगलवार
- नक्षत्र: स्वाती-अगले दिन सुबह 6:47 बजे तक
- योग: शुक्ल- देर रात 3:23 बजे तक
- करण: गर-दोपहर तक, इसके बाद वणिज करण रहेगा।
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: 12:17 PM से 1:08 PM
- ब्रह्म मुहूर्त: 4:50 AM से 5:35 AM
- अमृत काल: 9:19 PM से 11:02 PM
- विजय मुहूर्त: 2:50 PM से 3:40 PM
राहुकाल
- राहुकाल: 3:37 PM से 5:14 PM-भोपाल के अनुसार।
- यमगण्ड: लगभग 9:08 AM से 10:46 AM
- गुलिक काल: लगभग 12:24 PM से 2:03 PM
- दुर्मुहूर्त: लगभग 8:29 AM से 9:21 AM
सूर्योदय-सूर्यास्त
- सूर्योदय: 5:51 AM
- सूर्यास्त: 6:58 PM
- चंद्रोदय: 11:15 AM
- चंद्रास्त: 10:10 PM
आज के व्रत
- मंगला गौरी व्रत
- स्कंद षष्ठी व्रत
आज का पर्व
- कल्कि जयंती
- मंगला गौरी व्रत
आज का धार्मिक महत्व
श्रावण मास का मंगलवार धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जाता है। इस दिन मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि सुहागिन महिलाएं वैवाहिक सुख, सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना से यह व्रत करती हैं। अविवाहित कन्याएं भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से मंगला गौरी की पूजा करती हैं। आज कल्कि जयंती भी मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु के दशम और अंतिम अवतार भगवान कल्कि का प्राकट्य कलियुग के अंत में होगा। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना, कथा-पाठ और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है। 18 अगस्त 2026 को पंचांगों में कल्कि जयंती और मंगला गौरी व्रत दोनों का उल्लेख मिलता है।
आज राहुकाल कब है?: भोपाल के अनुसार आज दोपहर 3:37 बजे से शाम 5:14 बजे तक राहुकाल रहेगा।
Fishermen Missing: आंध्र प्रदेश में 8 मछुआरे समुद्र में लापता; 13 अगस्त को लौटना था वापस, फोन और जीपीएस भी बंद
आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र कोनसीमा से गहरे समुद्र में मछली के शिकार पर निकले मछुआरों के गायब होने से उनके परिजनों में गहरा डर और अनिश्चितता का माहौल है। 3 अगस्त को ओडलारेवु स्थित फिश लैंडिंग सेंटर से रवाना हुए इन मछुआरों की नाव से अब तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
तकनीकी रूप से नाव का जीपीएस सिस्टम और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है, जिससे उनकी अंतिम सटीक लोकेशन का पता लगाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मामले की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है और तटरक्षक बल के साथ मिलकर तलाश तेज कर दी गई है।
नाव में कौन-कौन थे सवार और संपर्क टूटने की वजह
लापता नाव कोमारागिरी पटनम गांव निवासी कोपनाटी रामकृष्ण वर्मा की है और वही इसे चला रहे थे। मत्स्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार नाव पर कुल 8 मछुआरे सवार हैं। 3 अगस्त को वैनतेय नदी और समुद्र के संगम मार्ग से रवाना होने के दौरान मछुआरे अपने साथ लगभग 15 दिनों का पर्याप्त राशन और 1000 लीटर डीजल लेकर निकले थे।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह नाव टूना मछली की तलाश में विशाखापट्टनम से ओडिशा के पारादीप के बीच गहरे समुद्री क्षेत्र की ओर आगे बढ़ी थी। नाव में सेटेलाइट फोन नहीं होने और जीपीएस काम न करने के चलते उनका तट से संपर्क पूरी तरह कट गया।
चार दिन बाद प्रशासन को कैसे मिली जानकारी?
तय योजना के मुताबिक नाव को 13 अगस्त तक तट पर लौट आना था। जब निर्धारित तिथि के चार दिन बाद यानी 17 अगस्त तक भी नाव का कोई सुराग नहीं मिला, तो नाव मालिक के परिजनों ने ओडलारेवु तटीय सुरक्षा पुलिस और स्थानीय प्रशासन को पूरे मामले की लिखित सूचना दी।
जानकारी मिलते ही कोनसीमा के जिलाधिकारी डॉ. आर. महेश कुमार ने तत्काल आपात बैठक बुलाई और विशाखापट्टनम स्थित भारतीय तटरक्षक बल से संपर्क साधकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने का अनुरोध किया।
प्रशासन के कड़े निर्देश और तटरक्षक बल का सर्च ऑपरेशन
जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक राहुल मीणा और मत्स्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नाव मालिक के परिजनों और अन्य स्थानीय मछुआरों से नाव की संभावित दिशा व आखिरी संपर्क का पूरा ब्योरा जुटाया जाए। इस इनपुट को तत्काल तटरक्षक बल और नौसेना के साथ साझा किया जा रहा है।
समुद्र में गश्त कर रहे जहाजों और आसपास की अन्य नौकाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी सुराग के मिलते ही तेजी से राहत पहुंचाई जा सके। फिलहाल सभी मछुआरों के सुरक्षित लौटने को लेकर तटवर्ती इलाकों में प्रार्थनाओं का दौर जारी है।
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