ट्रंम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था की तारीफ की:कहा- 64.6 करोड़ वोटर्स के पास फोटो आईडी, अमेरिका में भी हो जरूरी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था का हवाला देते हुए ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को पास कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन से पूछा था कि वैध फोटो पहचान पत्र के बिना अमेरिका में चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं। ट्रंम्प ने कहा कि हर अमेरिकी मतदाता के लिए फोटो आईडी जरूरी होनी चाहिए, ताकि चुनावी धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने ये बातें ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहीं। पंजीकरण के लिए नागरिकता का प्रमाण दिखाना जरूरी सेव अमेरिका एक्ट के तहत अमेरिका में वोटर के तौर पर पंजीकरण कराने के लिए नागरिकता का प्रमाण दिखाना जरूरी होगा। इसके अलावा, पूरे देश में मतदाता पहचान पत्र की अनिवार्यता लागू करने का प्रस्ताव है। इस कानून में डाक से वोट देने की प्रक्रिया को काफी सीमित करने की बात भी कही गई है। ट्रंप लगातार सेफगार्ड अमेरिकन वोटर एलिजिबिलिटी (SAVE) यानी सेव अमेरिका एक्ट को पास कराने पर जोर दे रहे हैं और उनका दावा है कि इससे चुनावी धोखाधड़ी पर रोक लगेगी। सीनेट में आगे नहीं बढ़ी प्रक्रिया इस मुद्दे पर डेमोक्रेट और रिपब्लिकन, दोनों पार्टी में मतभेद हैं। इसी वजह से अमेरिकी सीनेट इस महीने की शुरुआत में कानून पास करने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाए बिना पांच हफ्ते के अवकाश पर चली गई। ------------- ये खबर पढ़ें… ट्रम्प बोले- लेविट को मुझसे ज्यादा अपने बच्चे पसंद:व्हाइट हाउस में उनकी जगह लेना मुश्किल; लेविट का प्रेस सेक्रेटरी के पद से इस्तीफा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के पद छोड़ने पर मजाक किया। पूरी खबर पढ़ें…
फिजिकल हेल्थ- बांहों पर रेत जैसे बारीक खुरदरे दाने:ये ‘चिकन स्किन’ हो सकती है, डॉक्टर से समझें इसका कारण, इलाज और बचाव के टिप्स
कई बार स्किन पर छोटे-छोटे खुरदरे दाने दिखाई देते हैं। ये न पिंपल होते हैं और न ही रैश जैसे लगते हैं। आमतौर पर इनमें दर्द या खुजली भी नहीं होती। इसलिए लोग इन्हें सामान्य समझकर इग्नोर कर देते हैं। हालांकि कई बार ये दाने 'चिकन स्किन' यानी केराटोसिस पिलारिस का संकेत हो सकते हैं। ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, करीब 50% से 80% किशोर और लगभग 40% वयस्क जीवन में कभी–न–कभी इस समस्या का सामना करते हैं। ऐसे में आज 'फिजिकल हेल्थ' में चिकन स्किन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. डिंपल कोठारी, कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- चिकन स्किन क्या है? जवाब- चिकन स्किन एक कॉमन स्किन प्रॉब्लम है। मेडिसिन की भाषा में इसे ‘केराटोसिस पिलारिस’ कहते हैं। सवाल- चिकन स्किन क्यों होती है? जवाब- पॉइंटर्स से समझते हैं- सवाल- किन लोगों में चिकन स्किन का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- कुछ लोगों में चिकन स्किन का रिस्क ज्यादा होता है। इसके पीछे जेनेटिक्स और स्किन बैरियर से जुड़ी कंडीशन अहम भूमिका निभाती हैं। ग्राफिक में देखिए किन्हें ज्यादा रिस्क होता है- सवाल- चिकन स्किन के लक्षण क्या हैं? जवाब- चिकन स्किन के लक्षण मुख्य रूप से स्किन की बनावट में बदलाव के रूप में दिखाई देते हैं। इसमें छोटे-छोटे खुरदरे दाने उभर सकते हैं और स्किन सामान्य से ज्यादा रफ महसूस होती है। ग्राफिक में इसके सभी लक्षण देखिए- सवाल- चिकन स्किन और सामान्य ड्राई स्किन में क्या फर्क है? जवाब- दोनों समस्याओं में स्किन ड्राई और खुरदरी लग सकती है, लेकिन इनके पीछे की वजह अलग होती है। इसी कारण दोनों का इलाज भी अलग होता है। ग्राफिक में दोनों के बीच का फर्क देखिए- सवाल- चिकन स्किन और फॉलिकुलाइटिस (पिंपल्स) में क्या फर्क है? जवाब- स्किन और पिंपल्स दोनों में स्किन पर छोटे-छोटे दाने दिखाई दे सकते हैं। इसलिए लोग अक्सर इन्हें एक ही समस्या समझ लेते हैं। हालांकि दोनों के लक्षण अलग होते हैं। ग्राफिक में दोनों के बीच का फर्क देखिए- सवाल- क्या चिकन स्किन कोई बीमारी या इंफेक्शन है? जवाब- नहीं, चिकन स्किन कोई बीमारी नहीं है। यह स्किन कंडीशन है। इससे शरीर के दूसरे अंग प्रभावित नहीं होते और ज्यादातर मामलों में यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं बनती। सवाल- क्या चिकन स्किन अपने आप ठीक हो जाती है? जवाब- कई लोगों में उम्र बढ़ने के साथ इसके लक्षण अपने-आप कम हो जाते हैं। कुछ लोगों में यह लंबे समय तक बनी रह सकती है या समय-समय पर फिर उभर सकती है। सवाल- क्या चिकन स्किन का इलाज संभव है? जवाब- हां, लेकिन, इसे हमेशा पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। इलाज का उद्देश्य स्किन के खुरदरेपन, ड्राईनेस और दानों को कम करना होता है। सही इलाज और नियमित स्किन केयर से ज्यादातर लोगों में इसके लक्षण काफी हद तक कंट्रोल हो जाते हैं। सवाल- डॉक्टर चिकन स्किन का इलाज कैसे करते हैं? जवाब- डॉक्टर चिकन स्किन की गंभीरता, लक्षण और स्किन की कंडीशन के अनुसार इलाज तय करते हैं। इसके लिए ये तरीके अपनाए जा सकते हैं- मॉइश्चराइजर: स्किन की ड्राईनेस और खुरदरापन कम करने के लिए दिया जाता है। मेडिकेटेड क्रीम: यूरिया, लैक्टिक एसिड, सैलिसिलिक एसिड या ग्लाइकोलिक एसिड वाली क्रीम, जो केराटिन प्लग को ढीला करने में मदद करती हैं। रेटिनॉइड क्रीम: नई स्किन सेल्स के बनने की प्रक्रिया को सामान्य करने के लिए दी जाती है। लेजर ट्रीटमेंट: अगर रेडनेस ज्यादा हो या दवाओं से पर्याप्त सुधार न हो, तो कुछ मामलों में लेजर ट्रीटमेंट का इस्तेमाल किया जाता है। सवाल- चिकन स्किन की देखभाल कैसे करें? जवाब- चिकन स्किन के लक्षण कम करने के लिए घर पर कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं, जैसेकि- सवाल- किन गलतियों से चिकन स्किन की समस्या बढ़ सकती है? जवाब- कुछ आदतें चिकन स्किन के लक्षणों को बढ़ा सकती हैं, जैसेकि- सवाल- क्या वैक्सिंग, शेविंग या हेयर रिमूवल से चिकन स्किन बढ़ सकती है? जवाब- हां, वैक्सिंग, शेविंग या हेयर रिमूवल से स्किन में जलन हो सकती है। इससे चिकन स्किन के दाने कुछ समय के लिए ज्यादा उभरे हुए या लाल दिख सकते हैं। सवाल- कौन से पोषक तत्व चिकन स्किन से बचाव में मदद करते हैं? जवाब- चिकन स्किन को सिर्फ खानपान से रोका नहीं जा सकता। हालांकि, कुछ पोषक तत्व स्किन को हेल्दी रखने और स्किन बैरियर को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं, जैसेकि- ध्यान दें इन पोषक तत्वों का पर्याप्त सेवन स्किन हेल्थ के लिए फायदेमंद है, लेकिन ये चिकन स्किन का इलाज नहीं है और न ही इनसे इसके पूरी तरह ठीक होने की गारंटी होती है। सवाल- किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए? जवाब- अगर नीचे ग्राफिक में दिए लक्षण दिखें, तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें- चिकन स्किन कोई इमरजेंसी नहीं है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। अगर लंबे समय तक दाने बने रहें या उनमें बदलाव दिखे, तो सही कारण जानने के लिए स्किन स्पेशलिस्ट से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है। …………………………. ये खबर भी पढ़ें… फिजिकल हेल्थ- बैठने, खड़े रहने पर भी फूलती है सांस:हो सकता है डिस्प्निया, डॉक्टर से जानें यह कब खतरनाक, बचाव के लिए 6 सावधानियां आपने देखा होगा कि कुछ लोग थोड़ी दूर चलने, सीढ़ियां चढ़ने या हल्का-सा काम करने पर ही हांफने लगते हैं। ऐसा कभी-कभार हो तो सामान्य है। लेकिन बिना किसी मेहनत या मूवमेंट के अगर बैठे–बैठे भी सांस फूल रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…
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