Mumbai Police ने फर्जी दाखिला गिरोह का किया भंडाफोड़, Pune से 10 आरोपी गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला दिलाने के नाम पर अभिभावकों और छात्रों से ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया तथा पुणे में फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी के बाद गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। जांच में अब तक गिरोह से जुड़े छह मामले सामने आए हैं।
इनमें मुंबई और नागपुर में दो, उत्तर प्रदेश में दो तथा कर्नाटक और गुजरात में एक-एक मामला शामिल है। यह मामला तब सामने आया जब पवई की 47 वर्षीय एक महिला ने पुलिस से संपर्क कर आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके बेटे का आईआईआईटी हैदराबाद में दाखिला दिलाने का वादा करके उससे 16.50 लाख रुपये की ठगी की। अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने पुणे के विमान नगर और खराड़ी में दो फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी की।
इस दौरान कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, हार्ड डिस्क, लैपटॉप, डेबिट कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई। उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से 1.35 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति बरामद की गई। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी इंजीनियरिंग में दाखिले की तलाश कर रहे अभिभावकों और छात्रों को निशाना बनाने के लिए इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देते थे।
इसके बाद वे व्हाट्सऐप के जरिए उनकी जानकारी हासिल करते और खुद को शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि या अधिकारी बताकर उनके परिसरों में उनसे मुलाकात करते थे। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन में की गई। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
UP ATS ने Jaish-e-Mohammed से संबंध के आरोपी मोहम्मद जफर को किया गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। एटीएस के अनुसार, आरोपी मदरसे के नाम पर चंदा एकत्र करके पाकिस्तान भेजने की कोशिश कर रहा था। एटीएस ने सोमवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद जफर पुत्र मोहम्मद जहीर, निवासी मीरगंज थाना रौटा, जिला पूर्णिया (बिहार) के रूप में हुई है।
उसने बताया कि वह पूर्व में मेरठ में रहकर एक मदरसे में पढ़ाई कर चुका है। एटीएस के मुताबिक, जफर जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के भाषणों और कथित जिहादी सामग्री से प्रभावित था तथा सोशल मीडिया के जरिए लोगों को हिंसक जिहाद के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रहा था। एटीएस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि जफर के फोन में पाकिस्तानी संदिग्धों से जुड़े व्हाट्सऐप समूह मिले, जिनमें जिहाद और चंदे को लेकर बातचीत हुई थी।
एटीएस के मुताबिक, वह फेसबुक के माध्यम से भी जिहाद और खिलाफत से संबंधित सामग्री साझा करता था। एटीएस का दावा है कि जफर जैश-ए-मोहम्मद के जिहादी समूह से जुड़कर पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में आया और उसने जिहाद में मदद के लिए धन भेजने की पेशकश की। एटीएस के मुताबिक, पाकिस्तानी आका ने उसे कथित तौर पर पाकिस्तानी खाता उपलब्ध कराया, जिसमें धन भेजने का प्रयास किया गया, हालांकि वह सफल नहीं हुआ।
एटीएस के मुताबिक, बाद में जफर ने बाइनेंस खाता मांगा और अन्य पाकिस्तानी संदिग्धों से संपर्क करके कथित तौर पर कई बार क्रिप्टोकरेंसी के रूप में धन भेजा। एटीएस के मुताबिक, एटीएस ने आरोपी को 16 अगस्त को गिरफ्तार किया और पूछताछ में आरोपी ने अपने अपराध स्वीकार किए हैं। एटीएस के मुताबिक, आरोपी को नियमानुसार अदालत में पेश करके आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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