CEC Gyanesh Kumar ने BLOs को लोकतंत्र की आधारशिला बताया, बिहार से ELC 2.0 शुरू होगा
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को बिहार के नालंदा जिले में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) से मुलाकात के बाद उन्हें ‘‘लोकतंत्र की आधारशिला’’ बताया। पटना में निर्वाचन साक्षरता क्लब और ईसीआईनेट ऐप पर आयोजित सम्मेलन से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कुमार ने कहा, ‘‘बीएलओ लोकतंत्र की आधारशिला हैं। वे हर मतदाता के घर जाते हैं और पारदर्शी तरीके से यह सुनिश्चित करते हैं कि पात्र मतदाताओं के मतदाता पहचान पत्र बनें।’’ सीईसी ने कहा कि दिन में नालंदा जिले के बीएलओ से मुलाकात के बाद उन्हें लगा कि वहां के अधिकारियों में मौजूद क्षमताएं ‘‘देशभर के सभी बीएलओ में होनी चाहिए।’’ कुमार ने बिहार से शुरुआत करते हुए पूरे देश में ‘ईएलसी 2.0’ के तहत निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) स्थापित किए जाने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा, ‘‘निर्वाचन प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता के बारे में क्लब स्थापित करने की प्रक्रिया बिहार से शुरू की गई है और इसे बड़े पैमाने पर पूरे देश में विस्तार दिया जाएगा।’’ सीईसी ने कहा कि सम्मेलन में बिहार के विभिन्न जिलों से विश्वविद्यालयों के कुलपति, कॉलेजों और स्कूलों के प्रधानाचार्य तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और निर्वाचन प्रक्रिया को मजबूत करने को लेकर ‘‘बहुत अच्छे सुझाव’’ दिए। उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिभागियों के साथ बातचीत के बाद मुझे पूरा विश्वास है कि जिस तरह बिहार ने पूरे देश को पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान का उपहार दिया, उसी तरह वह पूरे देश के लिए निर्वाचन साक्षरता क्लब के रूप में एक वरदान देगा।’’ एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कुमार ने कहा कि 2025 में कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के दौरान सभी बीएलओ ने समर्पण और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया, जिससे मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली। कुमार ने बीएलओ से उनके कार्य अनुभव, समस्याओं और सुझावों के बारे में भी जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सहभागी बनाने के लिए उनके विचार महत्वपूर्ण हैं। सम्मेलन में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार, उनके पूर्ववर्ती और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) के अध्यक्ष एस.एम. थियागराजन समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
Somnath Bharti मामले में Sultanpur कोर्ट में सुनवाई टली, 22 अगस्त को होंगे आरोप तय
सुलतानपुर में एक विशेष अदालत में दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती के खिलाफ मुकदमे में कार्यवाही सोमवार को वकीलों की हड़ताल के कारण स्थगित कर दी गई। आरोप तय करने के मुद्दे पर अगली सुनवाई 22 अगस्त को निर्धारित की गई है। मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने आरोप पर बहस के लिए अगली तारीख 22 अगस्त निर्धारित की।
दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती के खिलाफ मामला अमेठी जिले के जगदीशपुर में एक जनसभा में उत्तर प्रदेश के अस्पतालों को लेकर कथित तौर पर की गई टिप्पणी को लेकर मामला दर्ज हुआ था। उनके खिलाफ यह मुकदमा सांसद-विधायक मजिस्ट्रेट अदालत में चल रहा है। पिछली सुनवाई में वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए थे।
विशेष लोक अभियोजक वैभव पांडे ने बताया कि 9 जनवरी 2021 को अमेठी जिले के जगदीशपुर रामलीला मैदान में सोमनाथ भारती ने अपने बयान में कथित तौर पर कहा था कि यहां के अस्पतालों में इंसान के साथ जानवर भी पैदा होते हैं। इस टिप्पणी के बाद जगदीशपुर निवासी सोमनाथ साहू ने 10 जनवरी 2021 को जगदीशपुर कोतवाली में सोमनाथ भारती के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। भारती ने जमानत तो करा ली थी, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने उनकी याचिका पर मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने उक्त रोक हटा ली थी, जिसके बाद पिछली पेशी पर सोमनाथ भारती को आरोप तय करने के लिए तलब किया गया था। सोमनाथ भारती के अधिवक्ता रुद्र प्रताप सिंह मदन ने कहा कि अगली सुनवाई आरोप तय किए जाने के मुद्दे पर ऑनलाइन माध्यम से दलीलें सुनने के लिए निर्धारित की गई है।
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