पंजाब की मान सरकार ने फीस रेगुलेशन ऑर्डिनेंस-2026 किया लागू, जानें छात्रों को क्या मिलेगा फायदा
पंजाब में 32 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देते हुए सीएम भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) ऑर्डिनेंस, 2026' जारी करके निजी स्कूलों की फीस को सख्त रेगुलेटरी ढांचे के अधीन लाई है.
यह ऑर्डिनेंस सालाना फीस बढ़ोतरी को 5 प्रतिशत तक तय करता है. उन मामलों में फीस रिफंड को अनिवार्य करता है, यहां बीते तीन वर्षों में फीस की बढ़ोतरी 15 प्रतिशत से ज्यादा हुई है. ट्रांसपोर्ट और बिल्डिंग फीस समेत सभी शुल्कों को ट्यूशन फीस भाग मानता है. नियमों के उल्लंघन पर मान्यता रद्द करने समेत कड़ी सजाओं का प्रावधान है.
रिकॉर्ड को अपलोड करने का निर्देश
इस बात को दोहराते हुए शिक्षा को व्यापार बनने की इजाजत नहीं दी जा सकती है. सीएम ने कहा कि उपायुक्तों की अध्यक्षता वाली रेगुलेटरी कमेटियां फीस वृद्धि की बारीकी से जांच करने वाली है. वहीं सभी निजी स्कूलों को अगले 10 दिनों के अंदर तय पोर्टल पर बीते चार सालों में फीस में किसी तरह की बढ़ोतरी का रिकॉर्ड अपलोड करने का आदेश दिए गए हैं.
अतिरिक्त राशि अभिभावकों को वापस देने होगी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम भगवंत सिंह मान ने राज्य सरकार की ओर से लाए गए इस ऑर्डिनेंस को अपनी स्वीकृति देने को लेकर राज्यपाल का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह आज से ही लागू हो गया है." आज से हर निजी शैक्षणिक संस्थान को बीते चार वर्षों के दौरान एकत्रित की गई फीस का पूरा विवरण 10 दिनों के अंदर पोर्टल पर अपलोड करना होगा. उन्होंने कहा कि जैसे ही यह समय सीमा खत्म होगी, इसके बाद अगर कोई संस्थान विद्यार्थियों से ज्यादा फीस वसूलने में शामिल होता है तो उससे वसूली गई अतिरिक्त राशि अभिभावकों को वापस देने होगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने निजी शैक्षणिक संस्थानों को विद्यार्थियों और अभिभावकों पर अनावश्यक फीस थोपने की छूट दी हुई थी, जिससे शिक्षा प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान विभिन्न खातों के माध्यम से फीस एकत्र करके शिक्षा के नाम पर मुनाफा नहीं कमा सकते.
वास्तविक फीस का पता लगाने के लिए फोरेंसिक ऑडिट करवाया
उन्होंने कहा, "इन संस्थानों द्वारा किसी भी माध्यम से एकत्रित की गई वास्तविक फीस का पता लगाने के लिए एक फोरेंसिक ऑडिट करवाया जाएगा. निजी अन-एडेड स्कूलों द्वारा फीस में मनमाने ढंग से की जाने वाली बढ़ोतरी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए पंजाब सरकार ने 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) ऑर्डिनेंस, 2026' अधिसूचित किया है."
NEET री-एग्जाम के लिए के बड़ा अपडेट सामने आया, OMR शीट जारी, 15 जुलाई तक जता सकते हैं आपत्ति
NEET-UG 2026 री-एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदावारों के नया अपडेट जारी किया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उम्मीदवारों की स्कैन की गई OMR आंसर शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स को वेबसाइट पर अपलोड किया है. अब छात्र अपने आवेदन नंबर और पासवर्ड की सहायता से इसे लॉगिन कर सकता है. परीक्षा के दौरान उन्होंने उन्होंने OMR शीट में कौन-कौन से जवाब भरे और सिस्टम में क्या रिकॉर्ड हुआ है, यह सब चेक किया जा सकता है.
अपनी OMR शीट को चेक कर लें
NTA ने साफ कर दिया है कि यह प्रक्रिया सिर्फ OMR शीट में दर्ज जवाबों के सत्यापन को लेकर है. आंसर-की (Answer Key) पर आपत्ति दर्ज कराने की समय-सीमा पहले ही खत्म हो चुकी है. ऐसे में अब उससे जुड़ी किसी तरह की नई चुनौती को स्वीकार नहीं किया जाएगा. ऐसे में जिन छात्रों ने री-एग्जाम दिया है, उनके लिए यह अंतिम मौका होगा कि वह अपनी OMR शीट को चेक कर लें.
उम्मीदवार को NTA की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाना होगा. यहां पर आवेदन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें. लॉगिन करने के बाद स्कैन की गई OMR शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स देखा जा सकता है.
किस तरह से जताएं आपत्ति
यह प्रक्रिया काफी अहम मानी जा रही है. इसकी वजह है कि कई बार स्कैनिंग या रिकॉर्डिंग के वक्त तकनीकी गलती होने की आशंका बनी रहती है. ऐसे में NTA ने छात्रों को अपनी OMR शीट को पूरी सतर्कता से मिलान करने मौका दिया गया है. अगर किसी तरह की कोई गलती हो तो समय रहते उसे सुधारा जा सकेगा. अगर किसी अभ्यर्थी को ऐसा लगता है कि उसकी OMR शीट में दिए गए उत्तर और पोर्टल पर दिख रहे रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स में किसी तरह का अंतर है तो 15 जुलाई सुबह 11 बजे तक ऑनलाइन आपत्ति को दर्ज करा सकते हैं. हर आपत्ति को 200 रुपये शुल्क देना पड़ेगा. मगर जांच में यह साबित होता है कि गलती स्कैनिंग एजेंसी या तकनीकी प्रक्रिया के कारण हुई है, तो पैसे वापस हो जाएंगे.
Answer Key पर आपत्ति जताने का समय खत्म
NTA ने इस बात को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि यह सुविधा केवल OMR शीट में रिकॉर्ड हुए जवाबों की जांच को लेकर है. फाइनल आंसर-की या उत्तर कुंजी पर किसी तरह की आपत्ति जताने का समय अब खत्म हो चुका है. ऐसे में अब Answer Key से जुड़े किसी भी नए दावे पर विचार नहीं किया जाएगा. एजेंसी ने उम्मीदवारों से कहा कि वे किसी तरह की जल्दबाजी में आपत्ति को दर्ज नहीं करना चाहिए. सबसे पहले अपनी स्कैन की गई OMR शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स का ध्यान मिलान करना होगा. अगर वास्तव में किसी तरह अंतर दिखता है तो तय समय के अंतर ऑनलाइन आपत्ति को दर्ज करना होगा. गलत जानकारी देने या OMR से छेड़छाड़ करने के प्रयास में नियमों के तहत कार्रवाई भी हो सकती है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation