Gold-Silver Price: सोना-चांदी में तेज गिरावट, सोमवार को सोना ₹1,079 और चांदी ₹3,155 हुई सस्ती
Gold-Silver Price Today (13 july 2026): आज यानी 13 जुलाई को घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमत में 3,155 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी आई है, जिसके बाद इसका भाव घटकर 2.17 लाख रुपये प्रति किलो रह गया है।
वहीं, 24 कैरेट सोने की कीमत में 1,079 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट के बाद इसका भाव 1,42,289 रुपये पर पहुंच गया है। इसके अलावा, 22 कैरेट सोना 1,30,337 रुपये, 18 कैरेट सोना 1,06,717 रुपये और 14 कैरेट सोना 83,239 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। अब आइए जानें के देश के प्रमुख शहरों में सोने के आज के ताजा दाम।
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव (रुपये/10 ग्राम)
| शहर | 24 कैरेट सोने का भाव |
| जयपुर | ₹1,43,060 |
| दिल्ली | ₹1,43,060 |
| मुंबई | ₹1,42,910 |
| अहमदाबाद | ₹1,42,960 |
| भोपाल | ₹1,42,960 |
| पटना | ₹1,42,960 |
| लखनऊ | ₹1,43,060 |
| रायपुर | ₹1,42,910 |
| कोलकाता | ₹1,42,910 |
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम क्यों होते हैं अलग? जानें 4 प्रमुख वजहें
सोने की कीमतें पूरे देश में एक जैसी नहीं होतीं। अलग-अलग शहरों में सोने के रेट में फर्क देखने को मिलता है। इसके पीछे कई व्यावहारिक और आर्थिक कारण जिम्मेदार होते हैं।
1. ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी खर्च
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा पर खर्च आता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, यह लागत भी बढ़ती जाती है, जिसका असर अंतिम कीमत पर पड़ता है।
2. खरीदारी की मात्रा (डिमांड फैक्टर)
दक्षिण भारत में सोने की खपत देश में सबसे ज्यादा होती है। यहां कुल मांग का लगभग 40% हिस्सा है। बड़ी खरीदारी के बावजूद स्थानीय बाजार में छूट सीमित रहती है, जिससे कीमतों में फर्क आता है।
3. लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका
हर राज्य और शहर में ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग और आपूर्ति के आधार पर रेट तय करते हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में सोने के भाव अलग हो जाते हैं।
4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
ज्वेलर्स ने सोना किस कीमत पर खरीदा है, यह भी बिक्री मूल्य तय करने में अहम भूमिका निभाता है। पुराना स्टॉक महंगा या सस्ता खरीदा गया हो तो उसका असर ग्राहकों को मिलने वाले रेट पर पड़ता है।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास ध्यान
1. सिर्फ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है, जैसे अल्फान्यूमेरिक कोड (AZ4524)।
2. कीमत जरूर क्रॉस चेक करें
खरीदने से पहले सोने का भाव अलग-अलग स्रोतों जैसे IBJA (India Bullion and Jewellers Association) से जरूर जांचें। सोने की कीमत 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होती है।
Nifty IT इंडेक्स क्यों 4% उछला: टीसीएस के शेयर में एक डील से 6 फीसदी की तेजी, आगे क्या होगा?
देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर सोमवार को करीब 6 फीसदी तक उछल गए। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह स्विस टेक्नोलॉजी कंपनी एबीबी के साथ हुई मल्टी-मिलियन डॉलर और कई सालों की रणनीतिक डील रही। इस खबर के बाद निवेशकों ने टीसीएस के शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स भी करीब 4 फीसदी चढ़ गया।
दोपहर करीब 3 बजे टीसीएस का शेयर 2185 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले लगभग 6 फीसदी अधिक था। इस समझौते के तहत टीसीएस अब एबीबी के लिए केवल आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और एप्लिकेशन मैनेजमेंट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कंपनी की ग्लोबल नेटवर्क ऑपरेशंस को एंड-टू-एंड 'नेटवर्क-एज-ए-सर्विस' मॉडल के जरिए संचालित करेगी।
टीसीएस की एबीबी से हुई डील
TCS, एबीबी के 'फ्यूचर नेटवर्क मॉडल' कार्यक्रम के तहत उसके वैश्विक नेटवर्क को आधुनिक, सुरक्षित और AI-संचालित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलने का काम करेगी। इसके जरिए यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होगा, ऑपरेशनल दक्षता बढ़ेगी, साइबर सुरक्षा मजबूत होगी और भविष्य की डिजिटल जरूरतों के लिए नेटवर्क तैयार किया जाएगा। कंपनी एबीबी के मल्टी-वेंडर नेटवर्क सिस्टम को भी यूनिफाइड और मानकीकृत तरीके से चलाएगी।
टीसीएस का शेयर 6 फीसदी उछला
टीसीएस के प्रेसिडेंट (मैन्युफैक्चरिंग) अनुपम सिंघल ने कहा कि इस परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नेटवर्क ऑपरेशंस का अहम हिस्सा बनाया जाएगा। उनका कहना है कि कंपनी का लक्ष्य ऐसा स्मार्ट नेटवर्क तैयार करना है जो खुद सीख सके, परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल सके और लगातार बेहतर होता रहे। इससे नेटवर्क की विश्वसनीयता, सुरक्षा और स्केलेबिलिटी में भी सुधार होगा।
इस बड़ी डील के साथ ही टीसीएस ने संगठन में व्यापक नेतृत्व बदलाव की भी घोषणा की है। कंपनी ने अमेरिका के वेस्ट कोस्ट बाजार, सर्विस नाऊ, ट्रैवल एंड ट्रांसपोर्ट, एनर्जी एंड यूटिलिटी तथा ग्लोबल ऑटोनॉमस बिजनेस समेत5 नए बिजनेस ग्रुप बनाए हैं। साथ ही बैंकिंग, साइबर सिक्योरिटी, लाइफ साइंसेज, कम्युनिकेशन और मीडिया जैसे अहम क्षेत्रों में भी नए नेताओं की नियुक्ति की गई।
कंपनी ने अपने सबसे बड़े कारोबार बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (BFSI) को अमेरिका में दो हिस्सों-यूएस वेस्ट और यूएस ईस्ट, में बांट दिया है। राकेश कुमार और मोहन वीतुरी इन दोनों इकाइयों की कमान संभालेंगे, जबकि मौजूदा प्रमुख सुशील वासुदेवन अब सीईओ को सीधे रिपोर्ट करने वाली रणनीतिक भूमिका निभाएंगे।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय आईटी इंडस्ट्री इस समय AI से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा। ऐसे में टीसीएस का यह कदम भविष्य की जरूरतों के हिसाब से खुद को तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है। गौरतलब है कि कंपनी ने हाल ही में अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों में भी बेहतर प्रदर्शन किया था, जिसे बैंकिंग सेक्टर से बढ़े खर्च और रुपये की कमजोरी का फायदा मिला।
इसके अलावा एचसीएल टेक और इंफोसिस के शेयरों में भी सोमवार को तेजी रही। ये दोनों कंपनियों के शेयर अपने 52 वीक हाई के स्तर से काफी नीचे चल रहे हैं। ऐसे में वैल्यूएशन के लिहाज से निवेशकों की नजर दिग्गज आईटी कंपनियों पर है और एक भी पॉजिटिव संकेत आईटी सेक्टर में नई तेजी की वजह बन रहा।
(प्रियंका कुमारी)
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi












/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)



