शह मात The Big Debate: ‘नक्सलगढ़’ मौन.. ‘दिमागी नक्सली’ कौन? पीएम मोदी के बयान पर नया सियासी घमासान, क्या इस जबरन छात्रों से जोड़ा जा रहा है? देखिए ये वीडियो
'नक्सलगढ़' मौन.. 'दिमागी नक्सली' कौन? पीएम मोदी के बयान पर नया सियासी घमासान, क्या इस जबरन छात्रों से जोड़ा जा रहा है? Politics in Chhattisgarh over mental Naxalitesरिकॉर्ड पांच करोड़ कांवडियों ने यात्रा में कई कठिनाइयों को पार किया, पवित्र जल को पहुंचाने में ऐसे मिली मदद
देश भर में कांवड़ यात्रा सबसे कठिन मानी जाती है. इसमें श्रद्धालुओं को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कभी मौसम की मार तो कभी दुगर्म रास्ते जहां से उन्हें गुजरना पड़ता है. रास्ते में गंगा जल को बचाना उनके लिए चुनौती बन जाता है. इस बार 2026 कांवड़ यात्रा में रिकॉर्ड तोड़ करीब पांच करोड़ कांवड़ियों ने सफलतापूर्वक पूरी की है. इसमें राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लोग भी शामिल हुए. जहां पुलिस, प्रशासन और राज्य सरकारों ने इसे मिलकर सफल बनाया, वहीं कुछ कंपनियां भी इसमें गुमनाम हीरो बनकर सामने आई हैं.
कठिन मौसम में रिसाव-मुक्त यात्रा
मेरठ के कांवड़ियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा में कांवड़िये गंगा नदी (आमतौर पर हरिद्वार, गौमुख या सुल्तानगंज में) से पवित्र जल एकत्र करते हैं और इसे अपने स्थानीय मंदिरों में भगवान शिव को अर्पित करते हैं. इस तीर्थयात्रा के नियम बहुत सख्त हैं- पवित्र जल के पात्र (बर्तन) को कभी भी जमीन को नहीं छूना चाहिए और एक बूंद भी पानी नहीं छलकना चाहिए. कांवड़िये अपने दोस्तों के साथ भगवान में अपनी अटूट आस्था के साथ-साथ उबड़-खाबड़ रास्तों और मानसून के कठिन मौसम में रिसाव-मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एम-सील की सीलिंग शक्ति पर अपना अपार भरोसा जताया है.
अनूठी और अभिनव भूमिका निभाई
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कांवड़ की सजावट, बांस के ढांचे या किसी टूटे हुए बर्तन/पात्र की तात्कालिक मरम्मत (जुगाड़) के दौरान इसका इस्तेमाल किया गया. कई बार भक्त यात्रा मार्ग पर सामान्य उपकरणों या एक्सीडेंसल रिपेयर के रूप में इनका उपयोग करते हैं. आमतौर पर प्लंबिंग की मरम्मत और औद्योगिक रिसाव को रोकने के लिए उपयोग किए जाने वाले एम-सील ने आस्था के एक लचीले माध्यम के रूप में एक अनूठी और अभिनव भूमिका खोजी है. भक्त इस एपॉक्सी कंपाउंड (गोंद/सीलेंट) का उपयोग अपने प्लास्टिक और धातु के कलशों (जल के बर्तनों) के ढक्कनों और जोड़ों को मजबूती से सुरक्षित करने के लिए करते हैं, जिससे ये मजबूत रहे और छलकने से बचें. ये किराना दुकानों (जनरल प्रोविजन स्टोर्स), सड़क किनारे के ढाबों, प्रमुख थोक बाजारों और परिवहन केंद्रों पर मिल रहे थे.
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