पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने एक बार फिर युवा टैलेंट को निखारने की अपनी इच्छा जाहिर की। अभिषेक शर्मा को इंटरनेशनल क्रिकेट तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज अब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को भी अपनी निगरानी में तैयार करना चाहते।
युवराज का मानना है कि वैभव में भविष्य का बड़ा क्रिकेटर बनने की पूरी काबिलियत है और सही मार्गदर्शन मिलने पर वह भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते।
युवराज से मिले वैभव सूर्यवंशी हाल ही में विंबलडन 2026 के मेंस सिंगल्स फाइनल के दौरान युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी एक साथ नजर आए। इस दौरान युवराज ने मजाकिया अंदाज में खुद को 'टर्मिनेटर' बताते हुए अभिषेक शर्मा को 'टर्मिनेटर 4' और वैभव सूर्यवंशी को 'टर्मिनेटर 6' का नाम दिया।
वैभव हैं टर्मिनेटर-6: युवराज जियोस्टार से बातचीत में युवराज सिंह ने कहा, 'मैं हमेशा खुद को टर्मिनेटर कहता हूं। अब टर्मिनेटर 4 अभिषेक शर्मा हैं, जो मुझसे चार गुना बेहतर हैं। उनके बाद टर्मिनेटर 6 वैभव सूर्यवंशी हैं, जिन्होंने खेल को और आगे बढ़ाया है। मैंने अपने दौर में जो किया, अभिषेक ने उसे अगले स्तर पर पहुंचाया और अब वैभव नए मानक स्थापित कर रहे। यह उसी सफर का तीसरा स्टेज है।'
युवराज ने कहा कि उन्हें खेल का लगातार बदलता स्वरूप देखना अच्छा लगता। उन्होंने टेनिस के स्टार खिलाड़ी जानिक सिनर और कार्लोस अल्कराज का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे टेनिस का स्तर बदल रहा, वैसे ही क्रिकेट में भी नई पीढ़ी खेल को नई दिशा दे रही।
'वैभव बहुत आगे जाएगा' पूर्व भारतीय स्टार ने बताया कि उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ काफी समय बिताकर उन्हें ट्रेनिंग दी और अब वह वैभव सूर्यवंशी के साथ भी समय बिताना चाहते। युवराज ने कहा, 'मैं वैभव के साथ भी काम करना चाहूंगा। उसका भविष्य बेहद उज्ज्वल है। वह गंभीर सोच वाला खिलाड़ी और मुझे पूरा भरोसा है कि वह बहुत आगे जाएगा।'
वहीं, वैभव सूर्यवंशी ने भी युवराज सिंह के साथ बिताए समय को अपने करियर का खास पल बताया। उन्होंने कहा कि युवराज उनके आयडल हैं और पहली बार उनसे मिलना किसी सपने के सच होने जैसा था। वैभव के मुताबिक युवराज ने उन्हें सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, दबाव से निपटने और खुद पर भरोसा रखने की अहम सीख भी दी।
अभिषेक शर्मा ने भी कहा कि वह वैभव की भावनाओं को अच्छी तरह समझ सकते हैं, क्योंकि कभी युवराज उनके भी आदर्श थे। उन्होंने कहा कि विंबलडन फाइनल में युवराज और वैभव के साथ मौजूद रहना उनके लिए बेहद यादगार अनुभव रहा।
वैभव सूर्यवंशी ने इसी महीने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत के लिए डेब्यू किया था और सबसे कम उम्र में भारतीय मेंस क्रिकेट टीम की ओर से खेलने वाले क्रिकेटर बने। हालांकि शुरुआती तीन पारियों में 14, 13 और 15 रन बनाने के बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। बावजूद इसके, क्रिकेट जगत को उनकी प्रतिभा पर पूरा भरोसा है और अब अगर युवराज सिंह जैसे महान खिलाड़ी का मार्गदर्शन मिलता है तो उनका करियर नई उड़ान भर सकता है।