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Sawan 2026: रुद्राभिषेक की हर सामग्री में छिपा है जीवन का महा मंत्र

सावन का महीना भगवान भोलेनाथ की उपासना का सबसे सुंदर समय माना जाता है। श्रावण मास में विशेष रूप से रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाता है। वैदिक परंपरा में रुद्राभिषेक केवल शिव लिंग का स्नान नहीं, बल्कि हमारे मन,बुद्धि और आत्मा के शुद्धिकरण का अनुष्ठान भी माना गया है। रुद्राभिषेक की हर सामग्री में हमारे किसी न किसी सद्गुण को जागृत करने की शक्ति छिपी होती है। आइए जानते हैं-

1) जल- रुद्राभिषेक की शुरुआत जल से होती है। जल ही जीवन है यह पवित्रता और स्वच्छता का प्रतीक है। मनुष्य का स्वभाव भी जल की तरह शीतल और निर्मल होना चाहिए । जलाभिषेक करने से क्रोध, अहंकार और कटुता के भाव शांत हो जाते हैं। 

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2) दूध- शुद्धता, मातृत्व और सात्विकता का प्रतीक है। शिवलिंग पर दूध चढ़ाने का भाव है कि हमारे जीवन में भी करुणा, दया और शुद्धता बनी रहे। 

3) दही- परिवर्तन और परिपक्वता का प्रतीक है। यह सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियाँ बदलती रहेंगी लेकिन मन का संतुलन नहीं बिगड़ना चाहिए। धैर्य से काम लेना चाहिए।
 
4) घी – घी अग्नि को प्रज्वलित करता है। यह ज्ञान और ऊर्जा का प्रतीक है। इसका संदेश है कि हमारे जीवन में सत्कर्मों की ज्योति सदा जलती रहे। 

5) शहद- शहद को मिठास का प्रतीक माना जाता है। शिव भक्ति तभी पूर्ण मानी जाती है, जब हमारे व्यवहार में मिठास, विनम्रता और प्रेम नजर आए। 

6) शक्कर और मिश्री- शक्कर और मिश्री का स्वाद मीठा होता है और स्वभाव भी पारदर्शी होता है। हमारा चरित्र भी सरल पारदर्शी और मिठास से भरा होना चाहिए। 

7) बिल्वपत्र – त्रि गुणों पर विजय प्राप्त करने का प्रतीक है। शिवजी को तीन पत्तों वाला विल्वपत्र अति प्रिय है। विल्वपत्र चढ़ाने का अर्थ है कि मनुष्य अपने भीतर के काम, क्रोध और लोभ पर विजय प्राप्त करे। 

8) धतूरा और भस्म- धतूरा विषैला फल है जो संदेश देता है कि जीवन की कटुता को भी साधना के जरिए मधुरता में बदला जा सकता है वहीं भस्म याद दिलाती है कि यह देह नश्वर है अंत में जलकर भस्म हो जाएगी। इसलिए हमारे जीवन में अहंकार का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

- आरएन तिवारी

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Sawan Tradition: सावन में बेटियों का घर आना क्यों माना जाता है सौभाग्य? जानिए सोलह श्रृंगार और Gifts का महत्व

सावन के पवित्र महीने में सिर्फ भगवान शिव की आराधना ही नहीं बल्कि पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का भी अच्छा मौका होता है। धार्मिक और लोक मान्यताओं के मुताबिक सावन के महीने में शादीशुदा महिलाओं को अपने मायके जरूर जाना चाहिए। शादीशुदा महिलाओं के सावन में मायके आने के पीछे यह तर्क दिया जाता है कि ऐसा करने से बेटी का अपने मायके वालों के साथ रिश्ता मधुर होता है। 

इसके साथ ही ऐसा करने से रिश्तों में सकारात्मक प्रभाव दिखता है। वहीं कई घरों में आज भी इस परंपरा का पालन किया जाता है। वहां पर बेटियों का सौभाग्य परिवार की सुख-समृद्धि और उन्नति पर अच्छा असर दिखाता है।

बेटियों के मायके आने का महत्व

धार्मिक मान्यता है कि विवाह के बाद शादीशुदा बेटियों को सावन के पवित्र महीने में अपने मायके जरूर आना चाहिए। इससे परिवार के सदस्यों को भावनात्मक और मानसिक सुख मिलता है। अक्सर यह देखने को मिलता है कि जब लड़की की शादी हो जाती है, तो उसका मायका काफी सूना हो जाता है।

इसलिए माना जाता है कि सावन में शादीशुदा बेटियों के मायके आने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बरकरार रहती है। देखा जाए, तो इस परंपरा को नव-विवाहित बेटियों के लिए बड़ा खास माना जाता है। लेकिन जिन भी महिलाओं की शादी को लंबा समय हो चुका है, वह भी इस परंपरा का पालन करती हैं।

पहली बार मायके आई बेटी का ऐसे करें स्वागत

सावन के महीने पर बेटी के ससुराल से मायके आने पर उनका स्वागत पवित्रता और सादगी के साथ करें। वहीं बेटी की दहलीज पर सबसे पहले आरती उतारें।

इसके बाद बेटी के माथे पर रोली, अक्षत और चंदन लगाएं।

बड़े से पात्र में बेटी के पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छे से पैरों को पोंछे।

फिर सावन से जुड़े खास पकवान जैसे खीर, मालपुआ और घेवर जैसे मिष्ठान खिलाकर बेटी का मुंह मीठा कराएं।

इसके बाद शादीशुदा बेटी के हाथों से घर में तुलसी का पौधा लगवाना भी शुभ माना जाता है। फिर बेटी को सोलह श्रृंगार का सामान भेंट करें।

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इंग्लैंड में असली इम्तिहान से पहले पाकिस्तान की नींद हराम, उधर काम-तमाम करने बेसब्र मेजबान

babar azam injury: इंग्लैंड दौरे पर मौजूद पाकिस्तान क्रिकेट टीम 19 अगस्त से हेडिंग्ले में पहला टेस्ट मैच खेलने उतरेगी. इससे पहले कप्तान बाबर आजम की चोट ने पाकिस्तान की नींद उड़ा रखी है. बाबर आजम दाहिने हाथ की चोट से जूझ रहे हैं, इसी को लेकर उनके पहले टेस्ट मैच में खेलने पर सस्पेंस बना हुआ है. हालांकि, अब खबर सामने आई है कि उनका पहले मुकाबले में खेलना मुश्किल है. Mon, 17 Aug 2026 23:30:37 +0530

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