दांतों का पीलापन : बेकिंग सोडा से नींबू तक, जानिए किसका है फायदा और किससे हो सकता है नुकसान
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। सफेद और चमकदार दांत हर किसी को अच्छे लगते हैं। हंसते समय साफ दांत चेहरे की खूबसूरती बढ़ाते हैं और आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं। यही वजह है कि आजकल सोशल मीडिया पर दांतों को जल्दी सफेद करने के कई घरेलू तरीके बताए जाते हैं। कोई बेकिंग सोडा से दांत साफ करने की सलाह देता है, तो कोई नींबू, हल्दी या सिरके का इस्तेमाल करने की बात करता है। कई वीडियो में तो यह तक दावा किया जाता है कि कुछ ही मिनटों में दांतों का पीलापन दूर किया जा सकता है।
Gold Price: 7 हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंचा सोना, क्या अभी खरीदारी का सही समय है? जानिए तेजी की वजह
वैश्विक बाजार में सोने की कीमतें करीब 7 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मजबूत तेजी का असर भारत में भी देखने को मिला, जहां एमसीएक्स पर सोना रिकॉर्ड स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर की कमजोरी, बॉन्ड यील्ड में गिरावट, ब्याज दरों को लेकर बदली उम्मीदें और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम इस तेजी की प्रमुख वजह हैं। हालांकि निवेशकों को आने वाले दिनों में कुछ अहम आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए रखनी होगी।
वैश्विक और घरेलू बाजार में सोने की कीमतें चढ़ीं
कॉमेक्स पर स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.65% बढ़कर 4,333.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। यह 18 जून के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं भारत में MCX स्पॉट गोल्ड 1,47,647 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जबकि अक्टूबर वायदा अनुबंध 0.91% की बढ़त के साथ 1,49,843 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा।
ऑगमोंट बुलियन की 6 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, सोना 4,200 डॉलर (करीब 1.46 लाख रुपये) के स्तर से ऊपर निकल चुका है और यदि तेजी जारी रहती है तो यह 4,500 डॉलर (करीब 1.55 लाख रुपये) तक पहुंच सकता है।
क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?
विशेषज्ञों के मुताबिक सोने में तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। आइए जानते हैं।
- अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, जिससे अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना सस्ता हुआ।
- अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट, जिससे बिना ब्याज वाले निवेश के रूप में सोना आकर्षक बना।
- फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ाने की आशंका कम होना, क्योंकि तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव घटा है।
- अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत में प्रगति, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ी है।
- रुपये में कमजोरी, जो शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले 95.17 पर पहुंच गया। चूंकि भारत अपनी अधिकांश सोने की जरूरत आयात से पूरी करता है, इसलिए कमजोर रुपया घरेलू बाजार में सोने को और महंगा बनाता है।
निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने की दिशा कुछ अहम घटनाओं पर निर्भर करेगी।
- अमेरिका के Nonfarm Payrolls (NFP) आंकड़े
- फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति
- अमेरिका-ईरान और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम
- डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड
यदि अमेरिकी रोजगार के आंकड़े कमजोर आते हैं और ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद बढ़ती है तो सोने में तेजी जारी रह सकती है। वहीं मजबूत आर्थिक आंकड़े आने पर सोने पर दबाव भी बन सकता है।
(प्रियंका कुमारी)
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