लखीसराय हादसे पर सियासत तेज, सबकी अपनी राय... लेकिन असल सवाल अब भी बाकी
Lakhisarai Stampede Politics: सावन की तीसरी सोमवारी पर लखीसराय के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में भगदड़ की घटना ने बिहार सरकार और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत हुई, जबकि करीब 25 लोग घायल बताए गए हैं. घायलों का इलाज लखीसराय सदर अस्पताल में कराया गया, जबकि दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया.
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मंदिर परिसर के बाहर बिजली का एक खंभा गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह से अफरातफरी मची और भगदड़ की स्थिति बन गई. विपक्ष ने आरोप लगाया कि सावन के सोमवार को भारी भीड़ जुटने की जानकारी पहले से थी, इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था नहीं की गई.
बहस में प्रशासन की तैयारी, बैरिकेडिंग, इमरजेंसी एग्जिट और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए. अब बड़ा सवाल है कि इस हादसे की जिम्मेदारी किसकी तय होगी और क्या बेहतर तैयारी से इसे रोका जा सकता था?
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