Explainer: BJP टीम में डबल से ज्यादा हुई महिला नेताओं की संख्या, समझिए पार्टी के नए सियासी समीकरण
BJP Women Team: अगले साल देश में 7 राज्यों में विधान सभा चुनाव होने हैं. सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है. इसमें 65 नेताओं के नाम शामिल हैं. बीजेपी ने ज्यादातर लोगों को रिप्लेस किया है. बीजेपी की नई टीम में 13 महिलाओं को भी शामिल किया गया है. पार्टी के नए सियासी समीकरण क्या हैं, आइए विस्तार से समझते हैं.
दरअसल, बीजेपी ने सोमवार को नई टीम का एलान किया है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन निबिन ने नए पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की. वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, एम. नागराजा, तारिक मंसूर और मधुचंद्र कर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया. वहीं विनोद तावड़े, स्मृति ईरानी आदि को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई. बीजेपी ने नई टीम में 12 महिलाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है.
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन द्वारा निम्नलिखित सदस्यों को भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं अन्य दायित्वों पर नियुक्त किया जा रहा है। (2/2) pic.twitter.com/tqIWMkiMXP
— BJP (@BJP4India) August 17, 2026
12 महिलाओं को मिली जिम्मेदारी
बीजेपी ने 6 महिलाओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, एक महिला को राष्ट्रीय महामंत्री, 3 महिलाओं को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है. इसके अलावा महिला मोर्चा और सोशल मीडिया में 1-1 महिला नेता को जिम्मेदारी दी गई है.
डबल से ज्यादा हुई महिलाओं की संख्या
7 राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने महिला शक्ति पर विशेष ध्यान दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी की पिछली टीम में कुल 5 महिलाएं थीं. इस बार नई टीम में 12 महिलाओं को शामिल किया गया है. यह पिछले संख्या के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा है.
6 महिलाएं बनीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
बीजेपी की नई टीम में 13 उपाध्यक्षों का एलान किया गया है. इसमें 6 नाम महिलाओं के हैं. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, आंध्र प्रदेश की डी पुरंदेश्वरी, उत्तर प्रदेश की रेखा वर्मा, गुजरात की वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोषी, महाराष्ट्र की डॉ भारती प्रवीण पवार और पश्चिम बंगाल की डॉ मधुचंद्र को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी दी है.
स्मृति ईरानी बनीं राष्ट्रीय महामंत्री
पार्टी ने 8 राष्ट्रीय महामंत्रियों का एलान किया है. इसमें 1 नाम स्मृति ईरानी का है. यूपी की अमेठी सीट हारने के बाद पार्टी ने अब बड़ी जिम्मेदारी दी है.
यह भी पढ़ें: Explainer: बीजेपी की नई टीम के 5 बड़े उद्देश्य, आगामी चुनावों के लिए कैसे तैयार हुई नितिन नवीन की ब्रिगेड?
राष्ट्रीय मंत्री बनीं 3 महिलाएं
बीजेपी ने 16 राष्ट्रीय मंत्रियों की सूची जारी की है. इसमें 3 नाम महिला नेताओं के हैं। इसमें मप्र से कविता पाटीदार, नागालैंड से फांगनोन कोन्याक और यूपी से संगीता यादव का नाम शामिल है.
महिला मोर्चा की अध्यक्ष बनीं रूप कुमारी
पार्टी ने मोर्चा अध्यक्षों का भी एलान किया है. महिला मोर्चा की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ की रूप कुमारी चौधरी को मिली है. बीजेपी ने महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है. साथ ही पार्टी ने युवा मोर्चा, किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, एससी मोर्चा, एसटी मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा के लिए भी नए अध्यक्षों का ऐलान किया है.
सोशल मीडिया टीम में महिला नेता को जगह
बीजेपी ने सोशल मीडिया टीम का भी एलान किया है. एक संयोजक के साथ 4 सह संयोजकों का ऐलान किया है. सह संयोजक में एक नाम महिला नेता का है. पार्टी ने महाराष्ट्र की प्रीति गांधी को सोशल मीडिया सह संयोजक बनाया है.
33% की वकालत, नई टीम में मिली 18.46% की हिस्सेदारी
संसद के विशेष सत्र में बीजेपी महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक (2026) को लोकसभा में लाई थी. लेकिन मंजूरी नहीं मिल सकी. विधेयक में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान था. संविधान संशोधन होने के कारण इसे पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन सरकार आवश्यक समर्थन नहीं जुटा सकी. मतदान में 298 सांसदों ने विधेयक के पक्ष में, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में वोट किया.
बीजेपी ने नई टीम में कुल 65 नाम शामिल हैं. इसमें से 12 नाम महिलाओं के हैं. इस हिसाब से कुल टीम में महिलाओं की हिस्सेदारी 18.46% की हुई. हालांकि पिछली हिस्सेदारी से इस संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी गई है. पिछले टीम में महज 5 महिलाओं को ही राष्ट्रीय नेतृत्व में मौका मिला था.
क्या है बीजेपी ने नई रणनीति?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम में महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देकर संगठन में 'मातृशक्ति' को बढ़ावा दिया है, जिसके पीछे आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों से जुड़ी खास रणनीतियां हैं.
यह भी पढ़ें: BJP की नई टीम में यूपी से आठ चेहरे, रेखा वर्मा को तीसरी पर मिली जगह, जानें वजह
महिलाओं की संख्या बढ़ाने के मुख्य कारण और रणनीति
आगामी विधानसभा चुनाव (2027)
साल 2027 में उत्तर प्रदेश सहित कई महत्वपूर्ण राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी संगठन को मजबूत किया जा रहा है. महिला नेताओं को आगे करने से जमीनी स्तर पर महिलाओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत होती है.
महिला मतदाता (वोट बैंक) पर फोकस
हाल के चुनावों में महिला मतदाता एक निर्णायक और बड़े वर्ग के रूप में उभरी हैं. बीजेपी की रणनीति महिलाओं को अपने पक्ष में एकजुट रखने और लगातार समर्थन बनाए रखने की है.
महिला आरक्षण कानून की जमीन तैयार करना
संसद में पारित महिला आरक्षण विधेयक (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) के अमल में आने से पहले पार्टी संगठन के भीतर ही महिलाओं को नेतृत्व के बड़े अवसर देकर नेतृत्व क्षमता विकसित की जा रही है.
दिग्गज और अनुभवी चेहरों की वापसी
नई टीम में वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री जैसी अहम जिम्मेदारी दी गई है, जिससे पार्टी में अनुभव और सक्रियता का संतुलन बनता है.
क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन
नई सूची में विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से महिला चेहरों को शामिल करके पार्टी ने यह संदेश दिया है कि वह समावेशी राजनीति और क्षेत्रीय विविधता के प्रति गंभीर है.
भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ ही उन सभी साथियों को बहुत-बहुत बधाई, जिन्हें पार्टी में अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस ऊर्जावान टीम के पास जहां संगठन का भरपूर अनुभव है, वहीं जमीनी जुड़ाव भी है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे ये साथी पूरे समर्पित भाव से…
— Narendra Modi (@narendramodi) August 17, 2026
यह भी पढ़ें: BJP की नई टीम में 2 मुस्लिम नेताओं को मिली जगह, दोनों UP से, पार्टी ने दीं ये अहम जिम्मेदारियां
नागालैंड: सैनिक स्कूल के छात्रों और कर्मचारियों का किया गया टीकाकरण
कोलकाता, 17 अगस्त (आईएएनएस)। सेना की पूर्वी कमान की स्पीयर कोर ने एक विशेष अभियान के तहत सोमवार को नागालैंड के पुंगलवा स्थित सैनिक स्कूल में मेनिंगोकोकल मेनिनजाइटिस के खिलाफ सामूहिक टीकाकरण अभियान चलाया।
अभियान के दौरान कोर की एक विशेष चिकित्सा टीम ने 678 छात्रों और कर्मचारियों का टीकाकरण किया।
इस प्रक्रिया में चिकित्सा जांच, परामर्श और टीकाकरण के बाद की निगरानी शामिल थी। कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा कि कोई प्रतिकूल प्रतिक्रिया रिपोर्ट नहीं की गई।
यह पहल नागालैंड के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा इस महीने की शुरुआत में राज्य भर के सभी आवासीय स्कूलों, छात्रावासों और शैक्षणिक संस्थानों को मेनिंगोकोकल रोग के लक्षणों के प्रति सतर्क रहने के लिए जारी की गई सलाह के बाद की गई है।
यह एडवाइजरी 14 वर्षीय लड़के में मेनिंगोकोकल रोग के संदिग्ध मामले के बाद जारी की गई थी। बच्चे को 2 अगस्त को सीएचआईएसआर अस्पताल के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में भर्ती कराया गया था।
उसे बुखार, उल्टी, लो ब्लड प्रेशर (हाइपोटेंशन), होश में बदलाव और शरीर की असामान्य मुद्रा (एबनॉर्मल पोस्चरिंग) जैसे लक्षण थे, जो बाद में तेजी से फैलने वाले त्वचा के घावों (स्किन लीजन्स) में बदल गए।
विभाग ने बताया कि बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे इनवेसिव मैकेनिकल वेंटिलेशन, वासोएक्टिव सपोर्ट और गहन देखभाल दी जा रही है।
विभाग ने बताया कि बच्चा अभी भी गंभीर रूप से बीमार है और उसे इनवेसिव मैकेनिकल वेंटिलेशन, वैसोएक्टिव सपोर्ट और इंटेंसिव केयर दी जा रही है।
बच्चे का इलाज क्लिनिकल लक्षणों के आधार पर अभी सेप्टिक शॉक और पुरपुरा फुलमिनन्स के तौर पर किया जा रहा है, और इनवेसिव मेनिंगोकोकल बीमारी (मेनिन्गोकोकेमिया) का संदेह है। माइक्रोबायोलॉजिकल पुष्टि का इंतजार है।
हालांकि, यह बीमारी आम नहीं है, लेकिन हॉस्टल और डॉरमेट्री जैसी जगहों पर एक-दूसरे के करीब रहने वाले लोगों के बीच यह तेजी से फैल सकती है। एडवाइजरी में कहा गया है कि बीमारी को फैलने से रोकने के लिए शुरुआती पहचान, तुरंत रिपोर्टिंग और तत्काल सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्रवाई जरूरी है।
मेनिंगोकोकल बीमारी नीसेरिया मेनिन्जाइटिडिस बैक्टीरिया के कारण होती है। यह मेनिनजाइटिस (मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के चारों ओर की झिल्लियों का संक्रमण) या सेप्टिसीमिया (खून का संक्रमण) के रूप में हो सकती है। सरकार ने कहा कि अगर समय पर इलाज न किया जाए तो दोनों ही स्थितियां जानलेवा हो सकती हैं।
एडवाइजरी के मुताबिक, यह बीमारी सांस की बूंदों (रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट्स) और लंबे समय तक करीबी संपर्क से फैलती है, जिसमें खांसना, छींकना, या खाने के बर्तन, पानी की बोतलें और सिगरेट साझा करना शामिल है। इसमें छात्रों, स्टाफ, हॉस्टल वॉर्डन और हेल्थकेयर देने वालों से कहा गया है कि वे इन लक्षणों पर नजर रखें। इसमें अचानक तेज बुखार, सिर में तेज दर्द, गर्दन में अकड़न, उल्टी, रोशनी से परेशानी, सुस्ती या उलझन, दौरे पड़ना, लाल-बैंगनी रंग के चकत्ते (जो दबाने पर भी नहीं मिटते), और गंभीर मामलों में हाथ-पैर ठंडे पड़ना या शॉक के लक्षण दिखना।
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अगर किसी में ये लक्षण दिखें तो उसे तुरंत मेडिकल जांच और इलाज के लिए नजदीकी हेल्थ सेंटर भेजा जाना चाहिए। सैनिक स्कूल के छात्र और स्टाफ अब अगले कुछ सालों तक इस जानलेवा बीमारी से सुरक्षित हैं।
--आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










