Responsive Scrollable Menu

आ रहे मोजतबा! युद्ध के बाद पहली बार दिखेगा चेहरा? प्रार्थना सभा को लेकर क्या नई जानकारी आई

ईरान की राजनीति और मिडिल ईस्ट की भू राजनीति एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। अयातुल्लाह अली खामेनई की मौत के बाद सुप्रीम लीडर बने मोजतबा खामनेई अब पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आ सकते हैं। ईरान की अर्ध सरकारी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या लंबे समय से सार्वजनिक नजरों से दूर रहे मोजतबा अब दुनिया के सामने अपनी पहली आधिकारिक मौजूदगी दर्ज कराएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को ईरान के कोम शहर में स्थित फातिमा मसूमेह की मजार परिसर के इमाम खुमैनी प्रार्थना हॉल में आया अली खामनेई की सार्वजनिक प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम की अगुवाई उनके बेटे और उत्तराधिकारी मोजतबा ही करेंगे। अगर ऐसा होता है तो सुप्रीम लीडर बनने के बाद यह उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति होगी। हालांकि अभी तक ईरानी अधिकारियों की ओर से आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि मोजतबा खामनेई  निश्चित रूप सेमंच पर दिखाई देंगे और यही वजह है कि इसे लेकर अटकलों का दौर अभी भी जारी है।

इसे भी पढ़ें: कैमिकल नहीं, सिर्फ...125 दिनों तक कैसे सलामत रहा अयातुल्ला अली खामेनेई का मृत शरीर, कोई चमत्कार या?

कोम नगरी में प्रार्थना सभा का आयोजन

ईरान के धार्मिक शहर कोम में एक विशेष प्रार्थना सभा रखी गई है। इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में यह अनुमान लगाया जा रहा था कि अली खामेनेई के बेटे, मुजतबा खामेनेई, शनिवार को पहली बार आम जनता के बीच दिखाई दे सकते हैं। संभावना जताई जा रही थी कि वह हजरत मासूमेह दरगाह में अपने पिता की याद में आयोजित इस शोक सभा का नेतृत्व करेंगे। हालांकि, अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि मोजतबा इस प्रार्थना सभा का हिस्सा नहीं बनेंगे।

इसे भी पढ़ें: जनाजे में पहली बार एक साथ दिखे खामनेई के तीन बेटे, पढ़ी नमाज, मोजतबा आखिर कहां हैं?

अंतिम विदाई से भी दूर रहे मोजतबा

गौर करने वाली बात यह है कि अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान उनके सिर्फ तीन बेटे ही उपस्थित थे, जबकि मोजतबा वहाँ नहीं पहुँचे। सुप्रीम लीडर के निधन के पूरे 131 दिनों के बाद कल उन्हें मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। आधुनिक इतिहास में यह अपनी तरह का पहला मामला है जब किसी नेता के शव को इतने लंबे समय बाद दफनाया गया हो।

Continue reading on the app

खामनेई के जनाजे के बाद क्या हुआ? मशहद में ईरानियों ने गजब कर दिया!

ईरान का पवित्र माना जाने वाला शहर मशहद जिसे मशहद मुकद्दस कहा जाता है। इसी शहर में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामने सुपुरदे खाक किए गए। 9 जुलाई को दिन भर मशहद शहर में यह नजारा था। शदीद गर्मी के बावजूद पैर रखने की जगह नहीं थी। सड़कों पर बस लोग ही लोग। लेकिन रात को मशहद में ऐसा कुछ हुआ जो आपको चौंका देगा। यह शहर मशहद में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात है। जो लोग खामनेई की तस्वीरें और लाल परचम लेकर उन्हें श्रद्धांजलि देने ईरान भर से आए थे। वही युवा, बुजुर्ग और महिलाएं भी रात में उन्हीं सड़कों पर कूड़ा चुन रहे थे। लोगों ने उसी रात मशहद की सड़कों पर काम शुरू कर दिया। क्योंकि दिन में गर्मी बहुत थी और लाखों में जनता थी। ऐसे में लोगों ने प्लास्टिक बोतलों से खूब पानी पिया। लेकिन रात में वही लोग बोतलों का कचरा, खाने-पीने के रैपर और दीगर कूड़ा साफ कर रहे थे। बिना यह इंतजार किए कि मशहद म्यनिसिपल कॉरपोरेशन का अमला आएगा और साफ सफाई को अंजाम देगा। 

इसे भी पढ़ें: ईरान ने अब कौन सा नया Video किया जारी? Ayatollah Ali Khamenei की अंतिम विदाई से US-Israel को क्या मैसेज दे रहा तेहरान?

मशहद शहर में खामनेई के चाहने वालों में सफाई को लेकर एक अलग ही जुनून है और वो अपने देश को बहुत प्यार करते हैं। साफ सफाई ईमान का हिस्सा है। आपने सुना होगा इस तरह की हदीस है। लोगों ने पानी बहुत ज्यादा पानी भी गर्मी के हवाले से। लेकिन आप देखेंगे यहां यहीं पे लोग वेट नहीं कर रहे हैं कि मुंसिपल्टी वाली आए और आकर के रास्ते को क्लीन करें और खुद से ही कर दिया है इसको। एक्सपर्ट कहते हैं कि ईरानी कौम अपने मुल्क के प्रति कट्टर राष्ट्रवाद को जीती है जिसमें देश के लिए कुछ भी कर गुजरने का जुनून है जज्बा है। यही वजह है कि ईरान 40 दिनों की जंग में मुस्तैदी से डटा रहा। जबकि उसके दुश्मन अमेरिका, इसराइल और पर्दे के पीछे अरब देशों ने उसे खत्म करने, उसके कल्चर को नाबूद करने, इस्लामिक रेवोल्यूशन को तबाह करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी थी। 

इसे भी पढ़ें: ट्रंप ने बम दाग कर दहलाया, ईरान ने मिसाइलों से कोहराम मचाया, 2 दिन, 170 हमलें और कई मौतें

चाहे 40 दिनों तक रमजान के महीने में भी दिन और रात सड़कों पर लोगों की भीड़ रही हो या फिर इमाम खामने के जनाजे में दिखी आवाम की ताकत या फिर मौका पड़ने पर खुद ही सफाई का मोर्चा संभाल लेना ईरानी जनता ने दुनिया को यह बता दिया है कि वो जरा हटकर है और अपने देश के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार है। खासतौर से जो मशहद शहर है ईरान का वो बहुत पवित्र माना जाता है। इमाम आयतुल्लाह अली खामनई के दौर में ही मशहद को उसका यह रूप दिया गया। उसमें बहुत सारे ऐसे काम हुए जो जायरीन के लिए दुनिया भर से आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए बहुत सहूलियत की बात है। इमाम आयतुल्लाह अली खामनी खुद मशद जाते थे और वहां पर इमाम रजा के रोजे के दीदार करते थे। वो खुद वहां मौजूद रहते थे।

Continue reading on the app

  Sports

IPL in Australia: ऑस्ट्रेलिया में होगा आईपीएल मैचों का आयोजन? सीए ने बीसीसीआई को दिया खुला ऑफर

बिग बैश लीग के तर्ज पर अब इंडियन प्रीमियर लीग को ऑस्ट्रेलिया में कराए जाने की बात की जा रही है. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की रिपोर्ट के मुताबकि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बीसीसीआई को खुला ऑफर दिया है कि वह आईपीएल मैचों का आयोजन उनके देश में कर सकते हैं. हालांकि, अभी दोनों बोर्ड की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई टिप्पणी नहीं आई है. Sat, 11 Jul 2026 15:04:52 +0530

  Videos
See all

Pandya Store Actor Rohit Chandel पर 16 साल की नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोप, POCSO एक्ट के तहत केस #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-11T09:34:18+00:00

INS Mahendragiri News: भारतीय नौसेना में 'बाहुबली' शामिल | Indian Navy | Rajnath Singh #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-11T09:34:29+00:00

Noida Engineer Death News: नोएडा में इंजीनियर आर्यन की मौत पर क्या चाह रहे परिजन? | Shocking | Viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-11T09:30:07+00:00

CM Yogi | "सांसद जी की वजह से..." रवि किशन की बात सुन ठहाके लगाने लगे CM योगी | Kushinagar News | #tmktech #vivo #v29pro
2026-07-11T09:24:51+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers