BCCI ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा, रोहित-विराट के साथ-साथ गंभीर-अय्यर पर भी होगा बड़ा फैसला
BCCI : भारतीय क्रिकेट में क्या सब कुछ ठीक है? इन दिनों ये एक बड़ा सवाल बना हुआ है. टीम इंडिया आयरलैंड के खिलाफ 2 मैचों की टी20 सीरीज में क्लीन स्वीप हो गई. भारत पहली बार आयरलैंड से मैच हारा था. इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन मुकाबले टीम इंडिया हार गई. भारतीय क्रिकेट टीम ने रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव के कार्यकाल में बहुत ही शानदार समय देखा है. अब जब श्रेयस अय्यर को टी20 क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया है तो टीम में सब कुछ ठीक है या नहीं इस पर सवाल उठने लगे हैं.
बीसीसीआई मुंबई में बुलाएगी इमरजेंसी मीटिंग
भारतीय क्रिकेट टीम में मनमुटाव और अनबन की खबरें लगातार आ रही हैं. इस सबके बीच बीसीसीआई ने मुंबई में एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार इस मीटिंग में बीसीसीआई भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर के भविष्य पर रिव्यू करने के वाली है.
इस रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि, टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर कभी भी श्रेयस अय्यर को इंडिया का टी20 कप्तान बनाने के पक्ष में नहीं थे. सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है कि, इंडियन क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में तनाव है, जिसमें संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर समेत कुछ खिलाड़ी टीम के मौजूदा माहौल से नाखुश बताए जा रहे हैं.
???? BIG BREAKING NEWS ????
— Central Cricket (@arshdeep3444) July 10, 2026
The BCCI has called an emergency meeting in Mumbai to review the future of head coach Gautam Gambhir and T20I captain Shreyas Iyer.
Reports claim Gambhir was never in favor of Shreyas Iyer as India's T20 captain. Sources also suggest dressing-room… pic.twitter.com/W7ZLajgZOH
ऐसे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है. इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य आयरलैंड के खिलाफ पिछली सीरीज हारने के बाद ड्रेसिंग रूम के मुद्दों को सुलझाने और टीम में एकता वापस लाने की कोशिश कर रहना होगा. इसके साथ ही इंग्लैंड का दौरान खत्म होने के बाद फिर से बीसीसीआई की रिव्यू मीटिंग बुलाई जाएगी.
मीटिंग में इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
आपको बता दें कि बीसीसीआई के अधिकारी हेड कोच गौतम गंभीर से रोहित शर्मा और विराट कोहली के बारे में विवादित बयान नहीं देने के लिए कहेंगे. इसके साथ ही बीसीसीआई गौतम गंभीर और सिलेक्शन कमिटी के बीच चल रही अनबन को सुलझाने की भी कोशिश करेगी. आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज हारने के बाद श्रेयस अय्यर की कप्तानी सवालों के घेरे में आ गई है, इस पर भी बीसीसीआई के अधिकारी चर्चा करेंगे.
इसके अलावा भारतीय सिलेक्टर्स हार्दिक पांड्या के एकदिवसीय क्रिकेट के भविष्य पर आखिरी फैसला लेंगे, जो 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप मद्देनजर अहम रहने वाला है. तमाम रिपोर्ट्स के अनुसार मानें तो, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी की ओपनिंग जोड़ी मीटिंग के खास मुद्दों में से एक होगी. क्योंकि बाएं और दाएं हाथ का बल्लेबाजी क्रम ओपनिंग में भेजना बेहतर विकल्प हो सकता है. वहीं ऐसा होने से संजू सैमसन को फिर से प्लेइंग-11 में खेलने का मौका मिलेगा.
???? KEY DISCUSSION POINTS FROM THE BCCI REVIEW MEETING ????
— JB (@93Yorker) July 11, 2026
- BCCI officials will ask head coach Gautam Gambhir to stop making controversial statements about Rohit Sharma and Virat Kohli.
- The BCCI will try to resolve the ongoing rift between Gautam Gambhir and the selection… pic.twitter.com/6MNXMt0iU7
इस मीटिंग में वनडे सेटअप में सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य पर भी चर्चा होगी. वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले रोहित शर्मा और विराट कोहली समेत रविंद्र जडेजा के भविष्य पर भी चर्चा की जाएगी. क्या टीम 2027 में नए और सीनियर खिलाड़ियों के साथ उतरने वाली है, युवा खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप से पहले तैयार किया जाएगा.
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शांति अधिनियम 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन पर नीति आयोग की अहम बैठक, तीन प्रमुख क्षेत्रों पर हुई चर्चा
नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। नीति आयोग ने शांति अधिनियम 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की, जिसमें सरकार, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने कानून के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव दिए, जो इसके क्रियान्वयन ढांचे को और मजबूत बनाने में सहायक होंगे।
नीति आयोग के अनुसार, इस बैठक में सरकार, नीति-निर्माताओं, शोध संस्थानों और उद्योग से जुड़े प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य उद्देश्य शांति अधिनियम 2025 के संचालन को प्रभावी और व्यावहारिक बनाना था।
बैठक में चर्चा को कानून के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तीन प्रमुख स्तंभों के आधार पर आयोजित किया गया।
पहला, विधायी और नियामकीय ढांचा। इस सत्र में शांति अधिनियम 2025 के तहत तैयार किए गए ड्राफ्ट नियमों, विनियमों और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति से जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विशेषज्ञों ने कानून के तहत वैधानिक अनुपालन की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया। साथ ही इस बात पर भी चर्चा हुई कि किस तरह विदेशी निवेश आकर्षित किया जाए, जबकि देश के रणनीतिक और राष्ट्रीय हित पूरी तरह सुरक्षित रहें।
दूसरा, वित्त, बीमा और जनविश्वास। इस सत्र में कानून के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था और जोखिम प्रबंधन पर चर्चा की गई।
इसमें दीर्घकालिक परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए उपयुक्त बीमा व्यवस्था तैयार करने और आम लोगों के बीच जागरूकता, विश्वास और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की स्वीकार्यता बढ़ाने की रणनीतियों पर भी विचार किया गया।
और तीसरा, विनिर्माण, संचालन और क्षमता निर्माण, जिसमें कानून के लागू होने के बाद की संचालन प्रक्रिया पर चर्चा हुई। इस सत्र में घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, परियोजनाओं की संचालन संबंधी तैयारियों को मजबूत करने और कुशल मानव संसाधन विकसित करने पर जोर दिया गया।
हितधारकों ने सप्लाई चेन को अधिक मजबूत और लचीला बनाने तथा उद्योग के विस्तार के लिए विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम तैयार करने पर भी सुझाव दिए।
यह बैठक नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर अभय करंदीकर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
शांति अधिनियम 2025 का उद्देश्य भारत को परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और विकसित भारत 2047 के तहत निर्धारित स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करना है।
इस कानून के माध्यम से निजी क्षेत्र और संयुक्त उपक्रमों की जिम्मेदार भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे संसाधनों की कमी दूर करने, परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। साथ ही, इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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