मेरठ दलित छात्रा हत्याकांड: पुलिस कार्रवाई पर बवाल, विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा
मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. दलित संगठनों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया. प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और वकील को थप्पड़ मारने की घटना पर विपक्ष ने सरकार को घेरा, जबकि पुलिस ने अपनी कार्रवाई को नियमों के अनुरूप बताया.
कोटा के सरकारी कॉलेज में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को लेकर एनएसयूआई और एबीवीपी में झड़प
राजस्थान के कोटा स्थित एक सरकारी कॉलेज परिसर में शुक्रवार दोपहर को तनाव की स्थिति बन गई। यहाँ स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को कथित तौर पर नुकसान पहुँचाने को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। घटना की सूचना मिलते ही नयापुरा थाना पुलिस तुरंत कॉलेज परिसर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने आरोप लगाया है कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उन पर लोहे की छड़ों से हमला किया और उनकी कुछ महिला सदस्यों के बाल खींचे। दूसरी तरफ, आरएसएस से जुड़े छात्र संगठन एबीवीपी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें गलत बताया है।
नयापुरा के क्षेत्राधिकारी विनोद कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों गुटों के बीच कुछ समय तक मारपीट हुई थी, लेकिन इस झड़प में किसी को भी चोट नहीं आई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है, हालांकि अभी तक इस मामले में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
विवाद की पृष्ठभूमि के बारे में बताया गया है कि एबीवीपी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय छात्र दिवस के मौके पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की थी और कॉलेज परिसर में एक स्वच्छता अभियान चलाया था। एनएसयूआई का आरोप है कि एबीवीपी के इसी कार्यक्रम के दौरान विवेकानंद की प्रतिमा को नुकसान पहुंचा। वहीं, एबीवीपी का कहना है कि प्रतिमा पहले से ही खराब स्थिति में थी और उसे जो भी अतिरिक्त नुकसान हुआ है, वह पूरी तरह से दुर्घटनावश हुआ है।
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