देश के इस शहर में लगेगा पेट्रोल का लंगर, जानें कौन है वो शख्स जो लोगों को मुफ्त में iphone भी बांटेगा
आपने खाने-पीने के लंगर के बारे में तो खूब सुना होगा, लेकिन क्या कभी पेट्रोल के लंगर के बारे में सुना है? अगर नहीं, तो अब यह अनोखी पहल चंडीगढ़ में देखने को मिलने वाली है. यहां 18 अगस्त को लोगों को मुफ्त में पेट्रोल बांटा जाएगा. इस अनोखे आयोजन को लेकर शहर में काफी चर्चा है.
चंडीगढ़ में दो जगहों पर लगेगा पेट्रोल का लंगर
जानकारी के मुताबिक 18 अगस्त को चंडीगढ़ में दो स्थानों पर पेट्रोल का लंगर आयोजित किया जाएगा. इस दौरान लोग संबंधित पेट्रोल पंप पर पहुंचकर मुफ्त पेट्रोल ले सकेंगे.
आयोजन का मकसद लोगों की मदद करने के साथ-साथ सेवा की एक अलग मिसाल पेश करना बताया जा रहा है. आम तौर पर लंगर में भोजन, पेय पदार्थ या दूसरी जरूरत की चीजें बांटी जाती हैं, लेकिन पेट्रोल मुफ्त में देना अपने आप में एक अनोखी पहल है.
Petrol langar in Chandigarh!!!? ???????? ₹500 ka petrol for 2/3 wheelers ₹1000 ka petrol for 4 wheelers I feel like I've seen everything now pic.twitter.com/82qcrVGwrr
— Dheeraj sharma (@dheer23) August 17, 2026
कौन हैं ‘राजा दी किंग’?
इस पहल के पीछे अमृतसर के रहने वाले राकेश त्रेहन का नाम सामने आया है. उन्हें ‘राजा दी किंग’ के नाम से भी जाना जाता है. वह इससे पहले भी अलग-अलग तरह के लंगर आयोजित कर लोगों की मदद कर चुके हैं.
राकेश का कहना है कि वह माता के भक्त हैं और उन्हें महामाई की कृपा प्राप्त है. इसी भावना के साथ वह समय-समय पर लोगों की सेवा के लिए अलग-अलग तरह के आयोजन करते हैं.
अमृतसर से चंडीगढ़ तक लगाते हैं अनोखे लंगर
राकेश त्रेहन केवल चंडीगढ़ में ही नहीं, बल्कि अमृतसर में भी कई तरह के लंगर आयोजित कर चुके हैं. उनके आयोजनों में लोगों को जरूरत और पसंद के हिसाब से अलग-अलग चीजें उपलब्ध कराई जाती रही हैं.
उनके लिए लंगर का मतलब केवल खाना खिलाना नहीं है, बल्कि लोगों की जरूरत के मुताबिक सहायता करना भी है. इसी सोच के चलते पेट्रोल का लंगर लगाने का विचार सामने आया.
बिटकॉइन कारोबार से होने वाले मुनाफे का हिस्सा सेवा में
राकेश त्रेहन के परिवार की पृष्ठभूमि कारोबार से जुड़ी रही है. उनके पिता अमृतसर में कपड़े का कारोबार करते थे. वहीं राकेश खुद बिटकॉइन कारोबार से जुड़े हैं.
उनके मुताबिक बिटकॉइन से होने वाले मुनाफे का एक हिस्सा वह लोगों की सेवा में खर्च करते हैं. इसी कमाई से अलग-अलग सामाजिक और सेवा गतिविधियों के आयोजन किए जाते हैं.
पेट्रोल के बाद आईफोन का भी लगेगा लंगर?
पेट्रोल के लंगर के बाद राकेश त्रेहन का अगला लक्ष्य और भी ज्यादा चौंकाने वाला है. वह आईफोन का लंगर लगाने की योजना बना रहे हैं.
हालांकि आईफोन का वितरण किस तरह और किन लोगों के बीच किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन पेट्रोल के बाद आईफोन बांटने की चर्चा ने इस पहल को और खास बना दिया है.
पहले बांट चुके हैं 500-500 रुपये के नोट
राकेश त्रेहन का यह पहला अनोखा आयोजन नहीं है. इससे पहले भी चंडीगढ़ में उनके द्वारा अलग-अलग तरह के लंगर लगाए जा चुके हैं.
हाल ही में सेक्टर-8 में आयोजित एक लंगर के दौरान लोगों को 500-500 रुपये के नोट बांटे गए थे. इसके अलावा वहां लोगों के लिए फास्ट फूड, मैकडॉनल्ड का बर्गर और कोल्ड ड्रिंक भी उपलब्ध कराई गई थी.
क्यों चर्चा में है यह पहल?
पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच मुफ्त पेट्रोल उपलब्ध कराने का विचार निश्चित रूप से लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है. यही वजह है कि 18 अगस्त को होने वाले इस आयोजन को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्सुकता बनी हुई है.
हालांकि ऐसे आयोजनों में लोगों की भीड़ बढ़ने की स्थिति में व्यवस्था बनाए रखना भी एक चुनौती हो सकती है. इसलिए पेट्रोल पंप पर पहुंचने वाले लोगों को आयोजन से जुड़े नियमों और समय की जानकारी पहले से हासिल कर लेनी चाहिए.
सेवा का अनोखा अंदाज
राकेश त्रेहन की पहल ने ‘लंगर’ की पारंपरिक अवधारणा को एक अलग रूप दिया है. भोजन बांटने से लेकर नकद राशि और अब पेट्रोल उपलब्ध कराने तक, उनका सेवा का तरीका चर्चा का विषय बनता रहा है.
अब 18 अगस्त को चंडीगढ़ में पेट्रोल का लंगर वास्तव में किस तरह आयोजित होता है और कितने लोगों को इसका लाभ मिलता है, इस पर सबकी नजर रहेगी.
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अयोध्या राम मंदिर के पहले सीईओ की तलाश तेज, जानिए कब खुलेगा नाम से पर्दा
Ayodhya Ram Mandir CEO Selection: अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत तथा पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है. मंदिर के इतिहास में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ की तैनाती होने जा रही है. इस महत्वपूर्ण पद की दौड़ में शामिल 16 शीर्ष दावेदारों का अंतिम साक्षात्कार पूरा हो चुका है. हालांकि, पहले सीईओ की कुर्सी पर कौन बैठेगा, इसको लेकर अभी भी उत्सुकता और रहस्य बना हुआ है. इस बड़े पद के लिए नाम का औपचारिक ऐलान आगामी 2 सितंबर को होने की पूरी संभावना है, जब श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी ट्रस्टी एक विशेष बैठक में बैठकर किसी एक नाम पर अपनी अंतिम सहमति बनाएंगे.
पैनल तैयार करने पर चल रहा है गहरा मंथन
अंतिम साक्षात्कार समाप्त होने के बाद भी चयन प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव अभी बाकी है. चयन समिति के तीनों सदस्य साक्षात्कार में शामिल हुए 16 दिग्गजों में से किन्हीं तीन श्रेष्ठ नामों पर आम सहमति बनाने के लिए आपस में विचार विमर्श कर रहे हैं. समिति का प्रयास है कि ट्रस्ट के सामने जो तीन नाम रखे जाएं, वे अलग-अलग कार्यक्षेत्रों और पृष्ठभूमियों से ताल्लुक रखते हों. चयन समिति आपसी चर्चा के बाद यह पैनल तैयार करेगी और दो सितंबर से पहले ही ट्रस्ट को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी. इसके बाद ट्रस्ट के पदाधिकारी इन तीन नामों पर विचार करके अंतिम मुहर लगाएंगे.
सीईओ की नियुक्ति का फैसला क्यों लिया गया
राम मंदिर परिसर में चढ़ावे से जुड़ी अनियमितता और चोरी की बात सामने आने के बाद व्यवस्थाओं को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे थे. विषम परिस्थितियों को देखते हुए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बीते छह जुलाई को एक विशेष बैठक बुलाई थी. इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मंदिर परिसर के सभी प्रशासनिक कार्यों, सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और वित्तीय मामलों के कुशल संचालन के लिए एक पेशेवर और अनुभवी मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की जाए. इससे व्यवस्थाएं पेशेवर तरीके से चलेंगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं बचेगी.
तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन
सीईओ चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए ट्रस्ट ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई थी. सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में बनी इस तीन सदस्यीय चयन समिति में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और देश के जाने-माने परमाणु विज्ञानी डाक्टर सुरेश हावरे को सदस्य के रूप में शामिल किया गया. इस समिति ने 13 जुलाई को आनलाइन माध्यम से आवेदन मांगे थे. आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही देशभर से विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने इसमें भारी रुचि दिखाई और कुल 5585 लोगों ने अपनी दावेदारी पेश की.
हजारों आवेदनों में से हुआ कठिन चयन
समिति ने जब सभी 5585 आवेदकों से विस्तृत बायोडाटा मांगा, तब 3877 उम्मीदवारों ने अपने पूरे दस्तावेज जमा किए. इसके बाद शुरू हुआ योग्य लोगों की छंटनी का बेहद सख्त और बारीक दौर. दूसरे चरण में समिति ने 1580 आवेदनों की बहुत बारीकी से पड़ताल की. गहन जांच के बाद 111 योग्य उम्मीदवारों को आनलाइन साक्षात्कार के लिए चुना गया. इन सभी का साक्षात्कार लेने के बाद समिति ने सबसे योग्य और कुशल 16 शीर्ष उम्मीदवारों को अंतिम साक्षात्कार के लिए सीधे अयोध्या बुलाया.
अयोध्या में हुआ अंतिम साक्षात्कार का दौर
अयोध्या में बीते मंगलवार और बुधवार को चयन समिति ने इन सभी 16 अंतिम उम्मीदवारों का आमने-सामने साक्षात्कार लिया. साक्षात्कार देने वालों में देश के कई पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, पूर्व पुलिस अधिकारी, सैन्य सेवाओं से सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी और कारपोरेट जगत के कई बड़े नाम शामिल रहे. साक्षात्कार पूरा होने के बाद समिति के सदस्य अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुके हैं. अब समिति इन 16 लोगों की कार्यक्षमता, प्रशासनिक अनुभव और समर्पण का आकलन करके तीन बेहतरीन नामों की सूची तैयार करने में जुटी है.
दो सितंबर की बैठक में तय होगा पहला सेनापति
चयन समिति द्वारा सौंपा जाने वाला तीन नामों का पैनल बेहद संतुलित होगा, ताकि ट्रस्ट को अंतिम निर्णय लेने में आसानी रहे. समिति की सिफारिशें मिलने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी प्रमुख सदस्य दो सितंबर को अयोध्या में एक साथ बैठेंगे. इस बैठक में तीनों नामों पर विस्तृत चर्चा होगी और सर्वसम्मति से किसी एक नाम का चयन राम मंदिर के पहले सीईओ के रूप में कर दिया जाएगा. इस नए अधिकारी के कंधों पर राम मंदिर की संपूर्ण व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और सुगम बनाने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी होगी.
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