Govinda Video: थाइलैंड जाकर क्लब में नाचे गोविंदा, विदेशी हसीनाओं संग मारे ठुमके
Govinda Video: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं। पत्नी सुनीता आहूजा के साथ उनके रिश्ते और अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार के साथ उनके रूमर्ड अफेयर को लेकर काफी चर्चा हो रही है। इसी बीच गोविंदा का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वह थाईलैंड के पटाया में एक क्लब में अपने मशहूर अंदाज में डांस करते नजर आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर फैंस के रिएक्शन भी काफी अलग-अलग हैं। कुछ लोगों ने गोविंदा के डांस की तारीफ की, तो कुछ ने क्लब में परफॉर्म करने को लेकर सवाल उठाए।
पटाया के क्लब में गोविंदा ने लगाए डांस के ठुमके
वायरल वीडियो में गोविंदा एक क्लब में स्टेज पर परफॉर्म करते दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ बैकग्राउंड डांसर्स भी मौजूद हैं। एक्टर ने ब्लैक एंड व्हाइट आउटफिट पहना हुआ है और अपने पुराने हिट गानों पर डांस करते नजर आए।
बताया जा रहा है कि यह इवेंट स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित किया गया था। गोविंदा ने अपने 90 के दशक के लोकप्रिय गानों पर परफॉर्म किया और अपने पुराने सिग्नेचर डांस स्टेप्स से दर्शकों का मनोरंजन किया।
गोविंदा के वीडियो पर फैंस ने किया रिएक्ट
गोविंदा के वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा- "क्लब में परफॉर्म कर रहे हैं...इस सुपरस्टार के लिए बुरा लग रहा है।"
एक और फैन ने गोविंदा का बचाव करते हुए लिखा, "पैसे कमाने में कुछ भी गलत नहीं है, कम से कम वह अपने दम पर वापसी तो कर रहे हैं।"
गोविंदा के अफेयर को लेकर सुनीता आहूजा का दावा
गोविंदा की यह परफॉर्मेंस ऐसे समय सामने आई है, जब उनकी पत्नी सुनीता आहूजा लगातार अभिनेता की निजी जिंदगी को लेकर बयान दे रही हैं।
हाल ही में गोविंदा और अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार की कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर अटकलें तेज हो गईं। सुनीता ने भी इन तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए गोविंदा और कोमल की नजदीकियों पर सवाल उठाए थे।
सुनीता ने कथित तौर पर गोविंदा को कोमल का 'शुगर डैडी' तक कह दिया था। उन्होंने अभिनेता के साथ काम कर रही युवा अभिनेत्री को लेकर भी तीखी टिप्पणी की थी।
गोविंदा ने पत्नी को कहा 'हद में रहो'
सुनीता के बयानों के बाद गोविंदा ने भी प्रतिक्रिया दी थी। अभिनेता ने अपनी पत्नी के बयानों पर नाराजगी जाहिर करते हुए उनसे अपनी सीमाओं में रहने की बात कही।
गोविंदा ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ बोलने के पीछे कुछ लोगों और एक ग्रुप की भूमिका है। उन्होंने सुनीता से ऐसे बयानों और पॉडकास्ट के जरिए उन्हें कथित तौर पर अपमानित करने से बचने की अपील की।
पूजा में केले के पत्ते का इस्तेमाल क्यों माना जाता है शुभ? जानें इसका धार्मिक महत्व और परंपरा
Kele ke patte ka mahatva: हिंदू धर्म में केले के पेड़ और उसके पत्तों को अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। यही कारण है कि किसी भी धार्मिक अनुष्ठान, विवाह समारोह या शुभ कार्य में केले के पत्तों और तने का इस्तेमाल करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता है कि केले का पेड़ स्वयं भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है, इसी वजह से इसे इतना पूजनीय स्थान प्राप्त है।
केले के पेड़ से जुड़ी पौराणिक मान्यता
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, केले के वृक्ष को "कदली वृक्ष" कहा जाता है और इसे भगवान विष्णु व बृहस्पति देव दोनों से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करने से भगवान विष्णु के साथ-साथ गुरु ग्रह की भी विशेष कृपा प्राप्त होती है। कथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि जिस घर में केले का पेड़ होता है, वहां सुख-समृद्धि और संतान सुख की कोई कमी नहीं रहती।
विवाह और शुभ कार्यों में केले के तने का महत्व
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, हिंदू विवाह समारोहों में मंडप के दोनों ओर केले के तने बांधने की परंपरा विशेष रूप से प्रचलित है। मान्यता है कि इससे विवाह स्थल पवित्र होता है और नवविवाहित जोड़े के वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसके अलावा गृह प्रवेश, नामकरण संस्कार और अन्य मांगलिक अवसरों पर भी केले के पत्तों और तने का इस्तेमाल शुभ माना जाता है।
भोजन परोसने में भी है केले के पत्ते का खास स्थान
भारतीय परंपरा में, खासकर दक्षिण भारत में, शुभ अवसरों और धार्मिक भोज के दौरान केले के पत्ते पर भोजन परोसने की परंपरा आज भी व्यापक रूप से प्रचलित है। मान्यता है कि केले के पत्ते पर भोजन ग्रहण करना न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है, बल्कि इसे पवित्रता और स्वच्छता का भी प्रतीक माना जाता है।
केले के पत्ते के वैज्ञानिक फायदे भी हैं खास
धार्मिक महत्व के साथ-साथ केले के पत्ते को स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि केले के पत्ते में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो भोजन को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में सहायक होते हैं। इसके अलावा यह पर्यावरण के अनुकूल भी माना जाता है, क्योंकि यह पूरी तरह प्राकृतिक और जैविक रूप से नष्ट होने योग्य होता है।
किन अवसरों पर होता है केले के पत्ते का इस्तेमाल?
हिंदू परंपरा में केले के पत्तों और तने का इस्तेमाल कई खास अवसरों पर किया जाता है। सत्यनारायण कथा, गृह प्रवेश, विवाह समारोह, नवरात्रि और दक्षिण भारतीय त्योहारों जैसे ओणम में केले के पत्ते का विशेष महत्व देखने को मिलता है। इसके अलावा किसी भी बड़े धार्मिक अनुष्ठान या हवन के दौरान भी पूजा स्थान को सजाने में केले के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है।
आज भी हर शुभ अवसर पर दिखता है केले के पत्ते का इस्तेमाल
समय के साथ भले ही पूजा-पाठ और उत्सवों के तौर-तरीकों में कुछ बदलाव आया हो, लेकिन केले के पत्ते और तने का धार्मिक महत्व आज भी पहले जैसा ही बरकरार है। आज भी भारत के विभिन्न हिस्सों में शुभ अवसरों पर केले के पत्तों को सजावट और भोजन परोसने, दोनों ही उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक ग्रंथों और लोक-परंपराओं पर आधारित है। Haribhoomi.com इनकी किसी भी तरह की सटीकता या तथ्य की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें केवल सामान्य जानकारी के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। किसी भी उपाय या धार्मिक कर्मकांड को अपनाने से पहले संबंधित विषय के विद्वान से सलाह अवश्य लें।
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