'माइंस' से 'माइंड्स' की ओर बढ़ेगा झारखंड, 14 बड़े MoU के साथ सीएम सोरेन ने दिखाया विकास का नया विजन
Jharkhand Government: नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के समापन सत्र में आज (9 जुलाई) मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड अब केवल खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि अपनी बौद्धिक क्षमता और तकनीकी नवाचार के लिए भी पहचाना जाना चाहता है. उन्होंने कहा कि राज्य में रिसर्च, इनोवेशन और नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है. उनका लक्ष्य झारखंड को भविष्य में रिसर्च और इनोवेशन हब के रूप में विकसित करना है.
नई दिल्ली में National Stakeholders Consultation ke समापन कार्यक्रम में Cultural Evening & Dinner Reception का आयोजन किया गया।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) July 9, 2026
जिसमें कई देशों के राजनयिकों, कई वरिष्ठ अधिकारियों, मीडिया जगत के प्रतिनिधियों से, आदि मुलाकात हुई। साथ ही कार्यक्रम में राज्य की समृद्ध, संस्कृति,… pic.twitter.com/RAYAisK0Rv
14 बड़े एमओयू पर हुए हस्ताक्षर
कार्यक्रम के दौरान झारखंड सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए कई बड़ी कंपनियों और संस्थाओं के साथ 14 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए. इनमें जिंदल ग्रुप, टाटा समूह, गूगल, वरुण बेवरेजेस, ईज माय ट्रिप, जनरल स्टील और अन्य प्रमुख संस्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों की नई नीतियों के मसौदों पर भी चर्चा की गई.
आज Jindal Group, Tata Group, Varun Beverages, Google, EaseMyTrip आदि के साथ Green Steel, Renwable Energy Nuclear Energy, Food Processing, AI और Digital Governance जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हजारों करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े MoUs हुए हैं।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) July 9, 2026
यह Jharkhand के प्रति देश और दुनिया… pic.twitter.com/QWSnpYpSjx
माइंस से माइंड्स की ओर बढ़ेगा झारखंड
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि अब समय आ गया है कि झारखंड अपनी पहचान केवल ‘माइंस’ यानी खनिज संपदा तक सीमित न रखे, बल्कि ‘माइंड्स’ यानी ज्ञान, शोध और नवाचार के क्षेत्र में भी आगे बढ़े. उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और उन्हें सही अवसर देकर विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है. हेमंत सोरेन ने कहा कि इन समझौतों को सिर्फ कागजी प्रक्रिया के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. यह झारखंड के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं. उनके अनुसार ये सिर्फ नीतियां नहीं, बल्कि राज्य के विकास, निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं हैं.
Technology Experts, Investors, Tourism Partners, Policy Experts, Industry Leaders, मेरे मंत्रिमंडल के सहयोगी, विभागीय पदाधिकारीगण एवं सभी Distinguished Guests, आप सभी का मैं हार्दिक स्वागत, अभिनंदन और जोहार करता हूँ। इस सफल National Stakeholders Consultation के लिए आप सभी का… pic.twitter.com/jIwJqz3bji
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) July 9, 2026
दीर्घकालिक विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल अल्पकालिक योजनाओं पर नहीं, बल्कि लंबे समय की साझेदारी और स्थायी विकास पर ध्यान दे रही है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर जमीन पर उतारा जाए ताकि लोगों को जल्द लाभ मिल सके.
आदिवासी समाज को मिलेगा अधिक अवसर
मुख्यमंत्री ने जियाडा (JIADA) की योजनाओं में आदिवासी समुदाय को दी जा रही 25 प्रतिशत रियायत का जिक्र करते हुए कहा कि इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में आदिवासी समाज की भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है.
औद्योगिक नीतियों में आदिवासी समूह के लिए जो 25% आरक्षण का प्रावधान है, विभाग उसे पुनः देखे और विचार करे कि इसे 25% से बढ़ाकर 50% कैसे किया जाए: श्री @HemantSorenJMM https://t.co/ybE0CFHzFU pic.twitter.com/2afuWzKw5w
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) July 9, 2026
निवेशकों से लगातार संवाद करेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने माना कि पहले संवाद की कमी के कारण झारखंड की संभावनाएं दुनिया के सामने पूरी तरह नहीं आ सकीं. अब सरकार निवेशकों, उद्योगों और विशेषज्ञों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखेगी. उन्होंने सभी मेहमानों और निवेशकों का आभार जताते हुए झारखंड के विकास में साझेदार बनने का आमंत्रण दिया.
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