RBI News: NBFC के लिए आरबीआई की नई तैयारी, रिवॉल्विंग क्रेडिट और डिजिटल कर्ज पर कसेगा शिकंजा
RBI News: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) से प्रस्तावित रिवॉल्विंग क्रेडिट नियमों पर राय मांगी है. साथ ही, मजबूत अनुपालन, आंतरिक ऑडिट और जोखिम प्रबंधन ढांचे पर फोकस करने को कहा है. यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई. एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा कि एनबीएफसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में केंद्रीय बैंक ने आंतरिक नियंत्रण को मजबूत बनाने और तेज से बढ़ रहे सेगमेंट की वृद्धि को मॉनिटर करने को कहा है. इसके अलावा, केंद्रीय बैंक एनबीएफसी के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को वैश्विक मानकों के ज्यादा करीब लाने पर भी विचार कर रहा है.
नए प्रोडक्ट्स से जुड़े जोखिमों की पहचान पर जोर
नियामक ने एनबीएफसी से कहा कि वे नए प्रोडक्ट्स और बिजनेस मॉडल्स से जुड़े जोखिम की शुरुआती स्टेज में ही पहचान करें और उन्हें दूर करें, ताकि संभावित कमजोरियों को बढ़ने से रोका जा सके.
फिलहाल आरबीआई ने यह भी माना कि एनबीएफसी अकसर टेक्नोलॉजी-बेस्ड लेंडिंग प्रोडक्ट्स और बिजनेस मॉडल्स को सबसे पहले अपनाते हैं. साथ ही, यह भी कहा कि उनके अनुभव से मिलने वाली जानकारी नए उभरते क्षेत्रों के लिए नियम बनाने में मदद कर सकती है.
एसआरओ की भूमिका पर भी चर्चा
इसके अलावा, बैठक में स्वतः नियमन संस्थाओं (एसआरओ) की भूमिका पर भी चर्चा हुई. केंद्रीय बैंक ने साफ किया कि एसआरओ को समानांतर नियामकों के तौर पर काम नहीं करना चाहिए, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित करके और उभरते रिस्क को दूर करने में मदद करके इंडस्ट्री की 'पहली सुरक्षा पंक्ति' के तौर पर काम करना चाहिए.
इसके अलावा, आरबीआई की ओर से एनबीएफसी को सलाह दी गई कि वे ग्राहकों की शिकायतों के समाधान के सिस्टम को मजबूत करें और यह पक्का करें कि ग्राहकों की शिकायतों का समाधान तय समय-सीमा के अंदर असरदार ढंग से हो.
डिजिटल लेंडिंग नियमों का पालन जरूरी
साथ ही, एनबीएफसी से यह भी कहा गया कि वे आरबीआई के डिजिटल लेंडिंग फ्रेमवर्क और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट का पूरी तरह पालन करें, खासकर इसलिए क्योंकि लेंडर अब ग्राहकों को जोड़ने, अंडरराइटिंग और सर्विसिंग के लिए टेक्नोलॉजी और डिजिटल चैनलों पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं.
पिछले हफ्ते, आरबीआई के अधिकारियों ने एनबीएफसी के सीनियर अधिकारियों के साथ बैठक की. यह बैठक नियामक की उस निगरानी प्रक्रिया का हिस्सा थी, जिसमें तेजी से बढ़ रहे लेंडिंग प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी-आधारित बिजनेस मॉडल से जुड़े जोखिमों पर खास ध्यान दिया गया.
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(DISCLAIMER: हेडिंग, समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
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