मानसून के सुहाने मौसम में समोसे और पकौड़ों को देखकर किसी का भी दिल मचल सकता है। लेकिन इस बारिश के सीजन में मक्का इन चीजों से बेहतरीन स्नैक साबित हो सकता है। अच्छी बात यह है कि मक्के में सिर्फ कार्बोहाइड्रेट ही नहीं होते, बल्कि यह सेहत के कई शानदार फायदों से भरपूर है। इसमें फाइबर, रेसिस्टेंट स्टार्च, पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन B, एंटीऑक्सीडेंट्स और आंखों की रोशनी के लिए सबसे जरूरी ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि, आपको अपनी सेहत के हिसाब से इसे खाने का सही तरीका और सही मात्रा जानना बेहद जरूरी है।
एसिडिटी, गैस या पेट फूलने की समस्या
अगर आपको अक्सर गैस या ब्लोटिंग की परेशानी रहती है, तो आपके लिए उबला हुआ मक्का सबसे बेस्ट है। उबला हुआ मक्का काफी नरम होता है और इसे चबाना व पचाना आसान होता है। बस ध्यान रखें कि इसे बहुत ज्यादा न उबालें, क्योंकि जरूरत से ज्यादा उबालने से इसके जरूरी रेसिस्टेंट स्टार्च, फाइबर और विटामिन बी कम हो सकते हैं।
IBS या पेट की सेंसिटिविटी
यदि आपका पेट बहुत ज्यादा संवेदनशील है या आप IBS की समस्या से जूझ रहे हैं, तो एक बार में बहुत ज्यादा स्वीट कॉर्न खाने से बचें, क्योंकि इससे पेट फूल सकता है। शुरुआत में केवल आधा भुट्टा (लगभग 38 ग्राम) ही खाएं और देखें कि आपका पेट इसे कैसे पचा पा रहा है।
डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या
डायबिटीज के मरीजों के लिए उबला या स्टीम किया हुआ मक्का ही सही विकल्प है। उबले हुए मक्के का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 55-56 होता है। जबकि भुने हुए मक्के का GI बढ़कर लगभग 65 हो जाता है, क्योंकि भूनने से इसका स्टार्च बहुत जल्दी पच जाता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। एक बार में केवल आधा कप पका हुआ मक्का या फिर एक छोटा भुट्टा ही खाएं।
आंखों की अच्छी सेहत के लिए
अगर आप आंखों की रोशनी और न्यूट्रिएंट्स के लिए मक्का खा रहे हैं, तो स्टीम किया हुआ मक्का सबसे बेहतरीन है। हल्की भाप से मक्के में मौजूद ल्यूटिन और जेक्सैंथिन हमारे शरीर को आसानी से मिल जाते हैं। इसके अलावा, मक्के को सीधे पानी में न डुबोने के कारण उबालने के मुकाबले इसमें से फोलेट और विटामिन बी का नुकसान भी बहुत कम होता है।
सिर्फ स्वाद के लिए भुट्टा खाना है?
अगर आप मानसून के मजे लेते हुए कोयले पर भुना पारंपरिक भुट्टा खाना चाहते हैं, तो शौक से खाएं। लेकिन ध्यान रखें कि इस पर बहुत ज्यादा बटर, चीज, तीखे मसाले लगाने से बचें और इसे बहुत ज्यादा जलने या काला होने तक न भूनें।
Continue reading on the app
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम के भारत को निर्यात का रास्ता साफ करने वाले समझौते की पुष्टि की है. दोनों देशों ने स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, हरित हाइड्रोजन, रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई.
India and Australia confirmed an arrangement enabling Australian uranium exports to India for peaceful purposes. The two countries also agreed to deepen cooperation in clean energy, critical minerals, green hydrogen, defence, and technology.
Continue reading on the app