यूपी: सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार हर वर्ग को ध्यान में रखकर कदम उठा रही है. फिर चाहे वह महिलाएं हों, बुजुर्ग हों, किसान हों या फिर युवा. यही नहीं प्रदेश के विकास और प्रगति को फोकस करते हुए भी कई आवश्यक फैसले लिए जा रहे हैं. सड़क सुरक्षा भी इन्हीं कदमों में से एक अहम कदम है. इसको लेकर योगी सरकार शून्य मृत्यु दर को लक्ष्य बनाकर फैसले ले रही है.
सड़क सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का फोकस लगातार बढ़ा
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती वाहन संख्या के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का फोकस लगातार बढ़ा है. शून्य मृत्यु दर की दिशा में विभिन्न अवसरों पर विभागों को जरूरी निर्देश देते रहे हैं. इसका असर सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई में भी दिखाई दे रहा है. बीते वित्तीय वर्ष में 474 करोड़ रुपए और चालू वित्तीय वर्ष में 172 करोड़ रुपए प्रशमन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया है.
20 लाख से ज्यादा चालान किए गए
इस अवधि में 20 लाख से ज्यादा चालान भी किए गए हैं. अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का पालन कराना परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.
यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना मकसद
इसी क्रम में विभाग के प्रवर्तन दल ने नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान चलाया. कार्रवाई का उद्देश्य महज जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है.
474 करोड़ रुपए का प्रशमन शुल्क वसूला गया
वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल ने प्रदेशभर में करीब 15 लाख चालान किए. इन कार्रवाई के माध्यम से 474 करोड़ रुपए का प्रशमन शुल्क वसूला गया. यह बड़े पैमाने पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई को दर्शाता है, जिसके जरिए सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया.
172 करोड़ रुपए का प्रशमन शुल्क प्राप्त
वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में ही करीब 5 लाख चालान किए जा चुके हैं. इन कार्रवाई से 172 करोड़ रुपए का प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ है. इससे साफ है कि सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है.
चालकों और आम नागरिकों की भी बराबर भागीदारी
परिवहन विभाग के मुताबिक, इस सख्ती का व्यापक उद्देश्य वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना है. नियमों का पालन होने से सड़क पर ओवरस्पीडिंग, बिना जरूरी दस्तावेज वाहन चलाने, क्षमता से अधिक सवारी या माल ढोने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन जैसी स्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलती है. सुरक्षित यातायात के लिए वाहन चालकों और आम नागरिकों की भी बराबर भागीदारी जरूरी है.
परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई इसी जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का काम कर रही है. यही प्रयास प्रदेश को शून्य मृत्युदर के लक्ष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
यह भी पढ़ें - युवा साथियों के हाथों में राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी, तिरंगा देश के प्रति समर्पण का प्रतीक: CM योगी
पीयूष गोयल को मिली पिता वेद प्रकाश गोयल की गद्दी, 20 साल तक संभाला था बीजेपी का खजाना
BJP Reshuffle: बीजेपी ने पीयूष गोयल को फिर से पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया. लेकिन क्या आपको पता है कि उनके पिता वेद प्रकाश गोयल भी 20 साल तक इस पद पर रह चुके हैं. उन्हें बीजेपी के सबसे भरोसेमंद चेहरों में से एक गिना जाता था.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
News18








