Himanta Biswa Sarma ने Rahul Gandhi और सोनिया पर राष्ट्र विरोधी काम का आरोप लगाया
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे सत्ता में वापसी के लिए खुलेआम ‘‘राष्ट्र-विरोधी’’ गतिविधियां कर रहे हैं और देश में ‘‘अराजकता फैलाने’’ की कोशिश कर रहे हैं। शर्मा ने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा खुद को ‘‘दिमागी नक्सल’’ कहने को लेकर उनपर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के वरिष्ठ नेता ‘‘खांटी नक्सल’’ हैं और इस बात की जांच होनी चाहिए कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में रहने के दौरान उन्होंने माओवादियों के खिलाफ क्या जानबूझकर कोई कदम नहीं उठाया था।
शर्मा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘सोनिया गांधी और राहुल गांधी देश का विरोध करने के मिशन पर हैं। फिर चाहे जेन-जी के नाम पर विरोध-प्रदर्शन भड़काना ही क्यों न हो, उन्होंने देश का माहौल खराब करने की ठान ली है।’’ स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पूरे वंदे मातरम् का गायन करने का विरोध करने वाले कांग्रेस नेताओं के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सोनिया गांधी का व्यवहार दर्शाता है कि अगर कांग्रेस गलती से सत्ता में वापस आ जाती है, तो देश का क्या हाल होगा?’’ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘वे खुलेआम देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं तथा लोगों को आंदोलन करने और धरने पर बैठने के लिए उकसा रहे हैं, और यह सब सिर्फ अराजकता फैलाने के लिए किया जा रहा है। ‘मां-बेटा’ द्वारा वंदे मातरम् को रोकने की कोशिश से यह साफ हो जाता है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो देश का भविष्य क्या होगा।’’ स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण में ‘‘दिमागी नक्सल’’ शब्द का इस्तेमाल किये जाने के बाद, चिदंबरम द्वारा खुद को ऐसा कहे जाने पर शर्मा ने कहा कि उनके (चिदंबरम के) केंद्रीय गृह मंत्री रहने के दौरान छत्तीसगढ़ में एक हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी.सी. शुक्ला और अन्य लोग मारे गए थे, और ‘‘फिर भी कांग्रेस ने नक्सलवाद को खत्म करने के लिए कुछ नहीं किया।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘मुझे लगता है कि चिदंबरम सिर्फ दिमागी नक्सल नहीं हैं, बल्कि वह खांटी नक्सल हैं, जो देश में अराजकता चाहते हैं।’’ शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में ही नक्सल-मुक्त भारत संभव हो पाया है और हर तरफ शांति है, जिसमें असम में राष्ट्रीय पर्वों का सुचारू रूप से आयोजन भी शामिल है।
BJP ने नयी राष्ट्रीय टीम की घोषणा की, Piyush Goyal बने कोषाध्यक्ष
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नयी राष्ट्रीय टीम की घोषणा की जिसमें राम माधव, लोकसभा सदस्य डी. पुरंदेश्वरी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत समेत 13 उपाध्यक्ष नियुक्त किये गए। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा द्वारा जारी सूची के अनुसार, पार्टी ने बी.एल. संतोष को राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बनाए रखा है।
वहीं, अपनी आठ राष्ट्रीय महासचिवों की टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को शामिल किया है। विनोद तावड़े और सुनील बंसल ही ऐसे दो राष्ट्रीय महासचिव हैं, जिन्हें पार्टी ने अपनी नयी टीम में बरकरार रखा है। भाजपा ने अलग-अलग राज्यों से 16 राष्ट्रीय सचिवों की अपनी टीम में कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, संदीप पाठक और मनोज तिग्गा समेत कई नये चेहरों को शामिल किया है।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के अलावा वैजयंत जे. पांडा और रेखा वर्मा को भी उपाध्यक्ष बनाये रखा गया है।
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