IAS Transfer: एक साथ 18 आईएएस अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी, तबादले का आदेश जारी, देखें लिस्ट
उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। एक साथ 18 आईएएस अधिकारियों को स्थानांतरण (IAS Transfer) किया गया है। गोरखपुर, लखनऊ, आजमगढ़ देवरिया, सुल्तानपुर, जौनपुर समेत कई जिलों में नए संयुक्त मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है। तबादले और नियुक्त से संबंधित आदेश 17 अगस्त को जारी किया गया है।
शाहजहांपुर संयुक्त मजिस्ट्रेट पद पर आदित्य श्रीवास्तव को नियुक्त किया गया है। सहायक मजिस्ट्रेट फतेहपुर पद पर कार्यरत आईएएस अधिकारी नौशीन को संयुक्त मजिस्ट्रेट बस्ती पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सहायक मजिस्ट्रेट उन्नाव पद पर कार्यरत शौर्य अरोड़ा को संयुक्त मजिस्ट्रेट बदायूं पद पर भेजा गया है।
लखनऊ और प्रयागराज के नए संयुक्त मजिस्ट्रेट कौन?
सहायक मजिस्ट्रेट मुजफ्फरनगर पद पर कार्यरत अपराजिता आर्यन को संयुक्त मजिस्ट्रेट लखनऊ पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रयागराज के संयुक्त मजिस्ट्रेट पद पर अर्पित कुमार को नियुक्त किया गया है। झांसी संयुक्त मजिस्ट्रेट पद पर मनीषा धार्वे को नियुक्त किया गया है। रायबरेली के नए संयुक्त मजिस्ट्रेट अब आयुष अग्रवाल होंगे।
इन आईएएस अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी
कुणाल रस्तोगी, सहायक मजिस्ट्रेट, बिजनौर को गोरखपुर संयुक्त मजिस्ट्रेट पद पर नियुक्त किया गया है। सहायक मजिस्ट्रेट गाजियाबाद पद पर कार्यरत अयान जैन को आजमगढ़ संयुक्त मजिस्ट्रेट पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगरा सहायक मजिस्ट्रेट पद पर कार्यरत शिवम कुमार को महाराजगंज संयुक्त मजिस्ट्रेट पद पर नियुक्त किया गया है। अनिमेष वर्मा, सहायक मजिस्ट्रेट, प्रयागराज को संयुक्त मजिस्ट्रेट देवरिया पद पर भेजा गया है।
अंशुल हिंदल, सहायक मजिस्ट्रेट, मिर्जापुर अब सुल्तानपुर संयुक्त मजिस्ट्रेट पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। शुभांशु कटियार को जौनपुर और विनोद कुमार मीणा को औरैया संयुक्त मजिस्ट्रेट पद पर नियुक्त किया गया है। कानपुर देहात के संयुक्त मजिस्ट्रेट पद पर रमेश चंद्र कुमार और कुशीनगर संयुक्त मजिस्ट्रेट पद पर जी. अक्षय दीपक को भेजा गया है। मैनपुरी संयुक्त मजिस्ट्रेट पद की जिम्मेदारी तेजस के. को दी गई है, जो पहले सहायक मजिस्ट्रेट बाराबंकी पद पर कार्यरत थे।
नितिन नबीन की नई टीम में अनुभव पर भरोसा, वसुंधरा-राम माधव को बड़ी जिम्मेदारी, स्मृति ईरानी की संगठन में वापसी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम की सबसे खास बात अनुभवी नेताओं पर जताया गया भरोसा है। वसुंधरा राजे सिंधिया, राम माधव और बैजयंत जय पांडा जैसे नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी देकर संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
वसुंधरा राजे को फिर राष्ट्रीय संगठन में अहम जिम्मेदारी
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। दो बार राजस्थान की मुख्यमंत्री रह चुकीं वसुंधरा राजे केंद्र में भी मंत्री रह चुकी हैं। ऐसे में उनके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने को नई टीम में अनुभव को महत्व देने वाले फैसलों में देखा जा रहा है।
उनके साथ राम माधव और बैजयंत जय पांडा को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। राम माधव पहले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं और लंबे समय तक राष्ट्रीय संगठन में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
स्मृति ईरानी की संगठन में बड़ी वापसी
नई टीम में स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। केंद्र सरकार में मानव संसाधन विकास, कपड़ा और महिला एवं बाल विकास जैसे मंत्रालय संभाल चुकीं स्मृति ईरानी को अब पार्टी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें उत्तर प्रदेश से जुड़ी जिम्मेदारी भी दी गई है।
स्मृति ईरानी का राष्ट्रीय महामंत्री के तौर पर आना इसलिए भी अहम है क्योंकि वे लंबे समय तक केंद्र की राजनीति में भाजपा के प्रमुख चेहरों में शामिल रही हैं। अब उन्हें फिर संगठन की मुख्य टीम में लाया गया है।
युवा अध्यक्ष, लेकिन टीम में अनुभवी चेहरों की मजबूत मौजूदगी
नितिन नबीन खुद भाजपा के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, लेकिन उनकी पहली बड़ी राष्ट्रीय टीम में केवल नए चेहरों पर दांव लगाने के बजाय अनुभव और नई पीढ़ी का मिश्रण दिखाई देता है। टीम के गठन से पहले भी ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि संगठन में युवा चेहरों के साथ अनुभवी नेताओं को बरकरार रखा जाएगा।
राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की सूची में पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और लंबे समय तक संगठन में काम कर चुके नेता शामिल हैं। वहीं राष्ट्रीय महामंत्रियों की टीम में भी संगठन और चुनावी राजनीति का लंबा अनुभव रखने वाले नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने कुल 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किए हैं।
राज्यों और संगठन के अनुभव का भी रखा गया ध्यान
नई टीम में अनुभव का मतलब केवल बड़े राष्ट्रीय चेहरे नहीं हैं। अलग-अलग राज्यों में सरकार और संगठन की जिम्मेदारी संभाल चुके नेताओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर लाया गया है। आंध्र प्रदेश की पूर्व केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनी हैं, जबकि मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य को भी इसी पद की जिम्मेदारी मिली है।
इसके साथ राष्ट्रीय मंत्री, संगठन से जुड़े पदों और अलग-अलग मोर्चों की नई टीम भी तय की गई है। मीडिया टीम में अनिल बलूनी को संयोजक बनाया गया है।
आने वाले चुनावों से पहले तैयार हुई नई टीम
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम ऐसे समय सामने आई है, जब पार्टी के सामने आने वाले विधानसभा चुनावों के साथ आगे की बड़ी चुनावी तैयारियां भी हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर नितिन नबीन ने सांसदों के साथ बैठकों का दौर भी शुरू किया है। ऐसे में नई टीम में संगठन और चुनावी राजनीति का अनुभव रखने वाले चेहरों की मौजूदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कुल मिलाकर नितिन नबीन की नई टीम में पीढ़ीगत बदलाव के साथ अनुभव को बनाए रखने की तस्वीर दिखाई देती है। युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ वसुंधरा राजे, राम माधव, स्मृति ईरानी और बैजयंत पांडा जैसे स्थापित नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर भाजपा ने नई और पुरानी पीढ़ी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।
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