LPG ग्राहकों को मिली बड़ी राहत, e-KYC की बढ़ी डेडलाइन; जानें कब तक कर सकेंगे
एलपीजी कनेक्शन के लिए e-KYC कराने की समय सीमा 16 अगस्त से बढ़ाकर 23 अगस्त कर दी गई है. माना जा रहा था कि अतिरिक्त सात दिन मिलने से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, लेकिन तकनीकी परेशानियों ने इस उम्मीद पर पानी फेर दिया है. सर्वर डाउन, मोबाइल ऐप में दिक्कत और ऑनलाइन सिस्टम की धीमी रफ्तार के कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को अब भी गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
डेडलाइन बढ़ी, लेकिन परेशानी बरकरार
e-KYC की अंतिम तारीख बढ़ने के बावजूद उपभोक्ताओं की मुश्किल कम नहीं हुई है. कई जगह गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं.
लोग जरूरी दस्तावेज लेकर घंटों इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भरोसा नहीं है कि सिस्टम चलने पर उनका काम उसी दिन पूरा हो पाएगा. तकनीकी खामियों के कारण एजेंसी कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद प्रक्रिया की गति काफी धीमी बनी हुई है.
सर्वर ठप होने से बढ़ा बैकलॉग
डीलरों के प्रवक्ता बिजन बिहारी बिस्वास के मुताबिक 15 अगस्त को स्थिति विशेष रूप से खराब रही. दोपहर करीब 2:30 बजे तक सर्वर पूरी तरह ठप रहने से कामकाज प्रभावित हुआ.
इस दौरान उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचते रहे, लेकिन सिस्टम बंद होने के कारण उनका e-KYC नहीं हो सका. नतीजतन पहले से मौजूद भीड़ और बढ़ गई तथा बैकलॉग तैयार होता गया.
अतिरिक्त सात दिन भी पड़ रहे कम
16 अगस्त की पुरानी समय सीमा को 23 अगस्त तक बढ़ाने से उपभोक्ताओं को निश्चित रूप से कुछ अतिरिक्त समय मिला है. लेकिन डीलरों के सामने असली समस्या तकनीकी व्यवस्था की है.
यदि सर्वर बार-बार बंद होता है या ऐप काम नहीं करता, तो अतिरिक्त सात दिन भी पर्याप्त साबित नहीं होंगे. एजेंसियां सीमित संख्या में ही उपभोक्ताओं का e-KYC पूरा कर पा रही हैं.
डिजिटल सिस्टम पर निर्भर है पूरी प्रक्रिया
e-KYC की मौजूदा व्यवस्था ने यह भी दिखाया है कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल बुनियादी ढांचे पर कितनी निर्भर है. उपभोक्ता एजेंसी तक पहुंच जाए, उसके पास सभी दस्तावेज मौजूद हों और कर्मचारी भी उपलब्ध हों, फिर भी सर्वर या ऐप में समस्या होने पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती. यही वजह है कि सर्वर ठप होने पर गैस एजेंसी के बाहर लगी कतारें आगे बढ़ने के बजाय लगातार लंबी होती जाती हैं.
उपभोक्ताओं का आधा दिन हो रहा बर्बाद
कई उपभोक्ताओं की शिकायत है कि वे e-KYC के लिए एजेंसी तक पहुंचते हैं, घंटों लाइन में खड़े रहते हैं और अंत में तकनीकी समस्या के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है.
कुछ लोगों को दोबारा एजेंसी का चक्कर लगाना पड़ रहा है. इससे नौकरीपेशा और बुजुर्ग उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है.
घर बैठे भी कर सकते हैं e-KYC
उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि e-KYC केवल गैस एजेंसी जाकर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन भी की जा सकती है. इसके लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो जैसे जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की जरूरत होती है.
हालांकि ऑनलाइन प्रक्रिया में भी सर्वर या ऐप की तकनीकी समस्या होने पर उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
भारत गैस ग्राहक ऐसे करें e-KYC
भारत गैस के उपभोक्ता Hello BPCL ऐप के जरिए e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इसके लिए ऐप में उपलब्ध e-KYC विकल्प का इस्तेमाल करना होगा.
इंडेन ग्राहक किस ऐप से करें e-KYC?
इंडेन गैस के ग्राहक IndianOil ONE ऐप के जरिए e-KYC कर सकते हैं. ऐप में लॉगिन करने के बाद संबंधित e-KYC प्रक्रिया पूरी की जा सकती है.
HP गैस ग्राहकों के लिए क्या विकल्प?
HP गैस के उपभोक्ता HP Pay ऐप के माध्यम से e-KYC कर सकते हैं. ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने से एजेंसी पर लगने वाली लंबी कतार से बचने की कोशिश की जा सकती है.
23 अगस्त से पहले निपटा लें प्रक्रिया
डेडलाइन 23 अगस्त तक बढ़ाई गई है, इसलिए उपभोक्ताओं को आखिरी दिनों में भीड़ बढ़ने से पहले e-KYC पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए. ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध होने पर पहले उसे आजमाया जा सकता है. वहीं, जिन उपभोक्ताओं को एजेंसी जाना जरूरी है, उन्हें सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर जाना चाहिए.
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती तकनीकी व्यवस्था को सुचारु करना है. जब तक सर्वर और ऐप की समस्याएं दूर नहीं होतीं, तब तक डेडलाइन बढ़ाने के बावजूद उपभोक्ताओं की परेशानी पूरी तरह खत्म होती नजर नहीं आ रही है.
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मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 से 33,600 से ज्यादा लोग लाभान्वित, उत्तराखंड के युवाओं को मिल रहा आत्मनिर्भर बनने का मौका
Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें और प्रदेश के विकास में भी योगदान दे सकें. इसी दिशा में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के माध्यम से अब तक 33,600 से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं. योजना के तहत युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. इसका उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला भी बनाना है.
हमारी सरकार लगातार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान कर राज्य के विकास को नई गति दे रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के माध्यम से 33,600 से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 17, 2026
इस योजना से न केवल युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता मिल… pic.twitter.com/dVHs4YX1Fu
क्यों शुरू हुई योजना?
सरकार का मानना है कि उत्तराखंड में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं, जिनमें अपना कारोबार शुरू करने की क्षमता और इच्छा है, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती रहती है. ऐसे युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाएं मददगार साबित हो सकती हैं. आर्थिक सहायता मिलने से युवा छोटे और मध्यम स्तर के कारोबार शुरू कर सकते हैं और अपनी आमदनी का साधन तैयार कर सकते हैं.
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योजना का लाभ लेने वाले युवा अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाकर दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं. इससे स्वरोजगार का दायरा बढ़ रहा है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं. सरकार की कोशिश है कि युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर अवसर मिलें, जिससे उन्हें रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर जाने की जरूरत कम हो.
पहाड़ी राज्यों के लिए है जरूरी
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां के कई क्षेत्रों में पारंपरिक रोजगार के विकल्प सीमित हैं. ऐसे में स्थानीय जरूरतों और संसाधनों के आधार पर व्यवसाय शुरू करने से युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम करने का अवसर मिल सकता है. इससे गांवों और छोटे शहरों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है.
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के जरिए युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में अपना काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. सरकार का जोर इस बात पर है कि योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा पात्र युवाओं तक पहुंचे और उन्हें अपना उद्यम शुरू करने में जरूरी मदद मिल सके.
रोजगार के साथ स्वरोजगार भी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार को भी प्राथमिकता दे रही है. सरकार की योजनाओं का लक्ष्य युवाओं की क्षमता और प्रतिभा को अवसर देना है. जब युवा अपना कारोबार शुरू करते हैं तो इसका फायदा केवल उन्हें ही नहीं, बल्कि उनके परिवार और आसपास के लोगों को भी मिलता है.
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सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 से जुड़े आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि युवाओं में स्वरोजगार को लेकर रुचि बढ़ रही है. 33,600 से अधिक लोगों का लाभान्वित होना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है.
क्या बोले सीएम धामी?
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. जरूरत सिर्फ उन्हें सही अवसर, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग देने की है। सरकार इसी सोच के साथ रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है.
सरकार की इस पहल से जहां युवाओं को अपना भविष्य बेहतर बनाने का अवसर मिल रहा है, वहीं प्रदेश में नए कारोबार और रोजगार के अवसर भी तैयार हो रहे हैं. इससे उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और मजबूत अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाने की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है.
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