विझिंजम पोर्ट से खुलेगा केरल के लिए वैश्विक व्यापार का नया द्वार, मंगलवार से शुरू होंगे पूर्ण निर्यात-आयात संचालन
तिरुवनंतपुरम, 17 अगस्त (आईएएनएस)। केरल का विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह, जो कि भारत का पहला गहरे पानी का कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट है, मंगलवार से एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। बंदरगाह पर पूर्ण स्तर के निर्यात-आयात (इग्जिम) संचालन औपचारिक रूप से शुरू होंगे, जिसे केरल की अर्थव्यवस्था और राज्य को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स तथा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन सुबह 10:45 बजे पहले निर्यात कंटेनर को रवाना करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
अब तक मुख्य रूप से ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में विकसित किए गए विझिंजम पोर्ट का यह बदलाव उसे एक पूर्ण वाणिज्यिक व्यापार द्वार में बदल देगा, जहां से केरल के निर्यातक सीधे वैश्विक बाजारों तक अपनी पहुंच बना सकेंगे।
यह विकास विशेष रूप से अदाणी पोर्ट्स के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो इस बंदरगाह का संचालन करती है। विझिंजम की भौगोलिक स्थिति और इसकी प्राकृतिक गहराई इसे भारतीय समुद्री क्षेत्र में विशेष प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करती है।
20 से 24 मीटर की प्राकृतिक गहराई वाला यह बंदरगाह दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों को संभालने की क्षमता रखता है। इसके अलावा यह अंतरराष्ट्रीय ईस्ट-वेस्ट शिपिंग कॉरिडोर से केवल लगभग 10 समुद्री मील की दूरी पर स्थित है, जिससे यह वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अत्यंत रणनीतिक बन जाता है।
परीक्षण संचालन के दौरान स्पेन के वालेंसिया भेजा गया पहला निर्यात कंटेनर पहले ही इस नई क्षमता की संभावनाओं को प्रदर्शित कर चुका है। अब तक जिन भारतीय निर्यातकों को कोलंबो, सिंगापुर या दुबई जैसे ट्रांसशिपमेंट हब के माध्यम से अपना माल भेजना पड़ता था, उन्हें अब विझिंजम से सीधे वैश्विक बाजारों तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा। इससे परिवहन समय और लॉजिस्टिक्स लागत दोनों में कमी आने की संभावना है।
विशेष रूप से केरल के लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) को इससे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। कृषि उत्पाद, मसाले, काजू, समुद्री उत्पाद, हथकरघा और वस्त्र उद्योग से जुड़े निर्यातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच आसान होगी।
इस अवसर पर राज्य सरकार मिशन समुद्र नामक एक महत्वाकांक्षी परियोजना भी शुरू कर रही है, जो कि बंदरगाह आधारित औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास कार्यक्रम है, जिसे पोर्ट सिटी अवधारणा के तहत विकसित किया जा रहा है।
इस योजना के तहत व्यापक विझिंजम मैरीटाइम इकोनॉमिक रीजन विकसित किया जाएगा, जिसमें 8 औद्योगिक क्लस्टर, 3 नए शहर और केरल की 600 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में जोड़ा जाएगा।
सरकार ने इस परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपए का कैटेलिटिक फंड निर्धारित किया है। यह राशि बंदरगाह एवं कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स विकास, औद्योगिक क्लस्टर, नए शहरों के विकास, कार्यक्रम प्रबंधन और क्षमता निर्माण से जुड़ी 14 उप-योजनाओं पर खर्च की जाएगी।
अधिकारियों को उम्मीद है कि वर्ष 2031 तक यह पहल निजी निवेश के माध्यम से सार्वजनिक निवेश के मुकाबले 10 गुना से अधिक आर्थिक गतिविधि उत्पन्न कर सकती है। विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, सेवा क्षेत्र और बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर निजी भागीदारी की उम्मीद की जा रही है।
पूर्ण निर्यात-आयात संचालन शुरू होने से वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कंटेनर फ्रेट स्टेशन और लॉजिस्टिक्स पार्कों की मांग भी बढ़ने की संभावना है। इससे तिरुवनंतपुरम और आसपास के जिलों में व्यापक रोजगार सृजन होगा।
मजबूत सड़क और रेल संपर्क के साथ विझिंजम आने वाले वर्षों में भारत के बड़े निर्यात केंद्रों में शामिल हो सकता है।
केरल के लिए यह केवल एक बंदरगाह परियोजना नहीं है, बल्कि आर्थिक दिशा बदलने का अवसर माना जा रहा है। विझिंजम अब केवल वह स्थान नहीं रहेगा जहां वैश्विक कार्गो जहाज बदलते हैं, बल्कि यह वह केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है जहां से केरल अपनी आर्थिक विकास यात्रा को नई गति देगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दावा, ISI समर्थित आतंकी गुट 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' का खात्मा, 200 से अधिक ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार की उपलब्धी गिनाते हुए ट्वीट किया है. उन्होंने आतंकवाद को लेकर बड़ा दावा करते कहा, "मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित आतंकी गुट 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' को खत्म कर दिया और 200 से अधिक ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया. उसके विध्वंसक हमलों के मंसूबों को नाकाम कर दिया. भारतीय सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर एक साथ ऑपरेशन चलाकर इस नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया, जो आतंकवाद के प्रति भारत की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति का एक बेहतरीन उदाहरण है.
Modi govt destroyed the ISI-backed terror group Shahzad Bhatti Network ahead of Independence Day and thwarted its plans for subversive attacks by arresting more than 200 operatives.
— Amit Shah (@AmitShah) August 17, 2026
Indian security forces ripped apart the network by launching coordinated operations across…
CCTV कैमरे शामिल हैं
ISI से फंड पाने वाले इस गुट से भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया, जिसमें IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फ़ैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, ज़िंदा कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे शामिल हैं. यह नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था."
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीमा पर सेना पूरी तरह चौकन्नी है। आतंकी गुटों को सफाया हो रहा है।
आईएसआई समर्थित 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' एक पाकिस्तान आतंकी संगठन है। इसे स्वतंत्रता दिवस से पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े देशव्यापी अभियान में ध्वस्त किया है। इस नेटवर्क के 200 से अधिक गुर्गों को 14 राज्यों में समन्वित छापों के दौरान गिरफ्तार किया गया है।
नेटवर्क की गतिविधियां और साजिश
पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों की ओर से सोशल मीडिया व एन्क्रिप्टेड ऐप्स के माध्यम से भारतीय युवाओं को ऑनलाइन जोड़ा जाता था। पैसों के लालच में युवाओं से पुलिस स्टेशनों, सैन्य ठिकानों और धार्मिक स्थलों की रेकी कराई जाती थी। यह गिरोह ग्रेनेड, आईईडी (IED), पेट्रोल बम हमलों और टारगेट किलिंग जैसी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था। पंजाब के रास्ते ड्रोन के माध्यम से अवैध हथियार और ड्रग्स मंगाए जाते थे।
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
केंद्रीय गृह मंत्रालय और विभिन्न राज्यों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए काफी मात्र में हथियार, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के मार्किंग वाले ग्रेनेड और जासूसी के लिए उपयोग होने वाले सीसीटीवी कैमरे बरामद किए हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation








