ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। 8 जुलाई तड़के अमेरिका ने ईरान पर कई हमले किए। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने हॉर्मोन स्टेट से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर हमला किया था। इसी के जवाब में हमने भी हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी कि सेंट कॉम ने एक्स पर पोस्ट करके कहा कि उसकी सेना ने ईरान के खिलाफ पावरफुल हमलों की एक सीरीज शुरू कर दी है। सॉम के मुताबिक ईरान ने हॉर्मोस स्टेट से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर हमला किया। अमेरिका ने इसे बिना उकसावे के की गई खतरनाक कारवाई और सीज फायर का साफ-साफ उल्लंघन बताया है। रर्स के मुताबिक एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम ना बताने की शर्त पर कहा कि इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कोस्टल रडार सिस्टम, सरफेस टू एयर मिसाइल यानी कि सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, जहाजों को निशाना बनाने वाली क्रूज मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया गया है। उधर ईरानी सरकारी मीडिया का कहना है कि देश के दक्षिणी हिस्सों में कई धमाकों की आवाज सुनी गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक दक्षिणी शहर शरीक में सात धमाके हुए। वहीं शरीक के तोहे रोई पीियर इलाके में छह प्रोजेक्टाइल गिरने की खबर है। ईरानी मीडिया ने यह भी बताया कि दक्षिणी ईरान के केशमा आइलैंड और बंदर अब्बास में भी धमाकों की आवाज सुनाई दी है। बाद में ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि शरिक के कमर्शियल पीियर पर एक दुश्मन के प्रोजेक्टाइल के गिरने से कई लोगों को छर्रे लगे हैं और लोग घायल हुए हैं। सरकारी टीवी ने यह भी कहा कि बंदर अब्बास और केश आइलैंड पर हालात सामान्य हो गए हैं। लेकिन शरीक में धमाकों की आवाजें लगातार आती रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजस्कियन अमेरिका के इन हमलों के बाद इराक का दौरा छोड़कर ईरान लौट गए। इससे पहले मंगलवार 7 जुलाई को हॉर्मोज स्टेट में तीन टैंकरों पर हमला हुआ था। ब्रिस्तानी सेना ने कहा कि इस समुद्री रास्ते से गुजर रहे तीन टैंकर प्रोजेक्टाइल की चपेट में आए। संयुक्त राष्ट्र की इंटरनेशनल मेरिटाइम ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक एक ही दिन में तीन तेल के जहाजों पर हमला हुआ। अप्रैल के आखिर के बाद पहली बार एक दिन में इतने बड़े हमले हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो इस रास्ते से जहाजों का आना जाना मुश्किल हो सकता है। इससे दुनिया के कई देशों में तेल और दूसरे सामान की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। इन हमलों के कुछ ही घंटे बाद अमेरिका ने ईरान को दी गई 60 दिनों की राहत भी वापस ले ली। इस राहत की वजह से ईरान कुछ शर्तों के साथ अपना तेल बेच रहा था। अब अमेरिका ने फिर से उस पर पाबंदियां लगा दी है। एक अमेरिकी अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस यानी कि एपी को नाम ना बताने की शर्त पर कहा कि हॉर्नोज स्टेट में ईरान की कारवाई स्वीकार नहीं की जा सकती। इसलिए उस लाइसेंस को वापस लेने का फैसला किया गया है। अमेरिका ने पहले ईरान को 21 अगस्त तक तेल बेचने की इजाजत दी थी। उस समय अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने कहा था कि स्विट्जरलैंड में ईरान के अधिकारियों के साथ अच्छी बातचीत हुई और इससे उम्मीद जगी है कि दोनों देशों के बीच चल रहा तनाव खत्म हो सकता है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है।
मंत्रालय ने कहा है कि ईरान के ऑयल एक्सपोर्ट पर मिली टेंपरेरी राहत वापस लेना 18 जून 2026 को हुए सीज फायर एग्रीमेंट का साफ-साफ उल्लंघन है। ईरान ने कहा है कि अमेरिका अपने वादे से पीछे हट गया है और इसके जो भी नतीजे होंगे उनकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी। उधर यूनाइटेड किंगडम मेरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन सेंटर ने बताया कि ओमान कोस्ट के पास एक टैंकर पर प्रोजेक्टाइल गिरने के बाद उसमें आग लग गई। वहीं ईरानी सरकारी टीवी ने कहा है कि एलएजी ले जाने वाले टैंकर वार्निंग को नजरअंदाज करने कर रहे थे। इसके बाद वो हमले का शिकार हुए हैं। हालांकि ईरान ने सीधे तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। ब्रिटानी समुद्री एजेंसी ने बताया कि बाकी दो जहाजों को भी नुकसान पहुंचा है। लेकिन उन्होंने अपना सफर जारी रखा। [गला साफ़ करने की आवाज़] किसी के भी घायल होने की खबर नहीं है। ईरान पहले भी कई बार कह चुका है कि हॉर्न स्टेट से गुजरने के लिए वही समुद्री रास्ता सुरक्षित है जिसे उसने मंजूरी दी है।
अमेरिकी संघीय पुलिस का कहना है कि पंजाब का दारोगा गुरिंदरजीत सिंह ने लॉस एंजिल्स से इन्फॉर्मेशन निकलवाकर एक अमेरिकी परिवार से 4 करोड़ रुपए वसूली करना चाहता था. पुलिस ने दारोगा गुरिंदरजीत सिंह को हिट लिस्ट में शामिल किया है.
FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर है। राउंड ऑफ 16 के मुकाबलों के बाद अब दुनिया की टॉप 8 टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी हैं। खिताब की रेस में अब फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना जैसी दिग्गज टीमें बनी हुई हैं, जबकि मोरक्को, नॉर्वे, बेल्जियम और स्विट्जरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की की है।
क्वार्टर फाइनल मुकाबलों का पूरा शेड्यूल क्वार्टर फाइनल की शुरुआत 10 जुलाई (IST) से होगी। इन चार ब्लॉकबस्टर मुकाबलों का विवरण इस प्रकार है:
पहला मैच: फ्रांस बनाम मोरक्को (10 जुलाई)
दूसरा मैच: स्पेन बनाम बेल्जियम (10 जुलाई)
तीसरा मैच: नॉर्वे बनाम इंग्लैंड (12 जुलाई)
चौथा मैच: अर्जेंटीना बनाम स्विट्जरलैंड (12 जुलाई)
कैसे पहुंचीं ये टीमें अंतिम 8 में? राउंड ऑफ 16 के मैच बेहद संघर्षपूर्ण रहे। फ्रांस ने पराग्वे को 1-0 से मात दी, जबकि मोरक्को ने कनाडा को 3-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। स्पेन ने पुर्तगाल के खिलाफ 1-0 से जीत दर्ज की, वहीं बेल्जियम ने मेजबान संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) को 4-1 से एकतरफा मुकाबले में हराया।
दूसरी ओर, इंग्लैंड ने मैक्सिको को 3-2 से रोमांचक मुकाबले में बाहर किया। नॉर्वे ने फुटबॉल की महाशक्ति ब्राजील को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया। अर्जेंटीना ने इजिप्ट के खिलाफ 3-2 से वापसी करते हुए जीत हासिल की, जबकि स्विट्जरलैंड और कोलंबिया के बीच हुआ मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक खिंचा, जिसमें स्विट्जरलैंड ने बाजी मारी।
खिताबी जंग का निर्णायक मोड़ टूर्नामेंट अब अपने सबसे निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। अब हर मैच 'करो या मरो' की स्थिति वाला है। सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करने और वर्ल्ड कप ट्रॉफी के करीब पहुंचने के लिए ये आठ टीमें अपनी पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं। फुटबॉल प्रशंसक अब इन मुकाबलों में और भी अधिक तीव्रता और रोमांच की उम्मीद कर रहे हैं।