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हॉर्मुज में 24 घंटे में तीसरे जहाज पर हुआ हमला, क्या ट्रंप की धमकी का असर
मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनावपूर्ण माहौल बनता दिखाई दे रहा है. दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल हॉर्मुज जलडमरूमध्य में पिछले 24 घंटों के दौरान तीसरे वाणिज्यिक जहाज पर हमले की खबर सामने आई है. लगातार हो रही इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में एक अंतरिम समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही थी. हालांकि, लगातार हो रहे हमलों ने हालात को फिर से संवेदनशील बना दिया है.
यूकेएमटीओ ने दी हमले की जानकारी
यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) के अनुसार, ताजा घटना में एक वाणिज्यिक टैंकर किसी अज्ञात वस्तु या प्रोजेक्टाइल की चपेट में आ गया. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जहाज को संरचनात्मक नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी के हताहत होने या तेल रिसाव की सूचना नहीं मिली है.
अधिकारियों ने बताया कि जहाज सुरक्षित है और मामले की जांच की जा रही है. साथ ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
पहले भी हुए थे दो हमले
ताजा हमला मंगलवार को सामने आई दो अन्य घटनाओं के बाद हुआ है. रिपोर्टों के अनुसार, इससे पहले कतर के एक एलएनजी कैरियर और सऊदी अरब के झंडे वाले एक कच्चे तेल के टैंकर को भी निशाना बनाया गया था.
इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है. समुद्री सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और सभी जहाजों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा गया है.
कतर ने ईरान पर लगाए आरोप
इन घटनाओं के बाद कतर ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कतर का दावा है कि उसके एलएनजी कैरियर अल रेकय्यात पर हमला ईरान की ओर से किया गया. रिपोर्टों के अनुसार, जहाज कथित तौर पर एक ड्रोन से टकराया, जिससे इंजन रूम में आग लग गई.
हालांकि जहाज पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं और राहत कार्य जारी है. घटना के बाद कतर ने इसे वैश्विक समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ गंभीर हमला करार दिया है.
समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर केवल क्षेत्रीय देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी पड़ सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे हमलों से शिपिंग कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और बीमा प्रीमियम पर भी असर पड़ सकता है.
जांच जारी, जहाजों को सतर्क रहने की सलाह
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने घटनाओं की जांच शुरू कर दी है. अभी तक किसी भी हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी किसी संगठन या देश ने नहीं ली है. इसी वजह से हमलों की प्रकृति और इनके पीछे जिम्मेदार तत्वों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.
यूकेएमटीओ और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों से कहा है कि वे निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें और किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों को दें.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार तीसरे वाणिज्यिक जहाज पर हमला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनकर सामने आया है. हालांकि इन घटनाओं में बड़े पैमाने पर जनहानि या तेल रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार बढ़ते हमलों ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है. फिलहाल अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और सभी जहाजों को अधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है
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