40 साल बाद बालाघाट के नक्सल मुक्त बिरसा ब्लॉक में पहली बार पहुंचे डॉक्टर, 125 बच्चों की बचाई जान
करीब चार दशक तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे बालाघाट के बिरसा ब्लॉक के दूरस्थ गांवों में अब तस्वीर बदल रही है। जिन इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहद मुश्किल थी, वहां पहली बार डॉक्टर और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर बच्चों और ग्रामीणों की जांच कर रही हैं। इसका असर भी सामने आया है। अलग-अलग बीमारियों से जूझ रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया और पिछले एक महीने में भर्ती 169 बच्चों में से 125 बच्चों को इलाज के बाद स्वस्थ कर घर भेजा जा चुका है। 44 बच्चों का अभी इलाज चल रहा है और स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक उनकी स्थिति ठीक है।
मामला बिरसा विकासखंड के कुंडेकसा, अडोरी, कोरका, बोंदारी सहित आसपास के दूरस्थ गांवों का है। लंबे समय तक नक्सल प्रभाव में रहने के कारण इन क्षेत्रों में सरकारी और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच चुनौती बनी रही। अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में लगातार पहुंच रही हैं और ग्रामीणों को बीमारी होने पर इलाज कराने के लिए भी समझाया जा रहा है।
बच्चों में दिखे बुखार, चकत्ते समेत कई लक्षण
जून 2026 में क्षेत्र में एक बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में जांच का दायरा बढ़ाया। बच्चे को तेज बुखार के साथ शरीर पर दाने-चकत्ते, मुंह में छाले, पेट दर्द, उल्टी-दस्त, भूख न लगना, कमजोरी और झटके जैसे लक्षण बताए गए थे।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की तलाश और जांच शुरू की। गांवों में सर्दी-खांसी, बुखार, चर्म रोग, मीजल्स, स्कैबीज और मलेरिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे बच्चे भी मिले।
169 बच्चे अस्पताल में भर्ती, 125 स्वस्थ होकर घर लौटे
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिछले एक महीने में कुल 169 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 16 अगस्त तक इनमें से 125 बच्चों को स्वास्थ्य लाभ मिलने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। शेष 44 बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और विभाग ने उनकी स्थिति ठीक बताई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें बच्चों की सेहत पर लगातार नजर रख रही हैं। जरूरत के मुताबिक मरीजों को गांव से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।
20 टीमें घर-घर कर रहीं सर्वे
इलाके में स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान के लिए 20 सर्वे टीमें घर-घर जाकर जांच कर रही हैं। इसके साथ 4 पीएम-जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट, 10 चिकित्सा अधिकारी और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 4 एंबुलेंस लगाई गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक अलग-अलग बीमारियों से पीड़ित 630 मरीजों की पहचान की गई है। इनमें बड़ी संख्या में मरीजों को घर पर ही उपचार दिया गया, जबकि जरूरत पड़ने पर बच्चों और दूसरे मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
10 गांवों के 980 घरों तक पहुंचा स्वास्थ्य अमला
- कुंडेकसा, बोंदारी, कोरका, घुम्मुर, अडोरी, मछुरदा, गठिया और मातला सहित आसपास के गांवों में सर्वे और स्वास्थ्य जांच की जा रही है। बच्चों को दवाइयां और जरूरी सप्लीमेंट भी दिए जा रहे हैं।
- अब तक 658 बच्चों को विटामिन-A की खुराक के साथ ORS और जिंक टैबलेट दी गई हैं। 597 बच्चों को आयरन सिरप, 521 बच्चों को एल्बेंडाजोल की टैबलेट और 63 बच्चों को मीजल्स की डोज दी गई है।
- मच्छर और लार्वा से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए 10 गांवों के 980 घरों में कीटनाशक का छिड़काव, इंडोर-आउटडोर फॉगिंग और लार्वा सर्वे भी किया जा रहा है।
इलाज के साथ ग्रामीणों का भरोसा जीतने की चुनौती
स्वास्थ्य विभाग के लिए इन दूरस्थ इलाकों में केवल बीमारी की पहचान और इलाज ही चुनौती नहीं है, बल्कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना भी अहम है। लंबे समय तक नक्सल प्रभाव में रहे इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य अमला लगातार ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हें बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने और जरूरत पड़ने पर अस्पताल पहुंचने के लिए समझा रहा है।
अब पहली बार इन इलाकों में बड़े स्तर पर स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार करने, घर-घर सर्वे करने और बीमार बच्चों को अस्पताल तक पहुंचाकर इलाज कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
Maharashtra News: लातूर में पूजा के बहाने तंत्र-मंत्र, नाबालिग को शिकार बनाने की साजिश पर केस दर्ज
Maharashtra News: लातूर में पूजा के बहाने तंत्र-मंत्र, नाबालिग को शिकार बनाने की साजिश पर केस दर्ज . . . #LaturNews #Maharashtra #BlackMagic #Udgir #POCSO #Superstition #LaturPolice #MaharashtraNews #CrimeNews #MaharashtraNews ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Disclaimer: Republic Media Network may provide content through third-party websites, operating systems, platforms, and portals (‘Third-Party Platforms’). Republic does not control and has no liability for Third-Party Platforms, including content hosted, advertisements, security, functionality, operation, or availability. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ रिपब्लिक भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल है। देश और दुनिया की जनहित से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल और मनोरंजन की खबरों का खजाना है । इस खजाने तक पहुंचने के लिए रिपब्लिक भारत से जुड़े रहिए और सब्सक्राइब करिए। ► http://bit.ly/RBharat R. Bharat TV - India's no.1 Hindi news channel keeps you updated with non-stop LIVE and breaking news. Watch the latest reports on political news, sports news, entertainment, and much more. आप Republic Bharat से जुड़ें और अपडेट्स पाएं! ???? Facebook: https://www.facebook.com/RepublicBharatHindi/ ???? Twitter: https://twitter.com/Republic_Bharat ???? Instagram: https://www.instagram.com/republicbharat/ ???? WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va7GPTi7dmecQ2LFH01I ???? Telegram: https://t.me/RepublicBharatHindi ???? LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/republic-bharat/
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News
Republic Bharat











