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Rajasthan: सोशल मीडिया पर युवाओं को बरगला रहा था पाक डॉन भट्टी, राजस्थान ATS ने ऐसे बिगाड़ा खेल

जयपुर में राजस्थान एटीएस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी कर रही है. एटीएस का दावा है कि पाकिस्तान में बैठे मोस्ट वांटेड डॉन शहजाद भट्टी के इशारे पर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जासूसी और तस्करी के लिए इस्तेमाल करने की साजिश रची जा रही थी. इस कार्रवाई में 28 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जबकि एक आरोपी को बाड़मेर से गिरफ्तार किया गया है.

25 जिलों में एक साथ छापेमारी और यूएपीए के तहत कार्रवाई

एडीजी एटीएस एवं एजीटीएफ दिनेश एमएन के निर्देशन में प्रदेश के 20 से अधिक शहरों और करीब 25 जिलों में एक साथ कार्रवाई की गई. तकनीकी सर्विलांस के आधार पर संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर 28 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया. सभी के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई की गई है.

सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग के जरिए युवाओं को लालच

जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठा शहजाद भट्टी फेसबुक, इंस्टाग्राम और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए राजस्थान के युवाओं से संपर्क करता था. पहले उन्हें पैसों और गैंगस्टर लाइफस्टाइल का लालच दिया जाता था, फिर उनसे सेना के संवेदनशील ठिकानों की फोटो और वीडियो जुटाने के साथ-साथ हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी में मदद ली जाती थी.

युवाओं की काउंसलिंग और डी-रेडिकलाइजेशन प्रक्रिया

एटीएस ने इस नेटवर्क से प्रभावित करीब 15 युवाओं की पहचान कर उनकी काउंसलिंग शुरू की है. अधिकारियों का कहना है कि इन युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए डी-रेडिकलाइजेशन प्रक्रिया भी चलाई जा रही है.

लॉरेंस बिश्नोई का पूर्व सहयोगी बना ISI का मोहरा

जांच एजेंसियों के मुताबिक शहजाद भट्टी पहले गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी और हथियारों का सप्लायर रहा है. बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ा और अब भट्टी पर ISI के लिए स्लीपर सेल नेटवर्क मजबूत करने का आरोप है.

बाड़मेर से मुख्य आरोपी बशीर गिरफ्तार

इस मामले में बाड़मेर के रामसर थाना क्षेत्र के गागरिया गांव निवासी 20 वर्षीय बशीर को गिरफ्तार किया गया है. एटीएस के इनपुट पर दर्ज मामले में जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी के संपर्क में था. आरोप है कि उसने भारत से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा कीं और सोशल मीडिया चैट में हथियारों की तस्वीरों का भी आदान-प्रदान हुआ. आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और 113(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

सुरक्षा एजेंसियों की तकनीकी निगरानी से खुली पोल

एडीजी दिनेश एमएन ने कहा कि तकनीकी निगरानी के जरिए पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पाकिस्तान से सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को बहकाने की कोशिश की जा रही थी. हमारी सतर्कता के कारण अब तक उनकी कोई भी देशविरोधी साजिश सफल नहीं हो सकी है.

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अनजान सोशल मीडिया प्रोफाइल से रहें सावधान

एडीजी दिनेश एमएन ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें. उन्होंने कहा कि राजस्थान में देशविरोधी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

रिपोर्ट – शरद पुरोहित

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बिहार में NDA में क्या चल रहा है? सीएम सम्राट ने नीतीश की मौजूदगी में बुलाई बैठक

बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार संगठन और प्रशासन के बीच तालमेल को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. इसी कड़ी में 10 जुलाई को पटना स्थित लोक सेवक आवास में एनडीए के सभी घटक दलों की अहम बैठक बुलाई गई है. इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी विशेष रूप से इसमें शामिल होंगे.

बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार के कामकाज की समीक्षा, संगठन से जमीनी फीडबैक लेना और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर विचार-विमर्श करना बताया जा रहा है.

एनडीए के सभी प्रमुख दल होंगे शामिल

बैठक में एनडीए के सभी पांच सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे. इनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) शामिल हैं.

इन दलों के प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, राष्ट्रीय स्तर के नेता और राज्य सरकार के मंत्री भी बैठक में मौजूद रहेंगे. इतने व्यापक स्तर पर नेताओं की भागीदारी को देखते हुए इसे बिहार की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार की मौजूदगी पर नजर

बैठक की सबसे खास बात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक साथ मौजूदगी होगी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों नेताओं की संयुक्त उपस्थिति गठबंधन की एकजुटता का संदेश देने के साथ-साथ संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में भी महत्वपूर्ण संकेत मानी जाएगी.

बैठक में राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, प्रशासनिक चुनौतियों और विकास कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है.

जिला अध्यक्षों से लिया जाएगा सीधा फीडबैक

इस बैठक में केवल शीर्ष नेतृत्व ही नहीं, बल्कि सभी घटक दलों के जिला अध्यक्षों को भी अनिवार्य रूप से बुलाया गया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों से सीधे संवाद करेंगे और उनसे जमीनी स्तर की स्थिति जानेंगे.

सरकार यह समझने की कोशिश करेगी कि विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक किस तरह पहुंच रहा है, किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है और संगठन स्थानीय स्तर पर कितना सक्रिय है.

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विकास कार्यों और समन्वय पर रहेगा फोकस

जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय झा के अनुसार बैठक में राज्य सरकार की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा प्रमुख एजेंडा होगी. इसके साथ ही एनडीए के सभी घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और संगठनात्मक मजबूती पर भी विशेष चर्चा की जाएगी.

बैठक के दौरान यह भी देखा जाएगा कि सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में कहीं कोई बाधा तो नहीं आ रही है और जनता की अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से कैसे पूरा किया जा सकता है.

आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी हो सकती है चर्चा

हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा सरकार और संगठन के बीच समन्वय को मजबूत करना बताया गया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इसमें भविष्य की राजनीतिक रणनीति और चुनावी तैयारियों पर भी विचार-विमर्श हो सकता है.

जिला स्तर के नेताओं से मिलने वाला फीडबैक आगामी कार्यक्रमों और संगठन की कार्ययोजना तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. यही कारण है कि इस बैठक को केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं माना जा रहा है.

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क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?

पिछले कुछ समय से बिहार में सरकार की कार्यशैली, योजनाओं के क्रियान्वयन और संगठन की सक्रियता को लेकर लगातार चर्चा होती रही है. ऐसे में सरकार सीधे जिला स्तर के पदाधिकारियों से संवाद कर वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बैठकें सरकार और संगठन के बीच संवाद को मजबूत करती हैं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मददगार साबित होती हैं. साथ ही, इससे गठबंधन के भीतर बेहतर तालमेल और साझा रणनीति बनाने का अवसर भी मिलता है.

10 जुलाई को होने वाली एनडीए की यह बैठक बिहार की राजनीति और प्रशासनिक दृष्टि से अहम मानी जा रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में सरकार के कामकाज की समीक्षा, संगठन की मजबूती और जमीनी फीडबैक पर विस्तार से चर्चा होगी. इसके साथ ही यह बैठक आने वाले समय में एनडीए की रणनीति और राजनीतिक दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

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  Sports

Team India में चयन पर भावुक हुए Yash Thakur, बोले- आज पापा का सपना पूरा हुआ।

 जब विदर्भ के तेज गेंदबाज यश ठाकुर जिम्बाब्वे के आगामी दौरे के दौरान भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में कदम रखेंगे तो यह किसी अनुभवहीन खिलाड़ी की कहानी नहीं होगी। यह एक ऐसे खिलाड़ी की कहानी होगी जिसने पिछले लगभग एक दशक से घरेलू क्रिकेट में जमकर पसीना बहाया है। यह एक ऐसे खिलाड़ी की कहानी होगी जिसके पिता ने अपने बेटे को भारतीय टीम की तरफ से खेलने का सपना देखा था। अब जबकि यह सपना साकार होने के करीब है तब दुर्भाग्य से उनके पिता इसे देखने के लिए जीवित नहीं हैं। 27 वर्षीय ठाकुर को हाल ही में श्रीलंका के भारत ए दौरे से लौटने के बाद नागपुर हवाई अड्डे पर अपना सामान लेने का इंतजार करते समय शायद उनके पेशेवर जीवन का अब तक का सबसे महत्वपूर्ण फोन कॉल आया।

यह फोन जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारत की टीम में उनके पहली बार चयन की सूचना देने के लिए था। भारतीय टीम इस दौरे में 23 से 26 जुलाई तक तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। यश ठाकुर ने पीटीआई से कहा, ‘‘सच कहूं तो मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी क्योंकि मैं श्रीलंका दौरे से अभी-अभी लौटा था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे इतनी जल्दी भारतीय टीम में जगह मिल जाएगी।’’ उन्होंने 2017 में लिस्ट ए क्रिकेट में पदार्पण किया था और 57 मैचों में वह 100 विकेट के करीब पहुंच चुके हैं। उन्होंने 74 टी20 मैच खेले हैं, जिनमें दो अलग-अलग फ्रेंचाइजी के लिए 22 आईपीएल मैच भी शामिल हैं। इसके अलावा, लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ आईपीएल के दौरान भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल के साथ उनकी अच्छी जान-पहचान भी रही है। ऐसे में ठाकुर को अनुभवहीन कहना गलत होगा।

वह वास्तव में भारतीय क्रिकेट प्रणाली का एक आदर्श उदाहरण हैं, जिन्होंने रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, ईरानी कप और विजय हजारे ट्रॉफी खेली हैं और बाद में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के संभावित तेज गेंदबाजों की सूची में शामिल किया गया था। उन्हें विश्वास है कि भारत की सीनियर टीम की तरफ से खेलने का उनका सपना जल्द ही सरकार हो जाएगा। यह सपना सिर्फ उनका ही नहीं था।

उनके पिता रविसिंह ठाकुर भी इसमें पूरी तरह से समर्पित थे, लेकिन 2023 में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था और वह अब इस सपने को साकार होते देखने के लिए इस दुनिया में नहीं हैं। इसके बाद हालांकि ठाकुर की मां काजल और बड़ी बहन ने उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

ठाकुर ने कहा ‘‘मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा है। मैं अभी भी इसे समझ नहीं पा रहा हूं। इसे पूरी तरह से स्वीकार करने में थोड़ा समय लगेगा। घर में सभी लोग काफी खुश हैं और अभी भी सारी भावनाएं उमड़ रही हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे पिताजी, मेरे परिवार का सपना था कि मैं भारत की तरफ से खेलूं। भारतीय टीम में चयन से यह सपना पूरा हो गया।’’ अपने जीवन के सबसे कठिन दौर के बारे में बात करते हुए, ठाकुर ने याद किया कि कैसे उनके पिता के अचानक निधन ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया था। उन्होंने कहा,‘‘मैं उस समय नागपुर में था। वह मेरे लिए बहुत मुश्किल समय था। मुझे इस क्षति से उबरने में काफी समय लगा।

लेकिन मेरे पिताजी कहते थे कि चाहे कुछ भी हो जाए मुझे अपने सपने को नहीं भूलना है और उसे साकार करने के लिए कड़ी मेहनत जारी रखनी है। उनके इन शब्दों में मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।’’ ठाकुर को यह स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं है कि उनकी क्रिकेट यात्रा का श्रेय उनके माता-पिता को जाता है, जिन्होंने मध्यम स्तर के व्यवसायी परिवार से होने की वित्तीय बाधाओं के बावजूद उनका समर्थन किया।

ठाकुर ने कहा, ‘‘उन्होंने मुझे कभी क्रिकेट खेलने से मना नहीं किया। मैंने जो भी फैसला लिया, वे मेरे साथ खड़े रहे। मैं उन्हें इसका पूरा श्रेय देता हूं। मैं एक साधारण परिवार से आता हूं।’’ ठाकुर ने मौजूदा टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल के साथ भारत की अंडर-19 टीम के साथ इंग्लैंड का दौरा किया था, लेकिन उस साल उन्हें अंडर-19 विश्व कप के लिए टीम में जगह नहीं मिली।

इसके बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत जारी रखी। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ समय से मुझे भारत ए की तरफ से खेलने के काफी मौके मिले जिससे मुझे लगने लग गया था कि मैं भारत की सीनियर टीम में जगह बना सकता हूं। लेकिन इसके साथ ही मैं यह अच्छी तरह से समझता था कि इसके लिए मुझे लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

Tue, 07 Jul 2026 18:04:41 +0530

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