Uttarakhand Weather News: रुड़की में तेज हवा के साथ झमाझम बारिश, लोगों को गर्मी से मिली राहत
Uttarakhand Weather News: रुड़की में मौसम ने अचानक करवट ले ली. तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू होने से पूरे शहर में घने बादल छा गए और दिन में ही मौसम सुहावना हो गया. पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है. बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, हालांकि कई जगह जलभराव और यातायात की रफ्तार भी धीमी पड़ गई. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है, इसलिए लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है.
वायनाड में भारी बारिश के बीच बड़ा भूस्खलन, 2 की मौत, कई घायल और 7 लापता; सामने आया वीडियो
देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच केरल के वायनाड जिले से एक बड़ी दुर्घटना सामने आई है. मंगलवार को कल्लाडी इलाके में हुए भीषण भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए. इसके अलावा सात अन्य लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है, जिनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है.
यह हादसा मीनाक्षी पुल के पास उस स्थान पर हुआ, जहां मलप्पुरम और वायनाड जिलों को जोड़ने वाली सुरंग सड़क परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा था. लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें नीचे आ गिरीं, जिससे निर्माण स्थल पर काम कर रहे लोग इसकी चपेट में आ गए.
बचाव अभियान में जुटीं कई एजेंसियां
हादसे के तुरंत बाद पुलिस, फायर एंड रेस्क्यू सर्विस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. राहत कार्य को तेज करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की दो टीमें भी मीनांगाडी और कोझिकोड से घटनास्थल के लिए रवाना की गईं.
प्रशासन के अनुसार, मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास जारी है. हालांकि, लगातार कीचड़ और फिसलन के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. जरूरत पड़ने पर सेना की सहायता लेने की भी तैयारी की गई है.
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— Chennai Weatherman (@chennaisweather) July 7, 2026
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मुख्यमंत्री ने ठेकेदारों पर लगाए गंभीर आरोप
हादसे के बाद मुख्यमंत्री वीडी. सतीशन ने आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह हादसा केवल खराब मौसम का परिणाम नहीं, बल्कि निर्माण एजेंसी और ठेकेदारों की कथित लापरवाही का नतीजा है.
मुख्यमंत्री के अनुसार, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन ने पहले ही निर्माण स्थल पर जमा मलबा और कीचड़ हटाने के निर्देश दिए थे. साथ ही संभावित भूस्खलन के खतरे को लेकर भी चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन इन निर्देशों का समय पर पालन नहीं किया गया.
मुख्यमंत्री ने लिया हालात का जायजा
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने वायनाड के जिला कलेक्टर से फोन पर बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. इसके बाद प्रभारी मंत्री के साथ आपात बैठक कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए.
राजस्व और कृषि विभाग के मंत्रियों को भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने के लिए कहा गया है. जिला प्रशासन लगातार राहत कार्यों की निगरानी कर रहा है और लापता लोगों की तलाश जारी है.
निर्माण कंपनी पर उठे सवाल
हादसे के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. राज्य सरकार के मंत्री टी. सिद्दीकी ने निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह प्राकृतिक आपदा कम और मानवीय लापरवाही का मामला अधिक प्रतीत होता है.
उन्होंने दावा किया कि जिला प्रशासन ने पहले ही निर्माण कंपनी को संभावित खतरे के बारे में आगाह किया था और सुरक्षा संबंधी उपाय करने के निर्देश दिए थे. इसके बावजूद आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, जिसके कारण यह दुखद हादसा हुआ.
पुरानी त्रासदी की याद फिर हुई ताजा
वायनाड पहले भी भूस्खलन की गंभीर घटनाओं का सामना कर चुका है. ऐसे में इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश के मौसम में संवेदनशील इलाकों में निर्माण कार्यों के दौरान अतिरिक्त सावधानी और वैज्ञानिक निगरानी बेहद आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
स्थिति पर बनी हुई है नजर
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान लापता लोगों की तलाश और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर है. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि राहत एवं बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी प्रभावित लोगों का पता नहीं चल जाता. साथ ही हादसे के कारणों की विस्तृत जांच भी कराई जाएगी, ताकि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके.
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