PM Modi Indonesia Visit: जकार्ता में पीएम मोदी का भव्य स्वागत की तस्वीरें | Top News | PM Modi |N18V
PM Modi Indonesia Visit: जकार्ता में पीएम मोदी का भव्य स्वागत की तस्वीरें | Top News | PM Modi |N18V #PMModi #NarendraModi #JakartaVisit #Indonesia #IndiaIndonesia #pmnews प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जकार्ता दौरे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है, इंडोनेशिया पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया, इस यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, रक्षा, संस्कृति और रणनीतिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत होने की उम्मीद है,देखिए पूरी खबर.. News18 UP Live, Hindi News Live, Aaj Ki Taza Khabar, Ram Temple Donation Theft, Ayodhya Donation Scam, CM Yogi on Shyama Prasad Mukherjee 125th Birth Anniversary, Bharat Tiwari latest news, UP weather latest update, Ketan Agarwal murder latest update, PM Modi 3-nation visit begins today news18 live | aaj ka taaja khabar | आज की ताजा खबर | up live news | news18 up live news | up news live | aaj ke taaja khabar | hindi hews | latest news | news in hindi | hindi samachar | hindi khabar | n18oc_uttar_pradesh SUBSCRIBE to get the Latest News & Updates - http://bit.ly/News18UP News18 Mobile App - https://onelink.to/desc-youtube Follow Us on Social Media: Website: https://bit.ly/3auydBL Twitter: https://twitter.com/News18UP https://twitter.com/News18_UK Facebook: https://www.facebook.com/News18UP/ https://www.facebook.com/News18UK/ About Channel: News18 UP Uttarakhand is one of India's leading Hindi news channel and can be watched live on YouTube. News18 UP Uttarakhand news channel is a part of Network 18. Topics such as politics, education, health, environment, economy, business, sports, and entertainment are covered by this channel. The channel gives nationwide coverage. News18 UP Uttarakhand ,भारत का एक मात्र भरोसेमंद और लोकप्रिय न्यूज़ चैनल है। यह चैनल नेटवर्क १८ का हिस्सा है। यह चैनल उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड के सभी क्षेत्रीय खबरों के साथ साथ सरकार, राजनीति, पर्यावरण , खेल-कूद से जुड़ी राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय खबरें प्रसारित करता है|
Explainer: कौन थे जसवंत सिंह खालड़ा? जिन पर बनी दिलजीत दोसांझ की 'सतलुज' भारत में हुई बैन, जानें पूरा विवाद
Satluj Ban Controversy: दिलजीत दोसांझ (Dijit Dosanjh) की फिल्म 'सतलुज' एक बार फिर सुर्खियों में है. करीब चार साल तक सेंसर बोर्ड के साथ विवाद झेलने के बाद फिल्म 3 जुलाई 2026 को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हुई, लेकिन 48 घंटे के अंदर ही इसे भारत में बैन कर दिया गया. इसके बाद फिल्म की कहानी के साथ-साथ उस शख्स के बारे में भी चर्चा तेज हो गई, जिस पर ये फिल्म बनी है, आखिर कौन थे जसवंत सिंह खालड़ा, उन्होंने ऐसा क्या किया था कि उनकी जिंदगी पर बनी फिल्म आज भी विवादों में है? आइए जानते हैं पूरी कहानी.
कौन थे जसवंत सिंह खालड़ा?
जसवंत सिंह खालड़ा (Jaswant Singh Khalra) का जन्म 2 नवंबर 1952 को पंजाब के तरनतारन जिले के खालड़ा गांव में हुआ था. शुरुआत में वे एक बैंक कर्मचारी थे, लेकिन 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद और पुलिस कार्रवाई के दौरान लगातार हो रही कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की घटनाओं ने उन्हें मानवाधिकार कार्यकर्ता बनने के लिए प्रेरित किया. बाद में वे पंजाब ह्यूमन राइट्स संगठन से जुड़े और लापता लोगों के मामलों की जांच में जुट गए.
आतंकवाद के खिलाफ उठाई आवाज
1984 के बाद पंजाब में आतंकवाद और उसके खिलाफ चल रहे ऑपरेशन के दौरान हजारों लोगों के गायब होने की खबरें सामने आने लगीं. तब जसवंत सिंह खालड़ा ने नगर निगम और श्मशान घाटों के रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए. उनकी जांच में दावा किया गया कि बड़ी संख्या में ऐसे लोगों का अंतिम संस्कार कर दिया गया था, जिनकी पहचान दर्ज नहीं थी और जिनके परिवारों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी. खालड़ा ने दावा किया कि हजारों लोगों को कथित तौर पर फर्जी मुठभेड़ों में मारकर "अनक्लेम्ड" बताकर अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनके इन खुलासों ने देश-विदेश में बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा कर दिया. बाद में ये मामला अदालतों तक पहुंचा.
जसवंत सिंह खालड़ा की हत्या
जसवंत सिंह खालड़ा को आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाने पर काफी कुछ झेलना पड़ा. एक बार 6 सितंबर 1995 में अमृतसर स्थित उनके घर के बाहर से उन्हें कथित तौर पर पंजाब पुलिस के कुछ कर्मियों ने अपहरण कर लिया. इसके बाद वो कभी जीवित नहीं मिले. मामले की जांच CBI को सौंपी गई और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद कई पुलिस अधिकारियों को उनके अपहरण और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया. साल 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने भी दोषियों की सजा को बरकरार रखा. वहीं, ये मामला भारत के सबसे चर्चित मानवाधिकार मामलों में गिना जाता है.
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लास्ट स्पीच में क्या कहा था?
साल 1995 में कनाडा में अपनी जिंदगी की आखिरी स्पीच देते हुए जसवंत सिंह ने कहा था- 'अब मुझे विश्वास है कि आज जब अंधेरा अपनी पूरी ताकत से सच्चाई पर हावी होगा, तो कुछ और नहीं तो मैं यही कहूंगा कि 'अणखीला पंजाब' वह रोशनी है जो उसे चुनौती देगी और मैं उस गुरु से प्रार्थना करता हूं जो सच्चाई से अपनी पहचान रखता है, कि वह इस रोशनी को हमेशा जलाए रखे.' वहीं, बता दें कि जसवंत सिंह खालड़ा की हत्या के बाद भी उनकी पत्नी, बीबी परमजीत कौर खालरा ने उनकी इस लड़ाई को पूरी मजबूती से आगे बढ़ाया. उनके परिवार में उनके दो बच्चे भी इसी संघर्ष का हिस्सा रहे.
'Punjab 95' से 'सतलुज' तक का सफर
अब फिल्म सतलुज की बात करे तो इसका निर्देशक हनी त्रेहान ने किया है. जिसमें दिलजीत दोसांझ लीड रोल में है. फिल्म का पहले नाम 'Punjab 95' रखा गया था, क्योंकि फिल्म का उद्देश्य खालड़ा के जीवन, उनके संघर्ष और उस दौर की घटनाओं को बड़े पर्दे पर दिखाना था. लेकिन रिलीज से पहले ही फिल्म विवादों में घिर गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, (CBFC) ने फिल्म में 120 से अधिक कट लगाने और कई बदलाव करने की मांग की. निर्माताओं ने इन बदलावों पर आपत्ति जताई, जिसके चलते फिल्म लंबे समय तक रिलीज नहीं हो सकी. बाद में इसका नाम बदलकर 'सतलुज' रखा गया.
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भारत में क्यों हुई बैन?
वहीं, करीब चार साल तक रिलीज अटकी रहने के बाद 'सतलुज' को 3 जुलाई 2026 को ओटीटी पर रिलीज किया गया. लेकिन दो दिन के अंदर ही फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया. बाद में ZEE5 ने पुष्टि की कि ये फिल्म अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं रहेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील विषयों का हवाला देते हुए फिल्म हटाने का अनुरोध किया था. हालांकि इस पर आधिकारिक विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए. फिल्म के हटने के बाद सेंसरशिप, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और ऐतिहासिक घटनाओं पर फिल्म बनाने को लेकर नई बहस शुरू हो गई है.
दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा?
वहीं, ओटीटी से फिल्म हटने के बाद दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर लाइव आकर फैंस के सामने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि ये फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि इतिहास के एक जरूरी अध्याय को सामने लाने की कोशिश हैं. निर्देशक हनी त्रेहान ने भी बताया कि फिल्म को बिना किसी बड़े प्रचार के ओटीटी पर रिलीज किया गया था, लेकिन कुछ ही समय बाद इसे हटा दिया गया.
क्यों बना हुआ है विवाद?
'सतलुज' केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि पंजाब के उस दौर की कहानी को दिखाती है जो आज भी राजनीतिक और सामाजिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है. जो लोग फिल्म को सपोर्ट कर रहे हैं उनका कहना है कि ये मानवाधिकारों की लड़ाई की कहानी है, जबकि ट्रोल करने वालों का मानना है कि ऐसे विषयों को दिखाने से पुराने विवाद दोबारा उभर सकते हैं. यही वजह है कि फिल्म लगातार विवादों में बनी हुई है. वहीं, अब फिल्म भारत में तो ऐविलेबल नहीं है, लेकिन इंटरनेशनल बाजारों में इसे ZEE5 Global पर रिलीज किया गया था.
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